19 अगस्त को है रक्षाबंधन, श्रीकाशी विद्वत परिषद के ज्योतिषाचार्य बताते हैं भद्रा के कारण दोपहर 1.24 बजे से बहनें बांधेंगी भाई को राखी

Authored By: स्मिता

Published On: Monday, August 12, 2024

rakhi 19 august 2024
rakhi 19 august 2024

भाई-बहनों के बीच प्यार और बंधन को समर्पित है रक्षा बंधन या राखी का त्यौहार (Rakhi 2024)। विशेष मुहूर्त पर बांधी जाती है राखी। इस साल विशेष अवधि तक भद्रा काल रहेगा, जिसमें राखी नहीं बांधी जाती है। भद्रा के कारण 19 अगस्त को दोपहर 1.24 बजे से बहनें बांध पाएंगी भाई को राखी।

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Last Updated On: Monday, August 12, 2024

रक्षाबंधन सुरक्षा घेरे का एहसास दिलाता है (Rakhi 2024)। इस दिन बहनें लंबी उम्र और समृद्धि की प्रार्थना के लिए भाइयों की कलाई पर पवित्र धागा ‘राखी’ बांधती हैं। बदले में भाई बहनों को सभी समस्याओं से बचाने की कसम खाते हैं। यह त्योहार भाई-बहनों के बीच अमिट प्यार और सम्मान का प्रतीक है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, रक्षा बंधन श्रावण के चंद्र कैलेंडर महीने के अंतिम दिन पूर्णिमा को पड़ता है। इस दिन विशेष मुहूर्त में बहनें भाई को राखी बांधती हैं।

कब तक रहेगा भद्रा काल (Bhadra Period), क्या है विशेषज्ञ की राय

श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को मनाया जाने वाला रक्षाबंधन इस बार सोमवार 19 अगस्त (Rakhi 2024) को पड़ रहा है। इसी दिन भद्रा से रहित काल में 1.24 बजे से रक्षाबंधन के विधान होंगे। श्रीकाशी विद्वत परिषद के संगठन मंत्री ज्योतिषाचार्य प्रो. विनय कुमार पांडेय के अनुसार, पूर्णिमा 18 अगस्त की रात 2.18 बजे से आरंभ होकर 19 अगस्त की मध्य रात्रि 12.29 बजे तक रहेगी। पूर्णिमा तिथि आरंभ होने के साथ ही भद्रा लग जाती है। यह पूर्णिमा के अर्धभाग तक रहती हैं। इसमें रक्षाबंधन पूर्णतया शास्त्र विरुद्ध माना गया है। इस वर्ष 18 अगस्त की रात्रि 2.18 बजे से 19 अगस्त के दोपहर 1.24 बजे तक भद्रा रहेगी। इसलिए इस समय के बाद राखी बांधी जायेगी।

रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) की पौराणिक कथा

हिंदू शास्त्रों और महाकाव्यों में रक्षाबंधन का वर्णन किया गया है। जनसामान्य में प्रचलित एक किंवदंती के अनुसार, महाभारत काल से ही भाई-बहनों का यह त्यौहार मनाया जा रहा है। कथा है कि एक बार भगवान कृष्ण की उंगली कट गई थी। उस समय उपस्थित द्रौपदी ने श्रीकृष्ण की उंगली को कटते हुए देखा। उन्होंने तुरंत अपनी साड़ी का एक टुकड़ा फाड़ लिया और खून बहने से रोकने के लिए उसे उनकी उंगली पर बांध दिया। उसी समय भगवान श्रीकृष्ण ने द्रौपदी की रक्षा करने का संकल्प ले लिया। तब से ही रक्षाबंधन मनाये जाने की शुरुआत हो गई।

एक दूसरे के प्रति जिम्मेदारियों की याद दिलाता है रक्षाबंधन

rakhi 19 aug 2024

रक्षाबंधन के दिन बहन और भाई पवित्र स्नान कर पारंपरिक पोशाक पहनते हैं। बहनें राखी, अक्षत, मिठाई और दीपक के साथ थाली तैयार करती हैं। बहनें भाइयों की आरती करती हैं। उनके माथे पर तिलक लगाती हैं और राखी बांधती हैं। बदले में भाई बहनों की रक्षा करने का वादा करते हैं। उन्हें प्यार के प्रतीक के रूप में उपहार या पैसे देती हैं। रक्षाबंधन का त्यौहार एक दूसरे के प्रति हमारी जिम्मेदारियों की याद दिलाता है। समाज में करुणा और एकजुटता की भावना को बढ़ावा देता है।

(हिंदुस्तान समाचार के इनपुट्स के साथ)

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स्मिता धर्म-अध्यात्म, संस्कृति-साहित्य, और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर शोधपरक और प्रभावशाली पत्रकारिता में एक विशिष्ट नाम हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव समसामयिक और जटिल विषयों को सरल और नए दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करने में उनकी दक्षता को उजागर करता है। धर्म और आध्यात्मिकता के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और साहित्य के विविध पहलुओं को समझने और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने में उन्होंने विशेषज्ञता हासिल की है। स्वास्थ्य, जीवनशैली, और समाज से जुड़े मुद्दों पर उनके लेख सटीक और उपयोगी जानकारी प्रदान करते हैं। उनकी लेखनी गहराई से शोध पर आधारित होती है और पाठकों से सहजता से जुड़ने का अनोखा कौशल रखती है।
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