Special Coverage
दिल्ली में बनेगा केदारनाथ धाम, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उठाए कई सवाल
Authored By: सतीश झा
Published On: Tuesday, July 16, 2024
Last Updated On: Saturday, July 27, 2024
राजधानी दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र में केदारनाथ धाम बनाने के लिए हाल ही में भूमिपूजन किया गया। भूमिपूजन में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई संत समाज के लोग आए थे। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इसको लेकर कई सवाल उठाए। अब इस पर बयानों का दौर जारी है।
Authored By: सतीश झा
Last Updated On: Saturday, July 27, 2024
10 जुलाई,2024 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजधानी दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र में भूमिपूजन किया। इसका निर्माण एक निजी संस्था और सामाजिक लोगों के सहयोग से किया जा रहा है। इसमें कई साधु-संत भी आए। कुछ ही दिन ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इस केदारनाथ धाम को लेकर सवाल उठाया।
शंकराचार्य की ओर से कहा गया
देश की राजधानी दिल्ली में श्री केदारनाथ धाम के नाम से मंदिर का भूमि पूजन किए जाने पर ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने नाराजगी जताते हुए केदारनाथ धाम ट्रस्ट और उत्तराखंड राज्य सरकार से सवाल किया है। उन्होंने कहा है कि आखिर क्यों केदारनाथ धाम के नाम से राजधानी दिल्ली में मंदिर बनाने की जरूरत पड़ रही है। उन्होंने केदारनाथ धाम की गरिमा और महत्व को कम करने का कुत्सित प्रयास बताया।
शंकराचार्य ने कहा कि, ” मध्य हिमालय स्थित केदारनाथ बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसको पुराण में हिमालय तू केदारम कहा गया है। केदारनाथ स्थित ज्योतिर्लिंग सतयुग का ज्योतिर्लिंग कहा गया है।”
कहा कि 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक केदारनाथ धाम के अस्तित्व और महत्व को कम करने की किसी भी योजना को सफल नहीं होने दिया जाएगा। शंकराचार्य जी ने कहां कि एक निजी ट्रस्ट के द्वारा केदारनाथ धाम नाम से मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एवं विधायकों का उपस्थित रहना उचित नहीं है। इसमें उत्तराखंड राज्य सरकार को भी विचार करना चाहिए।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि केदारनाथ धाम नाम से कहीं भी मंदिर की स्थापना नहीं की जा सकती है। यदि वे मंदिर की स्थापना ही करना चाहते हैं तो किसी अन्य नाम से मंदिर स्थापित कर सकते हैं। इसपर कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने संबंधित लोगों को जन भावनाओं का आदर करते हुए इस तरह का कृत्य नहीं करने की सलाह दी।
सीएम पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने कही थी ये बात
नई दिल्ली में श्री केदारनाथ मंदिर दिल्ली धाम के भूमि-पूजन कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ। इस अवसर पर संत समाज एवं विद्वतगणों के साथ वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच मंदिर निर्माण का भूमि पूजन किया। निश्चित रूप से इस मंदिर का निर्माण शिव भक्तों के लिए हर्ष का क्षण है साथ ही सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में भी यह स्थल सहायक सिद्ध होगा। यह मंदिर समाज को अध्यात्म एवं वर्तमान पीढ़ी को प्राचीन संस्कृति से जोड़ने के केंद्र के रूप में भी अपना योगदान देगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वैश्विक पटल पर सनातन संस्कृति की पताका फहरा रही है। हमारी डबल इंजन सरकार भी संस्कृति के पुनरुत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है।
निजी संस्था ने दिया अपना स्पष्टीकरण
बुराड़ी में बन रहे केदारनाथ मंदिर को लेकर उठे विवाद पर श्री केदारनाथ धाम दिल्ली ट्रस्ट के संस्थापक सुरेंद्र रौतेला ने कहा, “अगर दिल्ली में बनने वाले मंदिर का नाम केदारनाथ मंदिर रखने से भावनाएं आहत हो रही हैं, तो ट्रस्ट मंदिर का नाम बदल देगा… मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी धर्म रक्षक हैं, इसलिए उन्हें मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था। मुख्यमंत्री का मंदिर ट्रस्ट से कोई लेना-देना नहीं है।













