विहिप ने किया देशव्यापी जन-जागरण अभियान का ऐलान, सरकारी नियंत्रण से मुक्ति का शंखनाद

Authored By: सतीश झा

Published On: Thursday, December 26, 2024

Last Updated On: Thursday, December 26, 2024

VHP ne kiya deshvyapi jan-jagran abhiyan ka elan, Hindu mandiron ko sarkari niyantran se mukt karne ka shankhnaad
VHP ne kiya deshvyapi jan-jagran abhiyan ka elan, Hindu mandiron ko sarkari niyantran se mukt karne ka shankhnaad

विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने गुरुवार को हिंदू मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने के लिए एक देशव्यापी जन-जागरण अभियान शुरू करने की घोषणा की। यह अभियान 5 जनवरी 2025 से विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश में आयोजित ‘हैंदव शंखारावम’ के माध्यम से शुरू होगा। इस विशाल समागम में लाखों श्रद्धालु भाग लेंगे।

Authored By: सतीश झा

Last Updated On: Thursday, December 26, 2024

विहिप के संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा, “राज्य सरकारों को हिंदू मंदिरों के प्रबंधन और उनके दैनिक कार्यों से तुरंत अलग हो जाना चाहिए। यह भेदभावपूर्ण है कि जहां मस्जिदों और चर्चों पर सरकारी नियंत्रण नहीं है, वहीं हिंदू मंदिरों पर यह अनुचित हस्तक्षेप जारी है।”

अभियान के उद्देश्य

  • मंदिरों की संपत्तियों की रक्षा: चल-अचल संपत्तियों का उपयोग हिंदू धर्म के प्रचार और सेवा कार्यों में हो।
  • गैर-हिंदुओं की नियुक्ति पर रोक: मंदिर प्रबंधन और पूजा से जुड़े कार्यों में केवल आस्थावान हिंदुओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
  • राजनीतिक हस्तक्षेप खत्म करना: प्रबंधन समितियों में राजनेताओं और राजनीतिक दलों से जुड़े व्यक्तियों को शामिल न किया जाए।
  • अवैध निर्माण हटाना: मंदिर की जमीन पर गैर-हिंदुओं द्वारा बनाए गए सभी अवैध निर्माणों को हटाया जाए।

संवैधानिक प्रावधान और सामाजिक संरचना

श्री परांडे ने बताया कि विहिप ने एक विशेषज्ञ टीम गठित की है, जिसमें वरिष्ठ वकील, सेवानिवृत्त न्यायाधीश, संत, और धार्मिक विद्वान शामिल हैं। इस टीम ने मंदिरों को समाज को सौंपने और विवाद निस्तारण की प्रक्रिया का प्रारूप तैयार किया है।

राजनीतिक और सामाजिक संवाद

विहिप ने 30 सितंबर को सभी राज्यपालों को ज्ञापन सौंपते हुए सरकारों से मंदिरों के नियंत्रण से हटने का निवेदन किया था। संगठन ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को एक प्रस्ताव भी सौंपा है और अन्य राज्यों व राजनीतिक दलों से चर्चा जारी है। विहिप का यह कदम हिंदू समाज को अपनी धार्मिक स्वतंत्रता और परंपराओं की रक्षा के लिए प्रेरित करने का प्रयास है। श्री परांडे ने कहा, “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि मंदिरों की आय केवल धर्म प्रचार और समाज सेवा में उपयोग हो, न कि सरकारी कार्यों में।”

विशेष मांगें

  • मंदिर प्रबंधन में सभी गैर-हिंदुओं को हटाया जाए।
  • केवल श्रद्धालु और आस्थावान हिंदुओं को पूजा और सेवा कार्यों की जिम्मेदारी दी जाए।
  • मंदिर परिसरों में केवल हिंदू व्यापारियों को दुकानें संचालित करने की अनुमति हो।
  • इस अभियान से हिंदू समाज में जागरूकता बढ़ाने और मंदिरों के प्रबंधन को संतुलित और पारदर्शी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
About the Author: सतीश झा
सतीश झा की लेखनी में समाज की जमीनी सच्चाई और प्रगतिशील दृष्टिकोण का मेल दिखाई देता है। बीते 20 वर्षों में राजनीति, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचारों के साथ-साथ राज्यों की खबरों पर व्यापक और गहन लेखन किया है। उनकी विशेषता समसामयिक विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना और पाठकों तक सटीक जानकारी पहुंचाना है। राजनीति से लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्दों तक, उनकी गहन पकड़ और निष्पक्षता ने उन्हें पत्रकारिता जगत में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है
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