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आपने तो चचा को ही गच्चा दे दिया, सीएम योगी ने यूं ही नहीं कसा सपाइयों पर तंज
Authored By: सतीश झा
Published On: Tuesday, July 30, 2024
Last Updated On: Thursday, December 5, 2024
उत्तर प्रदेश में राजनीतिक व्यंगवाण बीते कई दिनों से चल रहे हैं। भाजपा और प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक को लेकर समाजवादी नेता अखिलेश यादव सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं। जैसे ही सीएम योगी आदित्यनाथ को मौका मिलता है, वो नहला पर दहला दे मारते हैं।
Authored By: सतीश झा
Last Updated On: Thursday, December 5, 2024
अभी उत्तर प्रदेश विधानसभा का सत्र चल रहा है। कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बहस हो रही है। विपक्ष के सवालों को नेता सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विषयवार जवाब दे रहे हैं। सरकारी कामकाज के साथ ही सियासी आरोप-प्रत्यारेप का दौर जारी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधान सभा में महिला सुरक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए समाजवादी पार्टी पर करारा हमला किया। सदन की कार्यवाही के दौरान जब नव नियुक्त नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सीएम योगी से महिला सुरक्षा संबंधी मुद्दे पर जवाब मांगा, तब सीएम योगी ने उन्हें नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने की बधाई देते हुए इशारों ही इशारों में अखिलेश यादव और शिवपाल यादव पर व्यंग्य बाण चला दिए। सीएम योगी ने सदन में व्यंग्य कसते हुए कहा कि आपके चयन के लिए बधाई देता हूं। ये अलग विषय है कि आपने चचा को गच्चा दे ही दिया। चचा बेचारा हमेशा ही ऐसे मार खाता है। उनकी नियति ही ऐसी है, क्योंकि भतीजा हमेशा भयभीत रहता है।
दरअसल, सीएम योगी ने यह व्यंग्य इसलिए दिया, क्योंकि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चाचा शिवपाल यादव की जगह माता प्रसाद पांडेय को नेता प्रतिपक्ष के लिए चयनित किया। इसी पर उन्होंने शिवपाल यादव पर चुटकी ली।
महिला सुरक्षा पर सीएम योगी ने सरकार के काम गिनाए
ई प्रॉसीक्यूशन में उत्तर प्रदेश देश में नंबर एक स्थान पर है। महिला और बाल अपराध संबंधी अभियोगों के निस्तारण में यूपी देश में प्रथम स्थान पर है। इस दौरान लगभग 98 प्रतिशत से अधिक मामलों का निस्तारण किया गया है। घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए 181 की सेवा है, जबकि बाहर के अपराधों के लिए 1090 की सेवा उपलब्ध कराई गई है।
2016 से तुलना करें तो सभी तरह के मामलों में कमी देखने को मिलेगी। 2016 की तुलना में दहेज जैसी घटनाओं के बारे में देखें तो 2023-24 के बीच में लगभग 17.5 प्रतिशत की कमी आई है। 2016 की तुलना में 2023-24 में बलात्कार की घटनाओं में 25.30 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। 2017 से लेकर 2024 के बीच में जो नाबालिग बच्चे हैं , उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामलों में प्रदेश सरकार ने अपने प्रॉसीक्यूशन विंग को मजबूत किया है, जिसका परिणाम आज सबके सामने है। इस दौरान 24 हजार 402 प्रकरणों में अभियुक्तों को अब तक सजा दिलाई जा चुकी है। 2017-24 के बीच पॉक्सो एक्ट में 9875 अभियोगों में सजा दिलाई गई है। 2022 से 2024 के मध्य महिलाओं के विरुद्ध पॉक्सो अपराध में 16,718 अभियुक्तों को सजा दी गई है, जिसमें 21 को मृत्युदंड, 17,013 को आजीवन कारावास, 4653 को दस वर्ष या उससे अधिक का कारावास और 10,331 को दस वर्ष से कम के कारावास की सजा दी गई है।









