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ब्रिटेन उपचुनाव में पीएम मोदी की फोटो से मचा बवाल, ग्रीन पार्टी के वीडियो पर उठे तीखे सवाल, क्या लगाए आरोप?
Authored By: Nishant Singh
Published On: Tuesday, March 10, 2026
Last Updated On: Tuesday, March 10, 2026
ब्रिटेन के गॉर्टन एंड डेंटन उपचुनाव के दौरान ग्रीन पार्टी के एक प्रचार वीडियो में पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर दिखाए जाने से बड़ा विवाद खड़ा हो गया. लेबर पार्टी नेताओं ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे चुनावी लाभ के लिए समुदायों के बीच तनाव पैदा करने की कोशिश बताया.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Tuesday, March 10, 2026
ब्रिटेन में होने वाले गॉर्टन एंड डेंटन उपचुनाव के बीच एक प्रचार वीडियो को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. इस विवाद की वजह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modis) की एक तस्वीर बनी, जिसे ग्रीन पार्टी के एक वीडियो में दिखाया गया. वीडियो सामने आते ही ब्रिटेन की राजनीति में हलचल तेज हो गई और विपक्षी दलों ने इस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए. कई नेताओं का कहना है कि चुनाव के दौरान इस तरह की तस्वीरों का इस्तेमाल समाज में गलत संदेश दे सकता है और इससे राजनीतिक माहौल और ज्यादा गर्म हो सकता है.
उर्दू प्रचार वीडियो से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, मैनचेस्टर क्षेत्र की गॉर्टन और डेंटन सीट पर उपचुनाव होने वाला है, जिसके लिए सभी प्रमुख पार्टियां प्रचार में जुटी हैं. इसी बीच ग्रीन पार्टी ने उर्दू भाषा में एक प्रचार वीडियो जारी किया. इस वीडियो में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर को नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ दिखाया गया. जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर फैला, इसे लेकर बहस शुरू हो गई और विरोधी दलों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई.
वीडियो के संदेश को लेकर उठे सवाल
ग्रीन पार्टी के वीडियो में गाजा से जुड़ी तस्वीरें भी दिखाई गई हैं और उर्दू में वॉयसओवर के जरिए संदेश दिया गया है कि कुछ राजनीतिक ताकतें समाज को बांटने की कोशिश कर रही हैं. इसमें यह भी कहा गया कि कुछ दल प्रवासियों के खिलाफ सख्त कदम उठाना चाहते हैं और उन्हें देश से बाहर भेजने की बात करते हैं. इस संदेश के जरिए ग्रीन पार्टी ने खुद को ऐसे कदमों के खिलाफ बताने की कोशिश की, लेकिन आलोचकों का कहना है कि इस तरह के वीडियो से धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को भड़काने का खतरा होता है.
लेबर पार्टी ने जताई कड़ी नाराजगी
इस पूरे मामले पर लेबर पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. स्टॉकपोर्ट से लेबर सांसद नवेंदु मिश्रा ने सोशल मीडिया पर कहा कि राजनीति में नस्लवाद या समुदायों के बीच तनाव फैलाने की कोई जगह नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि चुनावी फायदा पाने के लिए ऐसे तरीके अपनाना बेहद चिंताजनक है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है. इस विवाद के बाद गॉर्टन और डेंटन उपचुनाव का माहौल और भी गर्म हो गया है और अब यह मुद्दा ब्रिटेन की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बन चुका है.
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