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अगले हफ्ते शेयर बाजार में बढ़ेगी हलचल, कच्चे तेल से अमेरिकी महंगाई तक इन संकेतों पर रहेगी नजर
Authored By: Nishant Singh
Published On: Thursday, September 10, 2026
Last Updated On: Thursday, September 10, 2026
अगले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार की दिशा पर पश्चिम एशिया का तनाव, कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिकी महंगाई के आंकड़े असर डाल सकते हैं. विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों का मजबूत सहारा बाजार को संभाल रहा है. मजबूत GDP आंकड़े भी निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत बने हुए हैं.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Thursday, September 10, 2026
Stock Market Signals: भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला सप्ताह काफी महत्वपूर्ण हो सकता है. पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिका के महंगाई आंकड़े बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे. इसके अलावा विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, रुपये की चाल और वैश्विक बाजारों के रुख पर भी निवेशकों की नजर रहेगी. पिछले सप्ताह सेंसेक्स 749.08 अंक यानी 0.96 प्रतिशत और निफ्टी 277.95 अंक यानी 1.14 प्रतिशत गिरा. निफ्टी की यह लगातार चौथी साप्ताहिक गिरावट थी.
महंगा कच्चा तेल बढ़ा रहा चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बनी चिंताओं से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है. पिछले सप्ताह ब्रेंट क्रूड 8 प्रतिशत से अधिक और WTI क्रूड 9 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा. ब्रेंट करीब 95 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर काफी निर्भर है, इसलिए महंगे तेल से महंगाई, चालू खाते के घाटे और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है.
अमेरिकी महंगाई आंकड़े देंगे बड़ा संकेत
अमेरिका के आगामी महंगाई आंकड़े यह समझने में मदद करेंगे कि फेडरल रिजर्व आगे ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपना सकता है. हालिया रोजगार आंकड़ों में गैर-कृषि क्षेत्र में 1.62 लाख नौकरियां जुड़ीं, जबकि अनुमान करीब 53 हजार था. बेरोजगारी दर 4.1 प्रतिशत रही. मजबूत रोजगार आंकड़ों के बाद अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर बाजार की उम्मीदें बदली हैं. ऐसे में महंगाई के आंकड़े भारतीय बाजार के लिए भी महत्वपूर्ण रहेंगे.
FII की बिकवाली, DII का मजबूत सहारा
विदेशी निवेशकों ने पिछले सप्ताह लगातार तीसरे सप्ताह बिकवाली करते हुए करीब 5,612 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 23,156 करोड़ रुपये की खरीदारी की, जिससे बाजार को सहारा मिला. इसी दौरान रुपया करीब 1 प्रतिशत मजबूत होकर 94.48 के स्तर पर बंद हुआ. RBI की FCNR (B) विशेष स्वैप विंडो से 52 अरब डॉलर से अधिक की NRI जमा राशि जुटाई गई थी.
मजबूत GDP से मिली राहत
वैश्विक दबाव के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के आंकड़े कुछ राहत दे रहे हैं. Q1FY27 में वास्तविक GDP ग्रोथ 7.8 प्रतिशत रही, जो बाजार की उम्मीदों से बेहतर है. निर्यात और निवेश में मजबूत वृद्धि भी सकारात्मक संकेत है. ऐसे में आने वाले सप्ताह में महंगा तेल और वैश्विक तनाव दबाव बढ़ा सकते हैं, जबकि घरेलू निवेश और मजबूत आर्थिक आंकड़े बाजार को संभालने में मदद कर सकते हैं.
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