भोपाल में किसान आंदोलन उग्र, 100% MSP पर मूंग खरीद की मांग तेज, CM हाउस मार्च से सरकार की बढ़ी चिंता
Authored By: Nishant Singh
Published On: Wednesday, July 29, 2026
Updated On: Wednesday, July 29, 2026
मध्य प्रदेश में मूंग की 100% MSP पर खरीद की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है. भोपाल में हजारों किसान डटे हैं और मुख्यमंत्री आवास तक मार्च की तैयारी कर रहे हैं. सरकार ने खरीद लक्ष्य बढ़ाने के लिए केंद्र से आग्रह किया है, जबकि किसानों ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है.
Authored By: Nishant Singh
Updated On: Wednesday, July 29, 2026
Bhopal Farmer Protest: मध्य प्रदेश में मूंग की फसल की 100 प्रतिशत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है. नर्मदापुरम से भोपाल पहुंचे हजारों किसानों ने राजधानी के सावरकर सेतु के पास डेरा डाल दिया है और साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वे वापस नहीं लौटेंगे. आंदोलन के अगले चरण में किसान मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने की तैयारी कर रहे हैं. राजधानी में बढ़ती हलचल के बीच प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है और कई स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
मूंग खरीद बना सबसे बड़ा मुद्दा, केंद्र से बढ़ी उम्मीद
किसानों की सबसे बड़ी मांग है कि प्रदेश में उत्पादित मूंग की पूरी फसल MSP पर खरीदी जाए. इसी बीच राज्य के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर खरीद लक्ष्य बढ़ाने की मांग की है. पत्र में बताया गया है कि इस वर्ष प्रदेश में लगभग 8.06 लाख मीट्रिक टन मूंग का उत्पादन हुआ है, जबकि खरीद का लक्ष्य केवल 4.54 लाख मीट्रिक टन तय किया गया है. सरकार का मानना है कि यदि लक्ष्य नहीं बढ़ाया गया तो बड़ी संख्या में किसान समर्थन मूल्य का लाभ लेने से वंचित रह जाएंगे. अब तक करीब 4.19 लाख मीट्रिक टन मूंग की खरीद हो चुकी है और मौजूदा गति को देखते हुए निर्धारित लक्ष्य जल्द पूरा होने की संभावना है.
ई-टोकन व्यवस्था पर भी किसानों का विरोध
आंदोलन कर रहे किसानों का कहना है कि केवल खरीद लक्ष्य ही नहीं, बल्कि ई-टोकन व्यवस्था भी बड़ी समस्या बन गई है. उनका आरोप है कि मौजूदा व्यवस्था के कारण कई किसानों को समय पर अपनी उपज बेचने का अवसर नहीं मिल रहा. किसानों ने मांग की है कि या तो इस प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए या फिर इसे समाप्त किया जाए. प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और उनका उद्देश्य केवल अपनी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना है.
पुलिस चौकसी के बीच जारी बातचीत
करीब दो हजार किसान राशन, अनाज की बोरियां, बिस्तर और जरूरी सामान के साथ भोपाल पहुंचे हैं. पुलिस ने राजधानी में कई जगह बैरिकेडिंग लगाकर मार्च रोकने की कोशिश की, लेकिन किसान आगे बढ़ते रहे. हालांकि सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का दौर भी जारी है. कृषि मंत्री ने किसान नेताओं से मुलाकात कर भरोसा दिलाया है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है. दूसरी ओर, आंदोलन के कारण भोपाल में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं.
देश के मूंग उत्पादन में MP की अहम भूमिका
मध्य प्रदेश देश के कुल मूंग उत्पादन का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा देता है. यही वजह है कि किसान संगठनों का कहना है कि यदि यहां खरीद सीमित रही तो इसका सबसे बड़ा नुकसान प्रदेश के किसानों को होगा. उनकी मांग है कि खरीद सीमा बढ़ाकर लगभग 8 लाख मीट्रिक टन की जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को MSP का लाभ मिल सके. फिलहाल सभी की निगाहें केंद्र और राज्य सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं. यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है.
यह भी पढ़ें :- राम मंदिर में चढ़ावा हुआ डिजिटल, अब मिनटों में करें ऑनलाइन दान, हर भुगतान का मिलेगा पूरा रिकॉर्ड
यह भी पढ़ें
news via inbox
समाचार जगत की हर खबर, सीधे आपके इनबॉक्स में - आज ही हमारे न्यूजलेटर को सब्सक्राइब करें।
[newsletter_form]













