Loksabha Speakar Election: करीब 50 साल पुरानी परंपरा टूटी, कल होगा लोकसभा स्पीकर का चुनाव

Authored By: गुंजन शांडिल्य

Published On: Tuesday, June 25, 2024

lok sabha speaker election between om birla and k suresh
lok sabha speaker election between om birla and k suresh

आख़िरकार 50 साल से चली आ रही सर्वसम्मति से स्पीकर चयन करने की परंपरा इस बार टूट रही है। विपक्षी गठबंधन इस बार सत्ता पक्ष की ओर से स्पीकर के लिए नामित उम्मीदवार का समर्थन न कर अपना उम्मीदवार उतार दिया है।

Authored By: गुंजन शांडिल्य

Last Updated On: Wednesday, June 26, 2024

करीब एक हफ्ते से मोदी सरकार स्पीकर को लेकर विपक्ष से बात कर रही थी। ताकि इस बार भी सर्वसम्मति से स्पीकर का चयन हो जाएं। लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए और कांग्रेस के नेतृत्व वाली इंडी गठबंधन के बीच बात नहीं बन पाई। बातचीत पर विराम लग चूका है। दोनों ही गठबंधन ने अपने-अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। इसके बाद करीब 50 साल चली आ रही परंपरा टूट जाएगी। इस बार लोकसभा स्पीकर चुनाव से तय होंगे।

स्पीकर का चुनाव का कल होना है। चुनाव की स्थिति में आज दोपहर 12 तक नामांकन के लिए अंतिम समय सीमा रखी गई थी। इसलिए आज सुबह एनडीए की ओर से 17 वीं लोकसभा में स्पीकर रह चुके ओम बिरला (Om Birla) को फिर से इस पद के लिए नामित किया गया। उन्होंने सुबह करीब 11 बजे नामांकन पत्र दाखिल कर दिया था। हालांकि सूत्र बताते हैं कि एनडीए (NDA) ने ओम बिरला के नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल (Congress General Secretary KC Venugopal) को बुलाया था। वे आये भी लेकिन हस्ताक्षर करने से मना कर दिया और बताया कि विपक्ष भी अपना उम्मीदवार उतारेगा।

के. सुरेश (K. Suresh) इंडी गठबंधन के उम्मीदवार

12 बजने से पहले इंडी गठबंधन ने भी स्पीकर के लिए 8 बार के कांग्रेस सांसद के. सुरेश के नाम की घोषणा कर दी। समय खत्म होने से पहले के. सुरेश ने नामांकन पत्र भी दाखिल कर दिया। उनके नामांकन के दौरान कांग्रेस (Congress) के अलावा डीएमके (DMK) के कई नेता मौजूद थे। इससे पहले कांग्रेस की ओर से भाजपा पर आरोप लगाया गया कि वह परंपरा का निर्वहन करने को तैयार नहीं है।

क्या कहा राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने

स्पीकर चुनाव पर आज राहुल गांधी ने भाजपा पर हमला किया। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे के पास केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) का फोन आया। राजनाथ सिंह जी ने खरगे जी से अपने स्पीकर के लिए समर्थन मांगा। विपक्ष ने साफ कहा है, हम स्पीकर को समर्थन देंगे लेकिन विपक्ष को डिप्टी स्पीकर मिलन चाहिए। राजनाथ सिंह जी ने कल शाम कहा था कि वे खरगे जी को कॉल रिटर्न करेंगे। लेकिन अभी तक खरगे जी के पास कोई जवाब नहीं आया है। परंपरा है कि डिप्टी स्पीकर विपक्ष को होना चाहिए। भाजपा परंपरा का पालन नहीं कर रही है।

भाजपा (BJP) ने राहुल के आरोप को नकारा

वहीं भाजपा की ओर आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता डिप्टी स्पीकर के अलावा और भी कई शर्त रख रहे थे।भाजपा की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू विपक्ष के नेताओं से बात कर रहे थे। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने अलग-अलग नेताओं से मुलाकात की। विपक्ष के कई नेताओं से फोन पर बातचीत की। सूत्रों बताते हैं, ‘स्पीकर के नाम पर विपक्षी दलों के साथ सहमति बनती तो डिप्टी स्पीकर का पद विपक्ष को दिया जा सकता था।’

तीसरी बार होगा चुनाव

18 वीं लोकसभा (18th Lok Sabha) तक तीसरी बार स्पीकर का चयन चुनाव से होने वाला है। सर्वप्रथम पहली लोकसभा (1952) में ही स्पीकर का चयन चुनाव के माध्यम से हुआ था। तब पहली बार स्पीकर को लेकर गणेश वासुदेव मालवंकर और शंकर शांताराम के बीच चुनाव हुआ था और कांग्रेस के सांसद मालवंकर स्पीकर बने थे। उसके बाद आपातकाल के दौरान भी 1976 में स्पीकर के लिए चुनाव हुआ था। उसे समय बलि राम भगत और जगन्नाथ राव के बीच चुनाव था। तब आरा से कांग्रेस सांसद बलि राम भगत चुनाव जीतकर स्पीकर बने थे। अब तीसरी बार 2024 में चुनाव होने जा रहा है। इस बार सत्ता पक्ष (एनडीए) की ओर से ओम बिरला हैं तो विपक्षी इंडी गठबंधन से कांग्रेस सांसद के. सुरेश के बीच मुकाबला होगा। ऐसे सत्ता पक्ष के पास बहुमत होने के कारण ओम बिरला का स्पीकर बनना लगभग तय माना जा रहा है।

गुंजन शांडिल्य समसामयिक मुद्दों पर गहरी समझ और पटकथा लेखन में दक्षता के साथ 10 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। पत्रकारिता की पारंपरिक और आधुनिक शैलियों के साथ कदम मिलाकर चलने में निपुण, गुंजन ने पाठकों और दर्शकों को जोड़ने और विषयों को सहजता से समझाने में उत्कृष्टता हासिल की है। वह समसामयिक मुद्दों पर न केवल स्पष्ट और गहराई से लिखते हैं, बल्कि पटकथा लेखन में भी उनकी दक्षता ने उन्हें एक अलग पहचान दी है। उनकी लेखनी में विषय की गंभीरता और प्रस्तुति की रोचकता का अनूठा संगम दिखाई देता है।
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