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Sawan 2026: सावन में त्योहारों की बहार, ग्रहण का संयोग फिर भी नहीं पड़ेगा धार्मिक कार्यों पर असर
Authored By: Nishant Singh
Published On: Saturday, July 18, 2026
Last Updated On: Saturday, July 18, 2026
Sawan 2026: 30 जुलाई से शुरू होने वाला सावन 2026 शिव भक्तों के लिए विशेष रहेगा. इस महीने चार सावन सोमवार, शिवरात्रि, हरियाली तीज, नाग पंचमी और रक्षाबंधन जैसे प्रमुख पर्व मनाए जाएंगे. सूर्य और चंद्र ग्रहण का संयोग भी बनेगा, लेकिन भारत में दिखाई न देने के कारण धार्मिक अनुष्ठानों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Saturday, July 18, 2026
Sawan 2026: हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है. वर्ष 2026 में सावन की शुरुआत 30 जुलाई से होगी और इसका समापन 28 अगस्त को सावन पूर्णिमा के साथ होगा. पूरे महीने शिव भक्त व्रत, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना करेंगे. इस बार सावन में कई प्रमुख पर्व भी पड़ रहे हैं, वहीं अगस्त में सूर्य और चंद्र ग्रहण का भी संयोग बन रहा है. हालांकि राहत की बात यह है कि इन ग्रहणों का भारत में धार्मिक अनुष्ठानों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.
सावन 2026 के चार सोमवार
सावन में सोमवार का विशेष महत्व होता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा और व्रत करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इस वर्ष सावन में कुल चार सोमवार पड़ेंगे.
- पहला सावन सोमवार – 3 अगस्त 2026
- दूसरा सावन सोमवार – 10 अगस्त 2026
- तीसरा सावन सोमवार – 17 अगस्त 2026
- चौथा और अंतिम सावन सोमवार – 24 अगस्त 2026
सावन के प्रमुख पर्व
- 11 अगस्त – सावन शिवरात्रि: सावन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाने वाली शिवरात्रि का विशेष महत्व है. इस दिन देशभर के शिव मंदिरों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जाता है. बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोलेनाथ का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं.
- 15 अगस्त – हरियाली तीज: सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाने वाली हरियाली तीज विवाहित महिलाओं के लिए बेहद शुभ मानी जाती है. इस दिन महिलाएं माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा कर पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं.
- 17 अगस्त – नाग पंचमी: इस बार नाग पंचमी सोमवार के दिन पड़ रही है, जिससे इसका महत्व और बढ़ गया है. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन नाग देवता की पूजा करने से कालसर्प दोष से राहत मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.
- 28 अगस्त – रक्षाबंधन: सावन पूर्णिमा के दिन भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन मनाया जाएगा. इस दिन बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी मंगलकामना करती हैं और भाई जीवनभर रक्षा का वचन देते हैं.
अगस्त में ग्रहण का विशेष संयोग
सावन 2026 में दो बड़ी खगोलीय घटनाएं भी होंगी. 12 अगस्त को पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए इसका सूतक काल भारत में मान्य नहीं होगा और पूजा-पाठ या मंदिरों की गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण, फिर भी नहीं होगी कोई बाधा
28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन साल का दूसरा और अंतिम आंशिक चंद्र ग्रहण भी लगेगा. भारतीय समयानुसार यह ग्रहण सुबह 6:53 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा. चूंकि इस दौरान भारत में चंद्रमा दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल प्रभावी नहीं माना जाएगा. इसका अर्थ है कि राखी बांधने, पूजा-अर्चना, मंदिरों के कपाट और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों पर ग्रहण का कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा.
सावन में भक्ति और उत्सव का अनूठा संगम
सावन 2026 शिव भक्ति, व्रत, त्योहारों और धार्मिक उल्लास से भरपूर रहने वाला है. चार सावन सोमवार, शिवरात्रि, हरियाली तीज, नाग पंचमी और रक्षाबंधन जैसे प्रमुख पर्व इस महीने को और खास बनाएंगे. ग्रहण का संयोग होने के बावजूद भारत में उसके दृश्य न होने के कारण श्रद्धालु बिना किसी चिंता के सभी धार्मिक परंपराओं और उत्सवों को पूरे श्रद्धाभाव से मना सकेंगे.
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