PoK में 24वें दिन भी जारी विरोध, अवामी एक्शन कमेटी ने पाकिस्तान सरकार और सेना पर लगाए गंभीर आरोप

Authored By: Nishant Singh

Published On: Thursday, July 2, 2026

Last Updated On: Thursday, July 2, 2026

PoK Protest 2026 में PoK के प्रदर्शनकारी. अवामी एक्शन कमेटी ने पाकिस्तान सरकार और सेना पर गंभीर आरोप लगाए.
PoK Protest 2026 में PoK के प्रदर्शनकारी. अवामी एक्शन कमेटी ने पाकिस्तान सरकार और सेना पर गंभीर आरोप लगाए.

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 24वें दिन भी विरोध प्रदर्शन जारी रहा. अवामी एक्शन कमेटी ने पाकिस्तान की सेना और सरकारी तंत्र पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि कश्मीरियों के हाथों में हथियार खुद सेना ने दिए थे. प्रदर्शनकारियों ने सरकार को बातचीत कर मांगें मानने की चेतावनी दी.

Authored By: Nishant Singh

Last Updated On: Thursday, July 2, 2026

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में चल रहा विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है. आंदोलन के 24वें दिन भी बड़ी संख्या में लोग रावलकोट के ईदगाह मैदान में जुटे और पाकिस्तान सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की नीतियों पर सवाल उठाते हुए अपने अधिकारों और राजनीतिक पहचान की मांग दोहराई. इस आंदोलन का नेतृत्व अवामी एक्शन कमेटी कर रही है, जो पिछले कई सप्ताह से लगातार प्रदर्शन कर रही है.

अवामी एक्शन कमेटी ने लगाए गंभीर आरोप

प्रदर्शन के दौरान अवामी एक्शन कमेटी के नेता सरदार अमान खान ने पाकिस्तान की सेना और सरकारी तंत्र पर गंभीर आरोप लगाए. उनका दावा था कि अतीत में कश्मीरियों के हाथों में हथियार खुद पाकिस्तान की सेना ने दिए थे, जबकि अब उन्हीं लोगों को आतंकी बताया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल लोगों को आतंकवादी करार देना वास्तविकता को छिपाने की कोशिश है और इससे जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता.

आतंकी संगठनों को संरक्षण देने का भी दावा

सरदार अमान खान ने अपने संबोधन में यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान के सरकारी तंत्र ने वर्षों तक आतंकी संगठनों को संरक्षण दिया. उन्होंने पिछले वर्षों में रावलकोट में निकली उन रैलियों का उल्लेख किया, जिनमें हथियारों के साथ खुलेआम प्रदर्शन किए गए थे. उनका कहना था कि यदि उस समय प्रशासन ने ऐसी गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई, तो अब शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को आतंकी बताना दोहरे मापदंड को दर्शाता है.

प्रदर्शनकारियों ने सरकार को दी खुली चुनौती

सभा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान सरकार को सीधे चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को अनदेखा किया गया तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को यह समझना होगा कि जनता अपनी बात रखने का अधिकार रखती है. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि सरकार बातचीत का रास्ता नहीं अपनाती, तो आंदोलन और बड़े स्तर पर फैल सकता है.

PoK की राजनीतिक स्थिति पर फिर उठे सवाल

आंदोलन के दौरान कई वक्ताओं ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की राजनीतिक स्थिति पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि वहां रहने वाले लोगों की इच्छा और अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र के भविष्य से जुड़े फैसलों में स्थानीय लोगों की भागीदारी जरूरी है. इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शनकारी लगातार अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं.

आगे क्या होगा, इस पर टिकी नजर

लगातार 24 दिनों से जारी यह आंदोलन पाकिस्तान सरकार के लिए चुनौती बनता दिखाई दे रहा है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत का रास्ता चुनती है या फिर आंदोलन को नियंत्रित करने के लिए कोई दूसरा कदम उठाती है. फिलहाल इतना साफ है कि PoK में उठ रही आवाजें थमने का नाम नहीं ले रही हैं और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है.

यह भी पढ़ें :- PoK Protest: PoK में बढ़ता विरोध, 10वें दिन भी नहीं थमा आंदोलन, सड़कों पर उतरे हजारों लोग

About the Author: Nishant Singh
निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
Leave A Comment

अन्य खबरें

अन्य खबरें