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US-Iran Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने क्यों दी ईरान पर बमबारी करने की धमकी
US-Iran Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने क्यों दी ईरान पर बमबारी करने की धमकी
Authored By: गुंजन शांडिल्य
Published On: Monday, March 31, 2025
Updated On: Monday, March 31, 2025
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर से चेतावनी दी है. चेतावनी में ट्रंप ने कहा है कि अगर वे वाशिंगटन के साथ परमाणु कार्यक्रम पर समझौता नहीं करते हैं तो ईरान पर बमबारी करने पर विचार किया सकता है.
Authored By: गुंजन शांडिल्य
Updated On: Monday, March 31, 2025
हाईलाइट
- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक पत्र में तेहरान से एक नया परमाणु समझौता करने का आग्रह किया था.
- तेहरान (ईरान) ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत से इनकार कर दिया.
- इस पर ट्रंप ने तेहरान को दी चेतावनी.
- टैरिफ बढ़ाने से लेकर बमबारी तक की दी चेतावनी.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने परमाणु कार्यक्रम पर ईरान को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि अगर तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर समझौता करने से इनकार करता है तो वे ईरान पर बमबारी करने पर विचार करेंगे. उन्होंने आगे कहा, ‘अगर वे समझौता नहीं करते हैं तो बमबारी होगी और यह बमबारी ऐसी होगी, जैसी उन्होंने पहले कभी नहीं देखी होगी. साथ ही ट्रंप ने ईरानी वस्तुओं पर टैरिफ लगाने की भी चेतावनी दी है.
ट्रंप का तेहरान को पत्र
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में ईरान को लिखे पत्र के बारे में बताया था. उनके मुताबिक उन्होंने परमाणु समझौते पर बातचीत शुरू करने के प्रयास में ईरान को एक पत्र लिखा है. उम्मीद है कि ईरान बातचीत करने के लिए तैयार होगा. ऐसे हमारे पास दूसरा विकल्प भी है. क्योंकि आप एक और परमाणु हथियार नहीं बनने दे सकते.
ईरान ने सीधी बातचीत किया इंकार
ईरान ने राष्ट्रपति ट्रंप से मिले पत्र मिलने के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ सीधी बातचीत करने से इनकार कर दिया है. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि देश अपने परमाणु कार्यक्रम के बारे में अमेरिका के साथ सीधी बातचीत नहीं करेगा. ऐसे राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान के सर्वोच्च नेता को भेजे गए पत्र पर ईरान की यह पहली प्रतिक्रिया थी.
अप्रत्यक्ष वार्ता की संभावना बरकरार
ईरान के राष्ट्रपति ने ट्रंप के पत्र पर पहली प्रतिक्रिया में अमेरिका से प्रत्यक्ष वार्ता को जरूर खारिज कर दिया है. लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि तेहरान, वाशिंगटन से बैकडोर बात कर सकता है. इसलिए कहा जा रहा है कि ईरानी राष्ट्रपति मसूद ने अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष वार्ता की संभावना से इनकार भी नहीं किया है. बैकडोर बातचीत से तात्पर्य यह है कि ईरान परमाणु कार्यक्रम पर मीटिंग तय कर अमेरिका से कोई नहीं करेगा. बल्कि वही किसी मित्र देश के जरिए इस मुद्दे पर बात कर सकता है.
समझौते से हुए थे बाहर
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में ईरान और विश्व के अन्य देशों के बीच 2018 में हुए समझौते से अमेरिका को वापस ले लिया था. इस समझौते के तहत आर्थिक प्रतिबंधों में ढील के बदले में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त प्रतिबंध लगाए गए थे. ट्रंप तब भी ईरान के आर्थिक प्रतिबंध में ढील देने के पक्ष में नहीं थे. समझौते से हटने के बाद ट्रंप ने ईरान पर फिर से कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे.
दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव
वर्ष 2018 से ही दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है. गाजा में इजरायल-हमास संघर्ष में ईरान समर्थित समूहों के नेताओं पर भी हमले किए गए थे. वर्तमान में अमेरिका यमन में हौती विद्रोहियों के खिलाफ हवाई हमले कर रहा है. इस हमले के बाद से ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की आशंका को और बल दिया है. इस पर ट्रंप की चेतावनी से क्षेत्र में तनाव बढ़ना लाजमी है.