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विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के पहले ही भाषण पर क्यों हुआ विवाद
Authored By: गुंजन शांडिल्य
Published On: Tuesday, July 2, 2024
Last Updated On: Tuesday, July 2, 2024
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का पहला भाषण काफी चर्चा बटोर रहा है। हालांकि अपने भाषण में उन्होंने कई विवादित वक्तव्य भी दिए, जिसकी देश भर में आलोचना हो रही है। राहुल गांधी का सबसे ज्यादा विरोध हिन्दुओं पर दिए गए बयान पर हो रहा है।
Authored By: गुंजन शांडिल्य
Last Updated On: Tuesday, July 2, 2024
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का पहला भाषण काफी चर्चा बटोर रहा है। हालांकि अपने भाषण में उन्होंने कई विवादित वक्तव्य भी दिए, जिसकी देश भर में आलोचना हो रही है। राहुल गांधी का सबसे ज्यादा विरोध हिन्दुओं पर दिए बयान का हो रहा है। इस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तत्काल विरोध भी जताया था। इसके अलावा राहुल के अग्निवीर योजना पर दिए गए वक्तव्य को तथ्यात्मक गलती बताया जा रहा है। उनके भाषणों में से विवादित अंशों को हटा दिया गया है। इसका राहुल गांधी ने आज विरोध भी जताया है।
राहुल गांधी ने कल लोकसभा में अपने भाषण से भाजपा को कई मुद्दों पर घेरा। इसमें अग्निवीर योजना (Agniveer Yojana), मणिपुर (Manipur) , नीट परीक्षा (NEET Exam) , किसान आदि मुद्दों पर जोरदार ढंग से सरकार को घेरा। उन्होंने करीब 90 मिनट तक भाषण दिए। इस दौरान उन्होंने करीब 15 से अधिक मुद्दों को छुआ। लेकिन कई मुद्दों पर उन्होंने तथ्यात्मक गड़बड़ी कर दी। उन्होंने सदन में भगवन शंकर सहित कई धार्मिक गुरुओं के चित्र लेकर उन्होंने भाषण दिया। सत्ता पक्ष ने इस पर लोकसभा संचालन के नियमों का उल्लंघन माना।
राहुल का हिंदू विरोधी भाषण
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने करीब 90 मिनट तक भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने हिन्दुओं पर आपतिजनक बयान देकर विवाद पैदा कर दिया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भाजपा और संघ के बहाने हिन्दुओं को हिंसक बताने का प्रयास किया। इससे सदन में हंगामा शुरू हो गया। इस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तत्काल आपत्ति जताई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने कहा कि हम लोग सदन में विपक्ष के नेता को सुन रहे हैं और सदन हमेशा विपक्ष के नेता को गंभीरता से लिया है। लेकिन आज की भाषण में गंभीरता नहीं है।
भाजपा (BJP) हिन्दुओं का प्रतिनिधित्व नहीं करता
प्रधानमंत्री की आपत्ति पर राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मैं सभी हिन्दुओं को नहीं कह रहा हूं। मैं भाजपा के बारे में बोल रहा हूं। सत्तारूढ़ पार्टी पूरी तरह हिंदुत्व का प्रतिनिधित्व नहीं करती है। उन्होंने कहा, ‘मोदी जी, सत्तारूढ़ दल या आरएसएस पूरे हिंदू समाज का प्रतिनिधित्व नहीं करते। जो खुद को हिंदू कहते हैं, वे चौबीसों घंटे हिंसा-हिंसा, नफरत-नफरत करते हैं।
अग्निवीर पर तथ्यात्मक झूठ
राहुल गांधी ने हिन्दुओं पर आपत्तिजनक भाषण के बाद अग्निवीर के बहाने सरकार को घेरने की कोशिश की। लेकिन यहां उन्होंने गलत तथ्य रख दिए। नियमतः सदन में गलत तथ्य रखना अनुचित माना जाता है। अग्निवीर पर राहुल गांधी ने कहा कि अग्निवीर योजना में नियुक्त जवानों को शहीद होने पर मुआवजा नहीं मिलता है। इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तत्काल जवाब दिया। राजनाथ सिंह ने जवाब में कहा कि प्रतिपक्ष के नेता गलत तथ्य सदन में रख रहे हैं। अग्निवीर के शहीद होने पर करीब 1 करोड़ रुपए दिया जाता है।
अग्निवीर पर राहुल ने दूसरा गलत तथ्य यह दिया कि भारत के अग्निवीर को छह महीने का प्रशिक्षण देकर चीन के पांच साल प्रशिक्षण प्राप्त सैनिकों के सामने खड़ा कर दिया जाता है। राहुल गांधी का यह तथ्य भी पूरी तरह गलत है। क्योंकि पुरे विश्व में किसी भी देश के सैनिकों को पांच साल का प्रशिक्षण नहीं दिया जाता है।
विवादित बयान पर देश में विरोध
हिन्दुओं पर राहुल गांधी के आपत्तिजनक बयान के बाद देश के कई राज्यों में विरोध भी शुरू हो गया है। हिंदू समर्थक संस्थाएं गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान सहित कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन किया है। ये लोग राहुल गांधी ने माफ़ी मांगने की मांग कर रहे हैं। कुछ शहरों में कांग्रेस के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
विवादित अंश रिकॉर्ड से हटा
राहुल गांधी के विवादित भाषण के कई अंश को सदन के रिकॉर्ड से हटाया गया है। लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला (Speaker Om Birla) ने यह निर्णय लिया है। राहुल के विवादित भाषण में से हिंदुओं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा और संघ आदि पर दिए गए भाषण के अंश को हटाया गया। इस पर राहुल गांधी ने आज प्रतिक्रिया भी दी है। उन्होंने कहा कि मोदी जी की दुनिया में सच्चाई मिटाई जा सकती है। हकीकत में सच को नहीं मिटाया जा सकता। उन्होंने लोकसभा स्पीकर को चिट्ठी लिखकर अपने बयान के अंश हटाने को संसदीय लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ बताया।













