यूएन के मंच से प्रो यूनुस किया सहयोग की मांग, बांग्लादेश के निर्माण में वैश्विक समुदाय से कही ये बात

Authored By: सतीश झा

Published On: Saturday, September 28, 2024

Last Updated On: Saturday, September 28, 2024

prof yunus bangladesh in un
prof yunus bangladesh in un

कुछ महीने पहले राजनीतिक अस्थिरता का दंश झेलने के बाद अब तक बांग्लादेश की स्थिति सुधरी नहीं है। यह बात यूएन के मंच से भी कही गई है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस ने वैश्विक समुदाय से नए बांग्लादेश के निर्माण में सहयोग मांगा है। उन्होंने कहा वह बांग्लादेश में स्वतंत्रता और लोकतंत्र सुनिश्चित करना चाहते हैं।

Authored By: सतीश झा

Last Updated On: Saturday, September 28, 2024

संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष फिलेमोन यांग (President of the UN General Assembly Philemon Yang) की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में 193 संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों, सरकारों या उनके प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रो यूनूस ने कहा कि वह सामूहिक संकल्प (जिसके कारण शेख हसीना को हटाया गया) भविष्य के बांग्लादेश को परिभाषित करेगा और राष्ट्रों के समुदाय में एक उत्तरदायी और जिम्मेदार राज्य के रूप में स्थापित करेगा।“

यूएन (UN) की 79वें में बांग्लादेश के मौजूदा सूरत-ए-हाल पर चर्चा

बांग्लादेश के अखबार द डेली मिरर के अनुसार, प्रो. यूनुस (Prof. Yunus) ने कल न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 79वें सत्र की आम बहस के संबोधन में बांग्लादेश के मौजूदा सूरत-ए-हाल पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के आम लोगों, खासकर युवाओं की शक्ति ने देश को व्यवस्था में सुधार लाने और भेदभाव को समाप्त करने का अवसर प्रदान किया है।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इसलिए मैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय से लोकतंत्र, कानून के शासन, समानता और समृद्धि के लिए बांग्लादेश के साथ जुड़ाव जारी रखने और उसे गहरा करने का आह्वान करता हूं, ताकि हम एक न्यायपूर्ण और समावेशी लोकतांत्रिक समाज (A just and inclusive democratic society) के रूप में उभर सकें।“

न्यायपूर्ण, समावेशी और कार्यशील लोकतंत्र का सपना

यूनुस ने कहा कि बांग्लादेश में हाल के आंदोलन के समय न्यायपूर्ण, समावेशी और कार्यशील लोकतंत्र का सपना देखा गया। इस आंदोलन में आठ सौ से ज्यादा लोग शहीद हुए। प्रो. यूनुस ने कहा, अंतरिम सरकार ने देखा है कि बांग्लादेश में भ्रष्टाचार, संस्थाओं का निर्मम राजनीतिकरण, कुलीनतंत्र और धन-संपत्ति का गबन हो रहा है। सरकार की मुख्य प्राथमिकता सार्वजनिक पदों और संस्थाओं में बैठे लोगों को जवाबदेह बनाना है। अंतरिम सरकार सुशासन सुनिश्चित करेगी। मौलिक अधिकारों (Fundamental Rights) को बढ़ावा देगी। उनकी रक्षा करेगी। भव्य बुनियादी ढांचे के विकास पर शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए आवंटन को प्राथमिकता देगी।

यूनुस ने कहा कि बांग्लादेश में छोटे किसानों और कारीगरों को आजीविका चलाने वालों को जोखिम का सामना करना पड़ता है। पूर्वी बांग्लादेश में पांच मिलियन से अधिक लोगों ने अपने जीवन में सबसे विनाशकारी बाढ़ देखी है। इसलिए वह बांग्लादेश जैसे जलवायु-संवेदनशील देशों में जलवायु अनुकूलन के लिए मजबूत संसाधनों को चैनलाइज करने का आग्रह कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश मानवीय आधार पर 1.2 मिलियन से अधिक रोहिंग्याओं को महत्वपूर्ण सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय लागतों पर शरण दे रहा है। म्यांमार में लंबे समय से चल रहा संकट बांग्लादेश के लिए राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा निहितार्थों के साथ बढ़ते जोखिम पैदा करता है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय के निरंतर समर्थन की आवश्यकता

बांग्लादेश को उनके स्थायी प्रत्यावर्तन को अंजाम देने में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के निरंतर समर्थन की आवश्यकता है। गाजा के हालात पर प्रो. यूनुस ने कहा कि फिलिस्तीन के लोगों के खिलाफ मानवता के विरुद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार सभी लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने गाजा में पूर्ण युद्धविराम का आह्वान किया। उन्होंने रूस और यूक्रेन दोनों से बातचीत करने और युद्ध को समाप्त करने का भी आग्रह किया।

About the Author: सतीश झा
सतीश झा की लेखनी में समाज की जमीनी सच्चाई और प्रगतिशील दृष्टिकोण का मेल दिखाई देता है। बीते 20 वर्षों में राजनीति, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचारों के साथ-साथ राज्यों की खबरों पर व्यापक और गहन लेखन किया है। उनकी विशेषता समसामयिक विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना और पाठकों तक सटीक जानकारी पहुंचाना है। राजनीति से लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्दों तक, उनकी गहन पकड़ और निष्पक्षता ने उन्हें पत्रकारिता जगत में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है
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