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अजीत अगरकर के 2 विवादास्पद फैसले, जिसने क्रिकेट जगत में मचाई हलचल
Authored By: Ranjan Gupta
Published On: Thursday, December 4, 2025
Last Updated On: Thursday, December 4, 2025
भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर के दो फैसलों ने भारतीय क्रिकेट में भूचाल ला दिया. रोहित शर्मा को ODI कप्तानी से हटाना और हार्दिक पांड्या को व्हाइट-बॉल लीडरशिप से साइडलाइन करना. इन कदमों ने टीम मैनेजमेंट, खिलाड़ियों और फैंस के बीच कई सवाल खड़े कर दिए.
Authored By: Ranjan Gupta
Last Updated On: Thursday, December 4, 2025
Ajit Agarkar: भारतीय क्रिकेट में कप्तानी के बदलाव हमेशा सुर्खियां बटोरते हैं, लेकिन अजीत अगरकर के दो फैसलों ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है. रोहित शर्मा को ODI कप्तान के पद से हटाना और हार्दिक पांड्या को व्हाइट-बॉल लीडरशिप से बाहर करना ने इतना बड़ा तूफ़ान खड़ा किया, जिसकी गूंज महीनों बाद भी सुनाई दे रही है.
एक तरफ वो रोहित शर्मा थे, जिनकी कप्तानी में भारत ने 2023 ODI वर्ल्ड कप फाइनल, 2024 T20 वर्ल्ड कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े मुकाम छुए. दूसरी ओर हार्दिक पांड्या, जिन्हें रोहित का स्वाभाविक उत्तराधिकारी माना जा रहा था. लेकिन अगरकर एंड कंपनी ने ऐसी रणनीति अपनाई जिसने दोनों को चौंका दिया और क्रिकेट फैंस को भी.
बात सिर्फ कप्तानी बदलने की नहीं थी, बल्कि उस संवादहीनता की थी जिसने इन फैसलों को और विवादास्पद बना दिया. रोहित का कहना कि उन्हें बस “बता दिया गया”, हार्दिक के साथ ‘बात करने की बात’ का अधूरा वादा, और SKY को अचानक T20I कप्तान बनाने का फैसला, इन सबने मिलकर कई सवाल खड़े कर दिए.
रोहित शर्मा को ODI कप्तानी से हटाने का फैसला
भारत को 2023 ODI वर्ल्ड कप फाइनल, 2024 T20 वर्ल्ड कप खिताब और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जिताने वाले रोहित शर्मा को अचानक ODI कप्तानी से हटा दिया गया. तर्क दिया गया कि अलग-अलग फॉर्मेट के लिए अलग कप्तान रखना टीम के लिए बेहतर है. लेकिन फैंस और एक्सपर्ट्स के लिए यह कदम हैरान करने वाला था, क्योंकि रोहित की लीडरशिप भारत के स्वर्णकाल जैसे दौर की वजह बनी थी.
सिलेक्टर्स का लक्ष्य 2027 ODI वर्ल्ड कप को माना जा रहा था. लेकिन विवाद तब बढ़ गया, जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में अगरकर यह साफ नहीं बता पाए कि उन्होंने इस फैसले पर रोहित से कैसी बातचीत की. रोहित, जो 2027 के लिए खुद को फिट रखने पर मेहनत कर रहे थे, फैसले से बिल्कुल अनजान थे और उन्हें अचानक बताया गया.
इससे टीम के अंदर कम्युनिकेशन गैप और भरोसे की कमी की बातें सामने आईं. रोहित ने 38 साल की उम्र में भी 50 ओवर वर्ल्ड कप का सपना जिंदा रखा था, और यह फैसला उन्हें स्वाभाविक रूप से परेशान कर गया.
हार्दिक पांड्या को व्हाइट-बॉल नेतृत्व से हटाना
रोहित के बाद दूसरा विवाद तब उठा जब सूर्यकुमार यादव को T20I कप्तान बना दिया गया. हार्दिक को पीछे छोड़ते हुए. हैरानी की बात यह रही कि हार्दिक इस फॉर्मेट में रोहित के डिप्टी थे और व्हाइट-बॉल कप्तानी के सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे थे.
जानकारी के मुताबिक, अगरकर ने वादा किया था कि इस बदलाव पर वह हार्दिक से बात करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. हार्दिक, जिन्होंने गुजरात टाइटन्स को IPL चैंपियन बनाया और दो ICC टूर्नामेंट में रोहित के उप-कप्तान रहे, उन्हें फिटनेस और उपलब्धता के मुद्दों के नाम पर हटाया गया.
अगरकर ने कहा- हार्दिक भारत के लिए बेहद जरूरी खिलाड़ी हैं, लेकिन उनकी फिटनेस सिलेक्टर्स के लिए चिंता का विषय रही है. दूसरी ओर SKY की फॉर्म गिरने के बावजूद कप्तान के तौर पर उन्हें लेकर कोई सवाल नहीं उठाया गया.
आगे क्या?
रोहित और हार्दिक से जुड़े इन दो विवादित फैसलों की असली परीक्षा अब आने वाले दो ICC टूर्नामेंट में होगी. खासकर 2026 T20 वर्ल्ड कप में. आने वाले महीनों में ही साफ हो जाएगा कि अगरकर के ये फैसले भारतीय क्रिकेट के लिए सही साबित होते हैं या टीम का संतुलन बिगाड़ते हैं.
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