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CM योगी आदित्यनाथ Birthday Special: पंचूर के अजय बिष्ट से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने तक, जीवन परिचय, राजनीतिक सफर और बड़ी उपलब्धियां
Authored By: Nishant Singh
Published On: Friday, June 5, 2026
Last Updated On: Friday, June 5, 2026
CM Yogi Birthday: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जीवन आध्यात्मिकता, राजनीति और जनसेवा का अनूठा संगम है. उत्तराखंड के पंचूर गांव में जन्मे अजय सिंह बिष्ट ने संन्यास लेकर योगी आदित्यनाथ की पहचान बनाई. पांच बार सांसद और दो बार मुख्यमंत्री बनकर उन्होंने प्रशासन, विकास और कानून-व्यवस्था में अपनी अलग छाप छोड़ी.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Friday, June 5, 2026
CM Yogi Birthday: भारतीय राजनीति में कुछ ऐसे नेता हैं जिनकी पहचान केवल राजनीति तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उनका व्यक्तित्व समाज, धर्म, प्रशासन और जनसेवा के क्षेत्रों में भी प्रभाव छोड़ता है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ऐसे ही नेताओं में शामिल हैं. एक साधारण परिवार में जन्म लेने वाले अजय सिंह बिष्ट ने संन्यास का मार्ग अपनाकर योगी आदित्यनाथ के रूप में नई पहचान बनाई और फिर देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने. उनकी राजनीतिक यात्रा, प्रशासनिक शैली और धार्मिक पृष्ठभूमि उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाती है.
योगी आदित्यनाथ का संक्षिप्त परिचय
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पूरा नाम | योगी आदित्यनाथ |
| मूल नाम | अजय सिंह बिष्ट |
| जन्म तिथि | 5 जून 1972 |
| जन्म स्थान | पंचूर गांव, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड |
| पिता का नाम | आनंद सिंह बिष्ट |
| माता का नाम | सावित्री देवी |
| शिक्षा | विज्ञान स्नातक (B.Sc.) |
| वैवाहिक स्थिति | विरक्त ब्रह्मचारी |
| गुरु | ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ |
| धर्म-संस्था | गोरखनाथ मठ |
| वर्तमान पद | मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश |
| निवास | मुख्यमंत्री आवास, कालिदास मार्ग, लखनऊ |
बचपन और पारिवारिक जीवन
योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के पंचूर गांव में हुआ था. उनका परिवार सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार था. पिता आनंद सिंह बिष्ट वन विभाग में कार्यरत थे, जबकि माता सावित्री देवी गृहिणी थीं. सात भाई-बहनों के परिवार में योगी पांचवें स्थान पर हैं.
पर्वतीय क्षेत्र में पले-बढ़े योगी आदित्यनाथ का बचपन अनुशासन, मेहनत और सादगी के बीच बीता. ग्रामीण जीवन की कठिनाइयों को करीब से देखने के कारण उनमें समाज और आम लोगों की समस्याओं को समझने की क्षमता विकसित हुई. यही अनुभव आगे चलकर उनके सार्वजनिक जीवन में भी दिखाई देता है.
शिक्षा और आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत
योगी आदित्यनाथ ने विज्ञान विषय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की. छात्र जीवन के दौरान ही उनकी रुचि सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में बढ़ने लगी थी. पढ़ाई के दौरान वे राष्ट्र, समाज और संस्कृति से जुड़े विषयों पर विशेष ध्यान देते थे.
स्नातक के बाद उनका संपर्क गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मठ से हुआ. यहां उनकी मुलाकात नाथ परंपरा के प्रमुख संत महंत अवैद्यनाथ से हुई. यह मुलाकात उनके जीवन का निर्णायक मोड़ साबित हुई.
अजय सिंह बिष्ट से योगी आदित्यनाथ बनने तक
वर्ष 1994 में उन्होंने महंत अवैद्यनाथ से दीक्षा ग्रहण कर संन्यास स्वीकार किया. संन्यास लेने के बाद उनका नाम अजय सिंह बिष्ट से बदलकर योगी आदित्यनाथ रखा गया.
महज 22 वर्ष की आयु में सांसारिक जीवन त्यागकर उन्होंने समाज सेवा और आध्यात्मिक मार्ग को अपना लिया. गोरखनाथ मठ में रहते हुए उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण से जुड़े अनेक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाई. धीरे-धीरे वे पूर्वांचल क्षेत्र में लोकप्रिय होते गए.
गोरखनाथ मठ की जिम्मेदारी
गोरखनाथ मठ केवल धार्मिक केंद्र नहीं बल्कि सामाजिक सेवा का भी बड़ा संस्थान है. योगी आदित्यनाथ इसके पीठाधीश्वर हैं और इसके माध्यम से अनेक सामाजिक कार्य संचालित किए जाते हैं.
मठ से जुड़े प्रमुख कार्य
- शिक्षा संस्थानों का संचालन
- अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाएं
- गरीबों की सहायता
- धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम
- गौसेवा और सामाजिक कल्याण
आज वे चार दर्जन से अधिक शैक्षणिक, स्वास्थ्य और धर्मार्थ संस्थाओं के संरक्षक एवं संचालक माने जाते हैं.
राजनीति में प्रवेश
योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता बढ़ने के साथ ही उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा. भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें 1998 के लोकसभा चुनाव में गोरखपुर से उम्मीदवार बनाया.
