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अखिलेश के बिगड़े बोल, कहा – मठाधीश और माफिया में फर्क नहीं
Authored By: सतीश झा
Published On: Friday, September 13, 2024
Last Updated On: Friday, September 13, 2024
समाजवादी पार्टी (SP) के मुखिया और सांसद अखिलेश यादव के ताजा बयान को लेकर कई संतों ने नाराजगी जताई है। मंगेश यादव के एनकाउंटर पर बात करते-करते अखिलेश ने कह दिया था कि राज्य में मठाधीश और माफिया में अब कोई अंतर नहीं रह गया है।
Authored By: सतीश झा
Last Updated On: Friday, September 13, 2024
समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव (SP Chief Akhilesh Yadav) ने एक बार फिर विवादित बयान देते हुए कहा कि मठाधीश और माफिया में कोई फर्क नहीं है। अखिलेश के इस बयान से राजनीतिक माहौल गर्मा गया है और विरोधी दलों ने उनकी कड़ी आलोचना की है। विभिन्न धर्माचार्यों ने अखिलेश पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद जैसे माफियाओं को गोद में बिठाने वाले अखिलेश यादव मठाधीश और माफिया का अंतर क्या जानेंगे।
अखिलेश ने यह टिप्पणी उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए की, जहां उन्होंने मठाधीशों की तुलना माफिया से कर दी। उनके इस बयान को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा हमला माना जा रहा है, जो गोरखनाथ मंदिर के महंत भी हैं। अखिलेश के इस बयान के बाद भाजपा ने उन पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और सस्ती राजनीति करने का आरोप लगाया है।
भाजपा (BJP) नेताओं ने अखिलेश के इस बयान को समाज के संत समुदाय का अपमान बताया है और उनसे माफी मांगने की मांग की है। वहीं, अखिलेश के समर्थक इसे सरकार की मठाधीशों और माफिया के बीच के गठजोड़ को उजागर करने वाला बयान मान रहे हैं।
मठाधीशों पर टिप्पणी से भड़के संत, बोले – ईश्वर अखिलेश को सद्बुद्धि दें
समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के मठाधीशों को माफिया से तुलना करने वाले बयान पर संत समाज में गहरा आक्रोश है। आगरा के श्री मन:कामेश्वर मंदिर के महंत योगेश पुरी महाराज ने अखिलेश के इस बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि मठाधीश तो वो भी हैं और राज सत्ता चलाते हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “अखिलेश अगर कह रहे हैं कि मठाधीशों और माफिया में कोई अंतर नहीं है तो पहले वह अपने को देखें। जिनके पिता ने कारसेवकों पर गोलियां चलवाई थीं और जिनके मंत्री श्रीराम के बारे में अपमानजनक बातें करते हैं, उनकी मंशा मठों के प्रति क्या होगी, यह सब समझ सकते हैं। भगवान उन्हें सद्बुद्धि दें।”
‘मानसिक संतुलन खो बैठे हैं अखिलेश’
श्री पंचायती अखाड़ा महा निर्वाणी यमुना पुरी के सचिव ने भी अखिलेश यादव के बयान पर कड़ा प्रहार किया और कहा कि अखिलेश मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया, “जिसके पिता ने अपने शासन में अयोध्या में राम भक्तों पर गोलियां चलवाई थीं और जिनके शासन में मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद जैसे माफियाओं को संरक्षण मिला, उन्हें मठाधीश और माफिया में फर्क कैसे समझ आएगा?”
अखिलेश के इस बयान के बाद से संत समाज और विभिन्न धार्मिक संगठनों में भारी नाराजगी है। संतों का कहना है कि अखिलेश यादव ने मठाधीशों की तुलना माफिया से करके धार्मिक भावनाओं को आहत किया है। संतों ने अखिलेश से माफी की मांग करते हुए कहा कि उनका बयान न केवल संत समाज बल्कि समूचे धर्मप्रेमी समाज का अपमान है।









