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PoK Protest: PoK में बढ़ता विरोध, 10वें दिन भी नहीं थमा आंदोलन, सड़कों पर उतरे हजारों लोग
Authored By: Nishant Singh
Published On: Friday, June 19, 2026
Last Updated On: Saturday, June 20, 2026
PoK Protest: PoJK में विरोध प्रदर्शन लगातार दसवें दिन भी जारी है. रावलाकोट समेत कई क्षेत्रों में हजारों लोग सड़कों पर उतरकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं. सुरक्षा बलों की कार्रवाई, आपूर्ति संबंधी समस्याओं और बढ़ते असंतोष के बीच हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और आंदोलन थमता नजर नहीं आ रहा.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Saturday, June 20, 2026
PoK Protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है. आंदोलन का दायरा बढ़ने के साथ ही लोगों की भागीदारी भी बढ़ी है. रावलाकोट समेत कई इलाकों में हजारों लोग सड़कों पर उतरकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा. यही वजह है कि अब आंदोलन बड़े जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है.
रावलाकोट बना विरोध का केंद्र
आंदोलन का सबसे बड़ा केंद्र रावलाकोट बना हुआ है. यहां बड़ी संख्या में लोग मैदानों और सड़कों पर जुटे हुए हैं. प्रदर्शनकारी विभिन्न झंडों के साथ मार्च निकाल रहे हैं और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी कर रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि वे अपने अधिकारों और बेहतर भविष्य की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं. लगातार बढ़ती भीड़ ने प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है.
सुरक्षा बलों की कार्रवाई से बढ़ा गुस्सा
स्थानीय लोगों के अनुसार, हाल के दिनों में हुई कार्रवाई और गोलीबारी की घटनाओं ने लोगों में नाराजगी को और बढ़ा दिया है. कई परिवारों का आरोप है कि उन्हें इस दौरान नुकसान उठाना पड़ा है. इन घटनाओं के बाद लोगों में असंतोष और गहरा हो गया है. यही कारण है कि आंदोलन में शामिल लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और विरोध पहले से अधिक मुखर दिखाई दे रहा है.
आवश्यक वस्तुओं की कमी से बढ़ी परेशानी
प्रदर्शन के बीच आम नागरिकों को कई तरह की मुश्किलों का सामना भी करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि खाद्य सामग्री और जरूरी सामान की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे दैनिक जीवन पर असर पड़ रहा है. कई इलाकों में लोगों ने आरोप लगाया है कि आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पहले जैसी नहीं रही, जिससे जनता की परेशानियां और बढ़ गई हैं.
महिलाओं और छात्राओं की भागीदारी
इस आंदोलन की एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें महिलाओं, छात्राओं और शिक्षकों की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है. कई स्थानों पर छात्राओं ने मार्च निकाले और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई. इससे साफ है कि यह विरोध केवल किसी एक समूह तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों का समर्थन इसे मिल रहा है.
गतिरोध बरकरार, आगे क्या?
फिलहाल स्थिति ऐसी बनी हुई है कि प्रदर्शनकारी अपने आंदोलन को जारी रखने के पक्ष में हैं, जबकि प्रशासन की ओर से भी कोई बड़ा समाधान सामने नहीं आया है. दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बना हुआ है. ऐसे में आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं. PoK में जारी यह आंदोलन अब क्षेत्र की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों पर महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन चुका है.
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