टाइगर श्रॉफ पर हमले ने 90 के दशक के खौफनाक दौर की यादें ताजा कीं
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Tuesday, October 20, 2026
Updated On: Wednesday, October 21, 2026
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए कथित जानलेवा हमले और लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से इसकी जिम्मेदारी लेने के दावे ने फिल्म जगत में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. जुहू इलाके में एक स्पोर्ट्स इवेंट से लौटने के दौरान उन पर गोलीबारी की गई, जिसमें दो राहगीरों के घायल होने की बात कही गई है. इस घटना ने मुंबई में 1990 के दशक के उस दौर की यादें फिर ताजा कर दी हैं, जब फिल्मी दुनिया पर अंडरवर्ल्ड का दबाव और खौफ चर्चा का विषय हुआ करता था. कब और किसने मायानगरी में डर फैलाने की शुरुआत की ये भी बताएंगे…
Authored By: Galgotias Times Bureau
Updated On: Wednesday, October 21, 2026
Tiger Shroff firing case: 1990 के दशक में फिल्म निर्माता, अभिनेता और कारोबार से जुड़े कई लोग गैंगस्टरों की धमकियों, जबरन वसूली और हिंसा के साये में रहते थे. दाऊद इब्राहिम, छोटा शकील और अबू सलेम जैसे नामों का जिक्र होते ही मुंबई के फिल्म उद्योग में चिंता का माहौल बन जाता था. समय के साथ अंडरवर्ल्ड की गतिविधियों का स्वरूप बदला, लेकिन फिल्मी हस्तियों को धमकियां मिलने और हमलों की खबरें समय-समय पर सामने आती रही हैं. हाल के वर्षों में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े लोगों के नाम भी ऐसे मामलों में चर्चा में रहे हैं.
पुराना है मायानगरी को डराने का तरीका
पिछले कुछ वर्षों में फिल्म और मनोरंजन जगत से जुड़ी हस्तियों की सुरक्षा का मुद्दा कई बार सुर्खियों में आया है. सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई गोलीबारी के बाद यह सवाल और गंभीर हो गया कि चर्चित कलाकारों की सुरक्षा व्यवस्था को किस तरह मजबूत किया जाए. पंजाबी संगीत जगत से जुड़े कुछ कलाकारों के आवासों और प्रतिष्ठानों पर गोलीबारी की खबरों ने भी चिंता बढ़ाई है. इन घटनाओं के बाद कुछ मामलों में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह या उससे जुड़े बताए जाने वाले लोगों के नाम सामने आए हैं. हालांकि, हर मामले की परिस्थितियां अलग हो सकती हैं और किसी भी घटना को दूसरे मामले से जोड़ने के लिए आधिकारिक जांच के निष्कर्ष जरूरी हैं.
सितारों के घरों तक पहुंच चुकी हैं गोलीबारी की घटनाएं
रिपोर्ट में 31 जनवरी 2026 की रात मुंबई के जुहू स्थित एक आवास पर गोलीबारी का भी उल्लेख किया गया है. इसमें पांच राउंड गोलियां चलने का दावा किया गया है. इसी तरह, वर्ष 2025 में कनाडा स्थित कॉमेडियन कपिल शर्मा के ‘कैप्स कैफे’ पर गोलीबारी की घटना का भी जिक्र किया गया है. इन घटनाओं ने भारत से बाहर रह रहे भारतीय मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े किए.
फिलहाल, ऐसी घटनाओं के बीच सबसे महत्वपूर्ण जरूरत है कि पुलिस जांच के आधार पर तथ्यों को स्पष्ट करे, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो और कलाकारों समेत सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए. फिल्म उद्योग पर अंडरवर्ल्ड का प्रभाव तस्करी और संगठित अपराध के नेटवर्क में था. वह मुंबई के पुराने ताकतवर सरगनाओं में गिना जाता था, लेकिन बॉलीवुड को धमकाकर नियंत्रित करने के मामले में किसी एक को पहला साबित करने के लिए पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं.
शुरुआत किन गैंगस्टरों से हुई?
1. हाजी मस्तान – 1960-70 का दशक
वह मुंबई के शुरुआती चर्चित अंडरवर्ल्ड चेहरों में था. तस्करी से कमाए धन को उसने फिल्म निर्माण और वितरण में भी लगाया. हालांकि, उसे बॉलीवुड में सबसे पहले डर फैलाने वाला व्यक्ति कहना सही नहीं होगा.
2. करीम लाला – 1960-80 का दशक
उसका प्रभाव तस्करी और संगठित अपराध के नेटवर्क में था. वह मुंबई के पुराने ताकतवर सरगनाओं में गिना जाता था, लेकिन बॉलीवुड को धमकाकर नियंत्रित करने के मामले में किसी एक को पहला साबित करने के लिए पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं.
3. दाऊद इब्राहिम – 1980-90 का दशक
दाऊद के गिरोह के उभार के साथ मुंबई में संगठित अपराध और हिंसक गैंगवार का प्रभाव बढ़ा. 1990 के दशक में फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों को धमकाने, वसूली और आपराधिक वित्तपोषण के मामले गंभीर रूप से सामने आए.
Wriiten By: Rajiv Mandal
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