बंगाल के 15 बूथों पर फिर वोटिंग, गड़बड़ी के आरोपों के बाद क्यों कराया जा रहा पुनर्मतदान?
Authored By: Nishant Singh
Published On: Saturday, May 2, 2026
Last Updated On: Saturday, May 2, 2026
Re-polling at 15 Booths in Bengal: पश्चिम बंगाल में चुनावी गड़बड़ियों के आरोपों के बाद 15 बूथों पर दोबारा मतदान कराया जा रहा है. चुनाव आयोग ने पर्यवेक्षक की रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया. कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह 7 बजे से वोटिंग जारी है, जबकि राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Saturday, May 2, 2026
Re-polling at 15 Booths in Bengal: पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर चर्चा में है, जहां चुनाव आयोग ने दो विधानसभा सीटों के कुछ बूथों पर दोबारा मतदान कराने का बड़ा फैसला लिया है. यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ रहे थे. चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि जिन बूथों पर गड़बड़ी की शिकायतें मिलीं, वहां लोकतंत्र की मजबूती बनाए रखने के लिए री-पोलिंग जरूरी है. इस कदम को चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
किन इलाकों में हो रही है दोबारा वोटिंग?
आयोग के निर्देश के अनुसार, दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर और मगराहाट वेस्ट विधानसभा क्षेत्रों के कुल 15 बूथों पर फिर से मतदान कराया जा रहा है. डायमंड हार्बर के 4 और मगराहाट वेस्ट के 11 मतदान केंद्र इस दायरे में आए हैं. इन सभी बूथों पर पहले हुए मतदान में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद विशेष चुनाव पर्यवेक्षक की रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया गया. हालांकि, फाल्टा क्षेत्र में ईवीएम से जुड़ी शिकायतों पर अभी अंतिम निर्णय बाकी है.
सुबह 7 बजे से शुरू हुई प्रक्रिया
री-पोलिंग की प्रक्रिया 2 मई 2026 को सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 6 बजे तक जारी रहेगी. चुनाव आयोग ने इस बार मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं. सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है ताकि मतदाता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें. अधिकारियों का कहना है कि इस बार हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है.
कानूनी प्रावधान के तहत लिया गया निर्णय
चुनाव आयोग ने यह कदम रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1951 की धारा 58(2) के तहत उठाया है. इस कानून के अनुसार, अगर किसी मतदान केंद्र पर गड़बड़ी या धांधली की पुष्टि होती है, तो वहां की वोटिंग को रद्द कर दोबारा मतदान कराया जा सकता है. आयोग ने स्पष्ट किया कि संबंधित बूथों पर पहले हुई वोटिंग को अमान्य घोषित कर दिया गया है और अब नए सिरे से मतदान कराया जा रहा है.
बीजेपी और टीएमसी आमने-सामने
इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर चुनावी गड़बड़ी हुई थी, जिससे निष्पक्ष मतदान प्रभावित हुआ. वहीं तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष हार के डर से बेवजह मुद्दा बना रहा है. पार्टी का कहना है कि जनता का समर्थन उनके साथ है और परिणाम भी उसी के अनुसार आएंगे.
लोकतंत्र की परीक्षा का दिन
री-पोलिंग का यह दिन सिर्फ दो विधानसभा सीटों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे लोकतंत्र के लिए एक अहम परीक्षा की तरह है. यह दिखाता है कि चुनाव आयोग किसी भी तरह की अनियमितता को नजरअंदाज नहीं करता और जरूरत पड़ने पर कड़े फैसले लेने से भी पीछे नहीं हटता. अब सभी की नजर इस बात पर है कि दोबारा मतदान के बाद क्या परिणाम सामने आते हैं और क्या यह प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष साबित होती है.













