Special Coverage
SCO Summit 2027: क्या पाकिस्तान जाएंगे पीएम मोदी? इस्लामाबाद की तैयारियों ने बढ़ाया सस्पेंस
Authored By: Nishant Singh
Published On: Friday, July 31, 2026
Last Updated On: Friday, July 31, 2026
SCO Summit 2027: साल 2027 में इस्लामाबाद में होने वाले SCO शिखर सम्मेलन को लेकर पाकिस्तान ने सभी सदस्य देशों, including भारत, को निमंत्रण भेजने के संकेत दिए हैं. इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संभावित पाकिस्तान यात्रा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. हालांकि भारत की ओर से अभी तक किसी आधिकारिक भागीदारी की पुष्टि नहीं की गई है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Friday, July 31, 2026
SCO Summit 2027: साल 2027 में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन को लेकर राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं. पाकिस्तान ने संकेत दिया है कि सम्मेलन में संगठन के सभी सदस्य देशों को औपचारिक निमंत्रण भेजा जाएगा. ऐसे में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित दौरे को लेकर भी अटकलें शुरू हो गई हैं. हालांकि अभी तक भारत सरकार की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि प्रधानमंत्री सम्मेलन में स्वयं शामिल होंगे या भारत की ओर से किसी अन्य प्रतिनिधि को भेजा जाएगा.
पाकिस्तान का बयान, प्रोटोकॉल के तहत सभी सदस्य देशों को मिलेगा बुलावा
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि SCO की परंपरा और प्रोटोकॉल के अनुसार मेजबान देश का दायित्व है कि वह सभी सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों को सम्मेलन के लिए आमंत्रित करे. इसी प्रक्रिया के तहत भारत को भी निमंत्रण भेजा जाएगा. वहीं, जब उनसे मनीला में आयोजित ASEAN बैठकों के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पाकिस्तान के विदेश मंत्री की संभावित मुलाकात के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को भारत की ओर से ऐसी किसी बैठक की जानकारी नहीं मिली है. फिलहाल दोनों देशों के बीच किसी औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता की पुष्टि नहीं हुई है.
क्या है SCO और क्यों अहम माना जाता है यह मंच?
शंघाई सहयोग संगठन दुनिया के सबसे प्रभावशाली क्षेत्रीय संगठनों में से एक माना जाता है. इसकी स्थापना 15 जून 2001 को चीन की राजधानी बीजिंग में हुई थी. संगठन का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग, आर्थिक विकास, व्यापार और आपसी विश्वास को मजबूत करना है. इस संगठन में भारत, पाकिस्तान, चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, तजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस जैसे देश शामिल हैं. हर वर्ष सदस्य देशों में से एक देश इसकी सर्वोच्च परिषद ‘काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ स्टेट’ की मेजबानी करता है और उसी देश में शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाता है. वर्ष 2027 के लिए यह जिम्मेदारी पाकिस्तान को मिली है.
भारत की रणनीति पर टिकी निगाहें, अंतिम फैसला अभी बाकी
पाकिस्तान के निमंत्रण संबंधी बयान के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि भारत इस सम्मेलन में किस स्तर पर भागीदारी करेगा. भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से संबंधों में तनाव बना हुआ है, ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संभावित यात्रा को लेकर स्वाभाविक रूप से चर्चा तेज हो गई है. हालांकि विदेश नीति और सुरक्षा से जुड़े ऐसे निर्णय कई कूटनीतिक और रणनीतिक पहलुओं को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं. इसलिए अंतिम फैसला भारत सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा. फिलहाल इतना तय है कि इस्लामाबाद में होने वाला SCO शिखर सम्मेलन केवल क्षेत्रीय सहयोग का मंच नहीं, बल्कि दक्षिण एशिया की कूटनीति पर भी दुनिया की नजरें टिकाए रखेगा.
यह भी पढ़ें :- नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा से बिगड़े हालात, कई शहरों में कर्फ्यू, तीन की मौत के बाद सेना ने संभाला मोर्चा














