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मलेशिया में सोशल मीडिया पर क्यों लगने वाला है बैन? जानें कारण
Authored By: Ranjan Gupta
Published On: Saturday, November 29, 2025
Last Updated On: Saturday, November 29, 2025
मलेशिया ने डिजिटल दुनिया में बड़ा फैसला लेते हुए 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने की तैयारी शुरू कर दी है. साइबरबुलिंग, स्कैम और ऑनलाइन शोषण के बढ़ते मामलों के बीच यह कदम 2026 से लागू होगा. जानें पूरा मामला और इससे क्या बदलने वाला है.
Authored By: Ranjan Gupta
Last Updated On: Saturday, November 29, 2025
Malaysia Social Media Ban: मलेशिया एक बड़ा डिजिटल बदलाव करने जा रहा है. ऐसा बदलाव जो लाखों बच्चों की ऑनलाइन जिंदगी को पूरी तरह बदल देगा. सरकार ने ऐलान किया है कि साल 2026 से 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे. यह कदम ऐसे समय में लिया गया है जब देश में साइबरबुलिंग, फाइनेंशियल स्कैम और ऑनलाइन शोषण के मामलों में भारी उछाल देखा जा रहा है. दिसंबर 2025 से ही नाबालिगों के अकाउंट डिएक्टिवेट करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और कंपनियों को उम्र सत्यापन सिस्टम लागू करना होगा.
गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों की तरह मलेशिया भी अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कड़ी निगरानी और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है. यह फैसला सिर्फ एक प्रतिबंध नहीं, बल्कि उन ऑनलाइन खतरों के खिलाफ एक सख्त संदेश है जिनका सामना आज का डिजिटल दौर कर रहा है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सख्त निगरानी
मलेशिया में सोशल मीडिया पर निगरानी पहले से ज्यादा कड़ी हो गई है. जनवरी से ऐसे सभी सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को लाइसेंस लेना अनिवार्य है, जिनके यूज़र 80 लाख से अधिक हैं. लाइसेंस मिलने के बाद प्लेटफॉर्म्स को उम्र की पहचान, कंटेंट सेफ्टी सिस्टम और कामकाज में पारदर्शिता जैसी शर्तों का पालन करना पड़ता है. सरकार का कहना है कि यह कदम ऑनलाइन दुनिया को सुरक्षित बनाने और डिजिटल स्पेस में बढ़ते जोखिमों को कम करने के लिए जरूरी है.
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर नई सख्ती
ऑस्ट्रेलिया भी बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठा रहा है. देश 10 दिसंबर से दुनिया का पहला ऐसा कानून लागू कर रहा है, जिसमें 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट पर सीधा प्रतिबंध होगा. फेसबुक, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट, थ्रेड्स, टिकटॉक, एक्स और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चे इस उम्र सीमा से पहले अकाउंट न बना सकें. अगर कंपनियां इसमें असफल रहीं, तो उन पर 5 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है. दुनिया के कई देश इस मॉडल को गंभीरता से देख रहे हैं और आगे इसे अपनाने पर विचार कर सकते हैं.
मलेशिया में तेजी से बढ़े साइबर क्राइम्स
इधर मलेशिया में साइबर क्राइम्स लगातार बढ़ रहे हैं. खासकर बच्चों को निशाना बनाने वाले मामलों में तेज उछाल आया है. रिपोर्ट्स बताती हैं कि 2024 में यहां 12,000 से ज्यादा साइबरबुलिंग के मामले दर्ज हुए. चिंताजनक बात यह है कि इनमें से 40% पीड़ित 15 साल से कम उम्र के बच्चे थे. इसके साथ ही फाइनेंशियल स्कैम्स भी बढ़े हैं, जहां फर्जी अकाउंट्स से बच्चों को लोन या गिफ्ट कार्ड के नाम पर ठगा जाता है. चाइल्ड सेक्शुअल एब्यूज से जुड़े ऑनलाइन केस भी लगातार बढ़ रहे हैं, जो सरकार और पैरेंट्स दोनों के लिए बड़ी चिंता बने हुए हैं.
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