Special Coverage
नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा से बिगड़े हालात, कई शहरों में कर्फ्यू, तीन की मौत के बाद सेना ने संभाला मोर्चा
Authored By: Nishant Singh
Published On: Thursday, July 30, 2026
Last Updated On: Thursday, July 30, 2026
नेपाल के सुनसरी से शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा अब छह से अधिक शहरों तक फैल गई है. हिंसा में तीन लोगों की मौत और कई घायल हुए हैं. कई जिलों में कर्फ्यू लागू है, जबकि सेना और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं. सरकार ने शांति बनाए रखने और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Thursday, July 30, 2026
नेपाल में बीते चार दिनों से सांप्रदायिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. सुनसरी जिले से शुरू हुई हिंसा अब देश के कई हिस्सों तक फैल चुकी है, जिससे कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है. कई शहरों में आगजनी, पथराव, तोड़फोड़ और पुलिस के साथ झड़प की घटनाएं सामने आई हैं. हालात इतने बिगड़ गए कि प्रशासन को छह से अधिक शहरों में कर्फ्यू लागू करना पड़ा. सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस के साथ सशस्त्र बल और नेपाली सेना को भी तैनात किया गया है. हेलिकॉप्टरों के जरिए संवेदनशील इलाकों की निगरानी की जा रही है, जबकि लोगों से घरों के भीतर रहने की अपील की गई है.
बोलबम यात्रा के दौरान विवाद ने लिया हिंसक रूप
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुनसरी जिले के देवानगंज क्षेत्र में बोलबम यात्रा के दौरान दो समुदायों के बीच विवाद हुआ. स्थानीय लोगों का दावा है कि मंदिर की सार्वजनिक भूमि पर मुहर्रम के अवसर पर लगाए गए झंडे को हटाने को लेकर पहले से तनाव बना हुआ था. इसी मुद्दे के बीच रविवार रात जब कांवड़ यात्रा की शुरुआत हो रही थी, तब विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते हिंसा फैल गई.
स्थिति बिगड़ने पर दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया, लेकिन हिंसा जल्द ही आसपास के इलाकों तक फैल गई. इस दौरान कई सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा, दुकानों और वाहनों में आग लगा दी गई तथा दर्जनों लोग घायल हो गए.
हिंसा से जुड़ी प्रमुख बातें
- अब तक 3 लोगों की मौत की पुष्टि.
- कई प्रदर्शनकारी, नागरिक और सुरक्षाकर्मी घायल.
- दुकानों, वाहनों और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान.
- कई जिलों में कर्फ्यू और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात.
कई शहरों में कर्फ्यू, सेना और हेलिकॉप्टर से निगरानी
हिंसा फैलने के बाद प्रशासन ने इनरवा, जनकपुर, सिरहा, गोलबाजार, लहान सहित कई संवेदनशील शहरों में कर्फ्यू लागू कर दिया. पुलिस के साथ सशस्त्र पुलिस बल और नेपाली सेना को तैनात किया गया है. कई इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला गया, जबकि हवाई निगरानी के लिए हेलिकॉप्टरों की भी मदद ली जा रही है.
सुरक्षा एजेंसियों ने हिंसा फैलाने वाले लोगों की पहचान कर कार्रवाई शुरू कर दी है. वहीं इंटरनेट और संचार व्यवस्था पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि अफवाहों को फैलने से रोका जा सके. प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बल भी भेजा जाएगा.
राष्ट्रपति की शांति अपील, सरकार विपक्ष के निशाने पर
नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए सभी नागरिकों से सामाजिक सौहार्द, धार्मिक सहिष्णुता और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद का समाधान हिंसा नहीं, बल्कि संवाद और आपसी विश्वास से निकाला जाना चाहिए.
दूसरी ओर, विपक्ष ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं. विपक्षी नेताओं का आरोप है कि शुरुआती दौर में समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, जिससे हालात और बिगड़ गए. सरकार ने हालांकि दावा किया है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लगातार उच्चस्तरीय बैठकें की जा रही हैं और हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
आम जनजीवन पर असर
- बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद.
- सार्वजनिक परिवहन प्रभावित.
- कई शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई ठप.
- लोग घरों में रहने को मजबूर.
- स्थानीय कारोबार और अर्थव्यवस्था पर असर.
स्थिति सामान्य करने की सबसे बड़ी चुनौती
लगातार चार दिनों से जारी हिंसा ने नेपाल के कई हिस्सों में सामान्य जीवन को प्रभावित किया है. सुरक्षा एजेंसियां हालात पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशासन और सरकार कितनी जल्दी शांति बहाल कर पाते हैं, ताकि लोगों का सामान्य जीवन फिर से पटरी पर लौट सके.
यह भी पढ़ें :- 100% टैरिफ का खतरा, रूसी तेल खरीद पर अमेरिका का नया दांव, भारत-चीन की बढ़ी चिंता














