NEET UG Exam: 2 मिनट लेट होने पर भी दे पाएंगे परीक्षा? समिति ने दिए बड़े सुझाव
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Monday, October 12, 2026
Updated On: Monday, October 12, 2026
NEET UG परीक्षा के नियमों में बदलाव की मांग तेज हो गई है. संसदीय समिति ने सुझाव दिया है कि उचित कारणों से 2 से 5 मिनट देरी से पहुंचने वाले छात्रों को भी परीक्षा में बैठने का मौका मिल सकता है. जानें पेपर लीक रोकने और परीक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए क्या हैं अन्य सुझाव.
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Updated On: Monday, October 12, 2026
NEET UG Exam: NEET Paper लीक के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) अब परीक्षा से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को और सख्त बनाने में जुटी है, ऐसे में कांग्रेस नेता और राज्यसभा सदस्य मुकुल वासनिक की अगुवाई वाली संसदीय समिति ने नीट-यूजी परीक्षा को लेकर कई बड़े बदलावों के सुझाव दिए हैं. इसमें लेट होने पर भी छात्र को परीक्षा शामिल करने को कहा गया है. समिति ने कहा है कि सिविल सेवा परीक्षा जहां अपने अभ्यर्थियों के चयन के लिए बहुस्तरीय परीक्षा प्रणाली का अनुसरण करती है, वहीं इसके विपरीत नीट-यूजी की परीक्षा अब तक एकल स्तरीय परीक्षा प्रणाली से आयोजित की जाती है.
परीक्षा के दिन बड़े आयोजनों पर रोक
समिति ने परीक्षा के दिन आयोजित होने वाली सार्वजनिक रैलियों और जुलूस जैसे बड़े आयोजनों को अनुमति न दिए जाने का भी सुझाव दिया है. इसमें कहा गया है कि परीक्षा के दिन सुचारू यातायात और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में विलंब का सामना न करना पड़े.
2 मिनट की देरी में पूरा साल खराब न हो
संसदीय समिति ने उचित कारणों के चलते देरी से पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल करने को लेकर एनटीए से विचार करने के लिए कहा है. साथ ही यह भी कहा गया है कि वह ऐसे छात्रों को बाकी बचे समय के लिए परीक्षा में शामिल होने का मौका दे सकती है, समिति का मानना है कि दो से पांच मिनट की देरी पर परीक्षा में न बैठने देने से उस छात्र का पूरा वर्ष खराब हो जाता है.
सुझावों का मुख्य उद्देश्य
संसदीय समिति के सुझावों का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की ढांचागत खामियों को दूर कर उसकी जवाबदेही, पारदर्शिता और तकनीकी सुरक्षा को मजबूत करना है. इसके मायने हैं कि पेपर लीक और प्रशासनिक गड़बड़ियों को रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों के चयन, प्रश्नपत्रों के वितरण और निगरानी प्रणाली में कड़े नीतिगत व कानूनी बदलाव किए जाएंगे.
पिछले साल उठी सुधार की मांग
NTA में व्यापक सुधारों की राष्ट्रव्यापी मांग मुख्य रूप से जून 2024 में NEET-UG और UGC-NEET परीक्षाओं के दौरान उठे गंभीर विवादों के बाद शुरू हुई. यह मांग कथित पेपर लीक, ग्रेस मार्क्स की विसंगतियों और एजेंसी की आउटसोर्सिंग प्रणाली में सुरक्षा खामियों के सामने आने के बाद उठी, जिसके चलते सरकार को राधाकृष्णन समिति का गठन करना पड़ा.
अभिषेक सिंह हैं एनटीए के महानिदेशक
एनटीए के अध्यक्ष पद पर प्रो. विनीत जोशी के बाद पूर्व यूपीएससी अध्यक्ष प्रो. प्रदीप कुमार जोशी रहे, जबकि महानिदेशक (DG) स्तर पर विनीत जोशी, सुबोध कुमार सिंह और उनके बाद अभिषेक सिंह को कमान सौंपी गई. इसके अलावा इसकी गवर्निंग बॉडी में विभिन्न आईआईटी, एनआईटी, केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और विशेषज्ञों को सदस्य के रूप में समय-समय पर रोटेशन आधार पर शामिल किया जाता रहा है.
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