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ये क्या हो रहा है बांग्लादेश में, मोहम्मद युनुस की सरकार क्यों ले रही है हिंदू शिक्षकों से जबरन इस्तीफा
Authored By: सतीश झा
Published On: Monday, September 2, 2024
Last Updated On: Monday, September 2, 2024
मोहम्मद युनूस चाहे कुछ भी कहें, लेकिन उनकी सरकार में ठीक उलट हो रहा है। खासकर वहां के अल्पसंख्यक हिंदुओं के साथ। दंगा और विरोध प्रदर्शन में हिंदुओं के जानमाल को क्षति पहुंचाई गई। अब जबरन हिंदू शिक्षकों से इस्तीफा लिया जा रहा है।
Authored By: सतीश झा
Last Updated On: Monday, September 2, 2024
बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार की बर्खास्तगी के बाद कट्टरपंथी देश के विभिन्न सरकारी क्षेत्रों में काम करने वाले हिंदू कर्मचारियों को निशाना बना रहे हैं। उन्हें सरकारी नौकरियों से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। ताजा मामला सरकारी शिक्षण संस्थानों में काम करने वाले हिंदु शिक्षकों से जबरन इस्तीफा लिए जाने का है। जिसमें बकरगंज के सरकारी कॉलेज की प्रिंसिपल शुक्ला रानी हलदर (Shukla Rani Halder) की तस्वीर सामने आई है, जिसमें वे इस्तीफा देते हुए दिख रही हैं।
ऐसे लिया जा रहा है इस्तीफा
बांग्लादेशी दैनिक प्रोथोम अलो के मुताबिक 29 अगस्त की दोपहर छात्रों और कुछ बाहरी लोगों के समूह ने प्रिंसिपल शुक्ला रानी हलदर के कार्यालय को लगभग चार घंटे तक घेरे रखा और अंततः उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस दौरान उन्हें भीड़ ने जिस तरह बंधक बनाए रखा, वे काफी असहज दिख रही थीं, जिसकी तस्वीर देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
14वें बीसीएस शिक्षा संवर्ग की अधिकारी शुक्ला रानी हलदर ने 2022 के मध्य में बेकरगंज सरकारी कॉलेज के प्रिंसिपल के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। इससे पहले, उन्होंने बरिशाल में सरकारी ब्रोजोमोहन (बीएम) कॉलेज में अंग्रेजी प्रोफेसर के रूप में कार्य किया। सोशल मीडिया पर कई शिक्षाविदों और पूर्व छात्रों ने उनके जबरन इस्तीफा लिए जाने की निंदा की।
तस्लीमा नसरीन (Taslima Nasreen) ने सोशल मीडिया पर जताई चिंता
बांग्लादेश से निर्वासित लेखिका तस्लीमा नसरीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के हालात चिंताजनक हैं, सरकारी अधिकारियों को मार रहे हैं। उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। जेलों में डाला जा रहा है। हिंदुओं के अलावा, अहमदिया मुसलमानों को भी प्रताड़ित किया जा रहा है, उनके उद्योगों को जलाया जा रहा है। सूफी मुसलमानों की मजारों और दरगहों को ध्वस्त किया जा रहा है। इन सब पर नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस (Mohammed Yunus) चुप हैं।
अबतक करीब 50 हिंदू शिक्षकों के साथ हुआ है यह घटना
दावा किया जा रहा है कि शेख हसीना के देश छोड़ने के दिन 05 अगस्त से अबतक करीब 50 हिंदु शिक्षकों को देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से इस्तीफा देना पड़ा है। बांग्लादेश छात्र एक्स परिषद ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया। जिन शिक्षकों पर इस्तीफा देने के दवाब बनाया जा रहा है उनमें से पुलिस लाइन हाई स्कूल एंड कॉलेज, ठाकुरगांव के प्रधानाचार्य भुवेशचंद्र रॉय, होली फैमिली नर्सिंग कॉलेज की सहायक प्रोफेसर सोनाली रानी दास, चांदपुर के पुराण बाजार डिग्री कॉलेज के प्रधानाचार्य रतन कुमार मजुमदार, काजी नजरुल इस्लाम विवि के कुलपति सौमित्र शेखर, खुलना के कोईर स्थित कपोतक्ष महाविद्यालय के प्रधानाचार्य अद्रिश आदित्य मंडल, अरबी के जनसंपर्क प्रशासक डॉ. प्रणब कुमार पांडे सहित कई अन्य शिक्षक व प्रशासक शामिल हैं।
(हिन्दुस्थान समाचार एजेंसी के इनपुट के साथ)













