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अभी गोल्ड में आएगी 15 फीसदी और तेजी, इस साल मिलेगा 40 फीसदी का शानदार रिटर्न!
Authored By: Suman
Published On: Thursday, July 17, 2025
Last Updated On: Thursday, July 17, 2025
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) का कहना है कि गोल्ड में इस साल अभी 15 फीसदी की और तेजी आ सकती है और इस पूरे साल में गोल्ड में 40 फीसदी का शानदार रिटर्न मिल सकता है.
Authored By: Suman
Last Updated On: Thursday, July 17, 2025
Gold Price Hike: गोल्ड ने हाल के महीनों में एक लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड लेवल पार किया है और अभी भी 99 हजार रुपये के पार है. लेकिन अब वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) का कहना है कि गोल्ड में इस साल अभी 15 फीसदी की और तेजी आ सकती है और इस पूरे साल में गोल्ड में 40 फीसदी का शानदार रिटर्न मिल सकता है.
World Gold Council के एक ताजा नोट में कहा गया है कि तेजी की स्थिति में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें मौजूदा स्तर से 15 फीसदी तक बढ़ सकती हैं और दिसंबर 2025 के अंत तक 3,839 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच सकती हैं. जनवरी की शुरुआत में सोना 2,669 डॉलर प्रति औंस के आसपास था और अभी तक इसमें करीब 26 फीसदी के आसपास रिटर्न मिल चुका है. आज हाजिर सोना 3,341 डॉलर प्रति औंस के आसपास है. इस तरह से इस पूरे साल में सोने की कीमतों में सालाना रिटर्न 40 फीसदी से ऊपर पहुंच सकता है.
गुरुवार को दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 99,480 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास है. यानी अगर WGC के हिसाब से गोल्ड की कीमतों में 15 फीसदी का इजाफा हुआ तो इस साल दिसंबर तक गोल्ड 1,15,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच सकता है. इस साल की पहली छमाही यानी जनवरी से जून के दौरान गोल्ड बेस्ट परफॉर्मर साबित हुआ है.
क्या कहा WGC ने
डब्ल्यूजीसी ने कहा है, ‘यदि आर्थिक और वित्तीय हालात बिगड़ते हैं, महंगाई का दबाव और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो सुरक्षित निवेश के विकल्प की मांग में वृद्धि हो सकती है जिससे सोने की कीमत 10-15 फीसदी तक बढ़ सकती है.’
भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने और डॉलर के कमजोर होने की वजह से लोगों ने सोने जैसे काफी सुरक्षित माने जाने वाले कमोडिटी में दांव लगाया है. डब्ल्यूजीसी का कहना है कि दुनिया भर में एक्सचेंजों और ईटीएफ में भी गोल्ड की मांग खूब बढ़ी है. इस साल की पहली छमाही में गोल्ड ईटीएफ का वैश्विक एयूएम 41 फीसदी की शानदार उछाल के साथ 383 अरब डॉलर तक पहुंच गया है.
क्या है जोखिम
डब्ल्यूजीसी का मानना है कि अपने बेस-केस सिनेरियो में सोने की कीमत कैलेंडर वर्ष 2025 की दूसरी छमाही में सीमित दायरे में बनी रह सकती हैं और यह चालू स्तरों से 0-5 फीसदी अधिक रह सकती है जो 25-30 फीसदी के सालाना रिटर्न के बराबर है. परिषद को लगता है कि वर्ष की दूसरी छमाही में निवेशक भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण चिंतित रहेंगे. हालांकि अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों में सुधार के संकेत मिले हैं, लेकिन यह चिंता बनी हुई है कि हालात जल्द बिगड़ सकते हैं.
गिरावट के परिदृश्य में यानी हालात खराब होने के दौर में WGC को सोने की कीमतें वर्ष 2025 की दूसरी छमाही में 12-17 फीसदी गिरने का अनुमान है. इस के बावजूद 2025 का समापन निचले दो अंक में रिटर्न के साथ सकारात्मक रह सकता है.
(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार और निवेश संबंधी खबरें सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं. इसे निवेश सलाह नहीं मानना चाहिए. किसी भी तरह के निवेश से पहले सेबी रजिस्टर्ड किसी सलाहकार की राय जरूर लें.)
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