नहीं चाहिए किसी की राय, हम दोनों भाई निर्णय लेने में हैं सक्षम : क्यों कहा ठाकरे बंधुओं ने ऐसी बात

Authored By: सतीश झा

Published On: Thursday, August 7, 2025

Updated On: Thursday, August 7, 2025

ठाकरे बंधु बयान पर प्रेस कांफ्रेंस में बोले दोनों भाई.

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) और उनके चचेरे भाई तथा महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने उन लोगों को टका सा जवाब दिया है, जो ठाकरे बंधुओं को बिन मांगे सलाह दे रहे थे. कई मुद्दे सहित उपराष्ट्रपति चुनाव (Vice President of India Election) को लेकर दोनों भाइयों के रूख को लेकर भी कई तरह की सियासी बातें कानाफूसी हो रही थीं. अब इस पर विराम लग गया है। साथ ही दूसरे दलों के नेताओं को भी एक तरह से सख्त हिदायत मिली है कि कुछ भी न बोल दिया जाए.

Authored By: सतीश झा

Updated On: Thursday, August 7, 2025

ठाकरे बंधु बयान: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने (Uddhav Thackeray) उपराष्ट्रपति चुनाव, एमएनएस के साथ संभावित गठबंधन और इंडिया ब्लॉक की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिए. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी यह तय करने से पहले इंतजार करेगी कि सत्तारूढ़ भाजपा (BJP) उपराष्ट्रपति पद के लिए किसे उम्मीदवार बनाती है, उसके बाद ही समर्थन पर निर्णय लिया जाएगा.

पत्रकारों से बातचीत में उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने कहा, “हम इस समय उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर किसी पूर्व निर्णय पर नहीं पहुंचे हैं. जब भाजपा अपने उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा करेगी, उसके बाद ही हम पार्टी स्तर पर चर्चा कर समर्थन का निर्णय लेंगे.” उन्होंने इस मौके पर यह भी सवाल उठाया कि जगदीप धनखड़ ने अचानक उपराष्ट्रपति पद क्यों छोड़ा, जबकि उनका कार्यकाल अभी शेष था.

राज ठाकरे की MNS के साथ गठबंधन को लेकर स्थिति साफ

परिवार के राजनीतिक पुनर्मिलन की अटकलों के बीच, उद्धव ठाकरे ने अपने चचेरे भाई और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे (Raj Thackeray) के साथ संभावित गठबंधन पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा, “हम दोनों भाई (मैं और राज ठाकरे) एक-दूसरे के साथ गठबंधन को लेकर खुद निर्णय लेने में पूरी तरह सक्षम हैं. इसमें किसी तीसरे पक्ष, यहां तक कि इंडिया ब्लॉक की भी कोई भूमिका नहीं है.”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि MNS के साथ किसी प्रकार के गठबंधन को लेकर इंडिया ब्लॉक के स्तर पर कोई शर्तें या नियम लागू नहीं होते.

INDIA ब्लॉक और शिवसेना का तालमेल

उद्धव ठाकरे ने यह भी दोहराया कि शिवसेना INDIA गठबंधन का एक अहम हिस्सा है और आने वाले विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों के साथ तालमेल जारी रहेगा. लेकिन उन्होंने यह भी संकेत दिया कि राज्य के क्षेत्रीय समीकरणों को देखते हुए MNS जैसे दलों से स्वतंत्र रूप से बातचीत की जा सकती है.

उद्धव ठाकरे के इस बयान ने उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर शिवसेना की स्थिति स्पष्ट कर दी है, साथ ही राज ठाकरे की पार्टी MNS के साथ संभावित गठबंधन को लेकर उठ रहे राजनीतिक कयासों को भी ठोस आधार दिया है.

उद्धव ठाकरे का प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा हमला

उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया “किसान सर्वोच्च प्राथमिकता हैं” वाली टिप्पणी पर कड़ा प्रहार किया है. यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिका ने भारतीय कृषि उत्पादों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने का फैसला किया है. इस संदर्भ में ठाकरे ने सरकार की कथनी और करनी में फर्क को उजागर करते हुए तीखी आलोचना की.

संवाददाताओं से बातचीत में उद्धव ठाकरे ने कहा, “जो किसान दिल्ली आना चाहते थे, उन्हें रोक दिया गया. कुछ गरीब किसान मर गए. आपको तब किसान याद नहीं आए. अब आपको किसान याद आ रहे हैं?”
उन्होंने सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब किसानों ने 2020-21 में कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन किया था, तब केंद्र सरकार ने उनकी कोई परवाह नहीं की.

बंदूकें तानी गईं, नक्सली कहा गया

ठाकरे ने आगे कहा, “सरकार ने किसानों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोका, उन पर बंदूकें तानी गईं, दीवारें खड़ी कर दी गईं, और उन्हें नक्सली कहकर बदनाम किया गया.” उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “अब हर कोई कह रहा है कि मैं किसान का बेटा हूं. इसका मतलब है कि उनके पिता भूख हड़ताल पर थे और उन्हें दिल्ली आने नहीं दिया गया था.”

उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा कि अब धीरे-धीरे सरकार के सारे झूठ बेनकाब हो रहे हैं और जनता के सामने उनका असली चेहरा आ रहा है. उन्होंने कहा कि अब जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय कृषि उत्पादों को झटका लगा है, तब सरकार किसानों की बात करने लगी है.

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ठाकरे परिवार (Thackeray Family) हमेशा से शिवसेना (Shivsena) की रीढ़ रहा है. चाहे बाल ठाकरे (Bala saheb Thackeray) का नेतृत्व हो या उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) का संयमित राजनैतिक दृष्टिकोण – परिवार ने हमेशा पार्टी को दिशा दी है. अब जब ठाकरे बंधु एकजुट होकर साथ आ रहे हैं, तो यह बयान पार्टी में अनुशासन और स्पष्ट नेतृत्व का संकेत है.

About the Author: सतीश झा
सतीश झा की लेखनी में समाज की जमीनी सच्चाई और प्रगतिशील दृष्टिकोण का मेल दिखाई देता है। बीते 20 वर्षों में राजनीति, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचारों के साथ-साथ राज्यों की खबरों पर व्यापक और गहन लेखन किया है। उनकी विशेषता समसामयिक विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना और पाठकों तक सटीक जानकारी पहुंचाना है। राजनीति से लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्दों तक, उनकी गहन पकड़ और निष्पक्षता ने उन्हें पत्रकारिता जगत में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है
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