सिर्फ 26 वर्ष की आयु में उन्होंने चुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया. उस समय वे देश के सबसे युवा सांसदों में शामिल थे. उनकी जीत ने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में पहचान दिलाई.
लगातार पांच बार सांसद बनने का रिकॉर्ड
| लोकसभा | वर्ष |
|---|---|
| 12वीं लोकसभा | 1998 |
| 13वीं लोकसभा | 1999 |
| 14वीं लोकसभा | 2004 |
| 15वीं लोकसभा | 2009 |
| 16वीं लोकसभा | 2014 |
योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर लोकसभा सीट से लगातार पांच चुनाव जीते.
संसद में निभाई गई प्रमुख जिम्मेदारियां
सांसद रहते हुए योगी आदित्यनाथ ने कई महत्वपूर्ण संसदीय समितियों में काम किया.
प्रमुख जिम्मेदारियां
- खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण संबंधी स्थायी समिति
- गृह मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति
- विदेश मामलों की स्थायी समिति
- सरकारी आश्वासन समिति
- परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति समिति
- सार्वजनिक उपक्रम संबंधी संसदीय समिति
- सांसद वेतन, भत्ते और पेंशन संबंधी संयुक्त संसदीय समिति के सभापति
इन जिम्मेदारियों ने उन्हें प्रशासनिक और नीतिगत मामलों की गहरी समझ प्रदान की.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने तक का सफर
साल 2017 उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ. विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत मिला और 19 मार्च 2017 को योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.
एक संन्यासी का देश के सबसे बड़े राज्य का मुख्यमंत्री बनना राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी घटना माना गया. मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने कानून-व्यवस्था, निवेश, बुनियादी ढांचे और विकास योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया.
दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने का इतिहास
2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने फिर शानदार जीत दर्ज की. इसके बाद 25 मार्च 2022 को योगी आदित्यनाथ लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने.
उत्तर प्रदेश में कई दशकों बाद किसी मुख्यमंत्री की पूर्ण बहुमत के साथ लगातार वापसी हुई. इस जीत ने उनकी राजनीतिक स्वीकार्यता को और मजबूत किया.
कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख
योगी आदित्यनाथ की पहचान एक सख्त प्रशासक के रूप में बनी है. उनके कार्यकाल में अपराध और माफिया के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई.
प्रशासनिक छवि की प्रमुख विशेषताएं
- अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
- अवैध कब्जों पर बुलडोजर कार्रवाई
- पुलिस व्यवस्था को मजबूत करना
- महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस
- निवेशकों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना
इन्हीं कारणों से उन्हें “बुलडोजर बाबा” के नाम से भी जाना जाता है.
लेखक और संपादक के रूप में योगदान
राजनीति और धर्म के अलावा योगी आदित्यनाथ साहित्य और योग के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे हैं.
प्रकाशित पुस्तकें
- हठयोग : स्वरूप एवं साधना
- राजयोग : स्वरूप एवं साधना
इसके अलावा वे “योगवाणी” पत्रिका के प्रधान संपादक भी रहे हैं.
विदेश यात्राएं
योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न देशों की यात्राएं की हैं, जिनका उद्देश्य निवेश आकर्षित करना, सांस्कृतिक संबंध मजबूत करना और विकास मॉडल का अध्ययन करना रहा है.
जिन देशों की यात्रा की
- अमेरिका
- रूस
- सिंगापुर
- मलेशिया
- थाईलैंड
- नेपाल
- म्यांमार
- मॉरीशस
- कंबोडिया
54वें जन्मदिवस पर विशेष आयोजन
5 जून को योगी आदित्यनाथ ने अपना 54वां जन्मदिन मनाया. इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं. बसपा प्रमुख मायावती ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें जन्मदिन की बधाई देते हुए स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की.
योगी आदित्यनाथ का जन्मदिन विश्व पर्यावरण दिवस के साथ पड़ता है. इसी अवसर पर उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” महाअभियान की शुरुआत की और पूरे प्रदेश में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए.
योगी आदित्यनाथ से जुड़े रोचक तथ्य
प्रमुख तथ्य
- मूल नाम अजय सिंह बिष्ट था.
- 22 वर्ष की उम्र में संन्यास ग्रहण किया.
- 26 वर्ष की आयु में सांसद बने.
- लगातार पांच बार लोकसभा सांसद रहे.
- गोरखनाथ मठ के पीठाधीश्वर हैं.
- उत्तर प्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री बने.
- योग और अध्यात्म पर पुस्तकें लिख चुके हैं.
- शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र की दर्जनों संस्थाओं से जुड़े हुए हैं.
निष्कर्ष
योगी आदित्यनाथ का जीवन संघर्ष, आध्यात्मिकता, जनसेवा और राजनीति का अनूठा संगम है. उत्तराखंड के एक छोटे से गांव से निकलकर उन्होंने गोरखनाथ मठ के पीठाधीश्वर, पांच बार सांसद और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक का सफर तय किया. समर्थकों के लिए वे एक प्रभावशाली नेता और प्रशासक हैं, जबकि राजनीतिक दृष्टि से वे देश की सबसे चर्चित हस्तियों में से एक हैं. उनकी यात्रा यह दिखाती है कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता के बल पर कोई भी व्यक्ति समाज और राजनीति में बड़ी पहचान बना सकता है.












