States News
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला, अब बैंकिंग सिस्टम भी जांच के घेरे में, SBI समेत 6 बैंकों को नोटिस
Authored By: Nishant Singh
Published On: Tuesday, June 30, 2026
Last Updated On: Tuesday, June 30, 2026
Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब बैंकिंग सिस्टम तक पहुंच गई है. पुलिस ने SBI समेत छह बैंकों को नोटिस जारी कर खातों, लॉकर और संदिग्ध लेनदेन का रिकॉर्ड मांगा है. ट्रांजैक्शन ट्रेल, बैंक रिकॉर्ड और CCTV फुटेज की भी जांच की जा रही है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Tuesday, June 30, 2026
Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब एक नए चरण में पहुंच गई है. शुरुआती जांच के बाद अब पुलिस ने बैंकिंग व्यवस्था की भी गहन पड़ताल शुरू कर दी है. जांच एजेंसियों का मानना है कि दान की राशि के पूरे लेनदेन को समझे बिना इस मामले की सच्चाई तक पहुंचना संभव नहीं होगा. इसी वजह से पुलिस ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) सहित करीब छह से सात प्रमुख बैंकों को नोटिस भेजकर खातों, लॉकरों और वित्तीय लेनदेन से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी है.
किन बैंकों से मांगी गई जानकारी?
जांच के तहत जिन बैंकों से रिकॉर्ड मांगा गया है, उनमें भारतीय स्टेट बैंक, केनरा बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा प्रमुख हैं. पुलिस इन बैंकों से ट्रस्ट से जुड़े बैंक खातों, संदिग्ध ट्रांजैक्शन, लॉकर की जानकारी और कैश मूवमेंट का पूरा ब्यौरा जुटा रही है. अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि दान में मिली राशि किस प्रक्रिया से बैंक तक पहुंची और कहीं बीच में किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता या गड़बड़ी तो नहीं हुई.
हर ट्रांजैक्शन पर रहेगी जांच एजेंसियों की नजर
पुलिस और जांच एजेंसियां अब ट्रांजैक्शन ट्रेल के जरिए पैसों के पूरे प्रवाह को ट्रैक कर रही हैं. यह देखा जा रहा है कि दान की रकम कब, कहां और किस माध्यम से जमा हुई तथा उसके बाद उसका संचालन कैसे किया गया. इसके अलावा आरोपियों और ट्रस्ट से जुड़े कुछ अन्य लोगों के बैंकिंग रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं. अधिकारियों का मानना है कि बैंक खातों और वित्तीय दस्तावेजों की जांच से कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं, जो मामले की परतें खोलने में मदद करेंगे.
कैश हैंडलिंग प्रक्रिया पर उठे सवाल
जांच का सबसे अहम हिस्सा दान की गिनती, उसकी सुरक्षा और बैंक में जमा कराने की पूरी प्रक्रिया है. पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि आखिर किस स्तर पर लापरवाही हुई या कहीं किसी की मिलीभगत तो नहीं थी. जांच का दायरा केवल पैसों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन कर्मचारियों की भूमिका भी देखी जा रही है, जिन पर नकदी संभालने और बैंक तक सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी थी.
बैंक कर्मचारियों और आउटसोर्सिंग स्टाफ की भूमिका की पड़ताल
इस मामले में SBI की शाखा से जुड़े दो कर्मचारी-रत्नेश और गगनदीप-भी जांच के दायरे में हैं. बताया गया है कि इनके साथ काम करने वाले छह आउटसोर्सिंग कर्मचारी भी कैश हैंडलिंग प्रक्रिया में शामिल थे. पुलिस पहले ही इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि अधिकांश आरोपी आउटसोर्सिंग स्टाफ से जुड़े थे. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि किसी कर्मचारी ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया या पूरी घटना किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी.
SBI की शाखा में पहुंची पुलिस टीम
जांच के दौरान अयोध्या पुलिस की टीम SBI की नया घाट शाखा भी पहुंची, जहां श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का मुख्य बैंक खाता संचालित होता है. यहां बैंक कर्मचारियों से पूछताछ की गई और बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़े कई दस्तावेजों की जांच शुरू हुई. पुलिस बैंक प्रबंधन से यह समझने का प्रयास कर रही है कि दान राशि की काउंटिंग, पैकिंग और बैंक तक पहुंचाने की व्यवस्था किस प्रकार संचालित होती थी और उसमें सुरक्षा के कौन-कौन से इंतजाम किए गए थे.
CCTV और बैंक रिकॉर्ड भी बनेंगे अहम सबूत
जांच एजेंसियां अब बैंक रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, कैश मूवमेंट से जुड़े दस्तावेज और संबंधित कर्मचारियों के बयान को अहम साक्ष्य के रूप में देख रही हैं. बैंक मैनेजर से भी पूछताछ की जाएगी और उनका आधिकारिक बयान दर्ज किया जाएगा. माना जा रहा है कि इन दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की मदद से पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकती है. फिलहाल पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी कैसे हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन लोग हैं.
यह भी पढ़ें :- राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच बड़ा फैसला, चंपत राय और अनिल मिश्रा ने SIT कार्रवाई के बाद दिया इस्तीफा












