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रिटायरमेंट के बाद चाहिए आराम, तो चुनें सही पेंशन प्लान
Authored By: Suman
Published On: Thursday, January 9, 2025
Last Updated On: Thursday, January 9, 2025
जीवन प्रत्याशा बढ़ने का मतलब यह है कि अब लोग रिटायरमेंट के बाद लंबे समय तक जी रहे हैं। तो एक तरफ कोई सामाजिक सुरक्षा नहीं और दूसरी तरफ रिटायरमेंट के बाद लंबी जिंदगी। इन सबको देखते हुए रिटायरमेंट प्लानिंग (Retirement Planning) बहुत जरूरी हो गई है।
Authored By: Suman
Last Updated On: Thursday, January 9, 2025
Retirement and Pension plans: देश में लाइफ एक्सपेक्टेंसी बढ़ रही है और इसके साथ ही सरकारी नौकरियां घट रही हैं। बड़ी संख्या में लोग निजी क्षेत्र यानी कॉरपोरेट की नौकरी कर रहे हैं। सरकारी नौकरी वालों को भी अब पुरानी पेंशन योजना (OPS) जैसी सामाजिक सुरक्षा हासिल नहीं है। जीवन प्रत्याशा बढ़ने का मतलब यह है कि अब लोग रिटायरमेंट के बाद लंबे समय तक जी रहे हैं। तो एक तरफ कोई सामाजिक सुरक्षा नहीं और दूसरी तरफ रिटायरमेंट के बाद लंबी जिंदगी। इन सबको देखते हुए रिटायरमेंट प्लानिंग (Retirement Planning) बहुत जरूरी हो गई है। तो आइए समझते हैं कि रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए आप किस तरह की योजनाओं में निवेश किया जा सकता है:
म्यूचुअल फंडों के पेंशन फंड
म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) कंपनियां रिटायरमेंट या पेंशन फंड (Pension Fund) के नाम से कई तरह की स्कीम पेश करती हैं। म्यूचुअल फंड में निवेश काफी सुरक्षित माना जाता है और आपको रिटर्न भी बढ़िया मिल सकता है। आप अपनी नौकरी या कामकाज के दौरान 60 साल तक निवेश करते रहिए और रिटायर होने के बाद हर महीने आपको नियमित रूप से आमदनी होती रहेगी। ये फंड आपका पैसा काफी सुरक्षित माने जाने वाली सरकारी सिक्योरिटीज में लगाते हैं।
बीमा कंपनियों की एन्युइटी योजना
बीमा कंपनियां (Insurance companies) इस तरह के खास उत्पाद पेश करती हैं जो रिटायर होने के बाद आपको रेगुलर इनकम प्रोवाइड करते हैं। एन्युइटी का मतलब होता है कि आपको रिटायरमेंट के बाद नियमित रूप से पेंशन के रूप में एक निश्चित रकम मिलती रहेगी। किसी-किसी स्कीम में बीमा कवर भी प्रदान किया जाता है। आप जिस एन्युइटी प्लान (annuity plan) में निवेश करेंगे या करेंगी उसमें भुगतान कितना होगा यह आपके एन्युइटी में निवेश के साल पर निर्भर करेगा। बीमा कवर वाले एन्युइटी प्लान का फायदा यह होता है कि अगर बीमा धारक के साथ किसी तरह की अनहोनी हो जाए, तो उसके परिवार को आर्थिक संकट नहीं आता।
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नेशनल पेमेंट सिस्टम
नेशनल पेमेंट सिस्टम यानी एनपीएस (NPS) केंद्र सरकार की योजना है। 18 साल से 65 साल तक का कोई भी व्यक्ति एनपीएस अकाउंट खोल सकता है। यह एक स्वैच्छिक योजना है यानी सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारी या कोई भी व्यक्ति अपनी इच्छा से इस विकल्प को चुन सकता है। इस योजना में नामाकंन के समय आपको चुनने के लिए दो विकल्प दिया जाता है-टियर 1 और टियर 2। टियर 1 विकल्प अनिवार्य है यानी यह सबको चुनना है, जबकि टियर 2 विकल्प स्वैच्छिक है। आप इस योजना के तहत जो नियमित पैसा जमा करते हैं उसे शेयर बाजार (Share Market), कॉरपोरेट डेट, सरकारी सिक्योरिटीज या आल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फंड में लगाया जाता है।
अटल पेंशन योजना
अटल पेंशन योजना (APY) की शुरुआत साल 2015 में हुई थी। इसका लक्ष्य खासकर मध्यम और निम्न वर्गीय लोगों को सामाजिक सुरक्षा मुहैया करना है। इसमें भी कोई व्यक्ति या कर्मचारी नियमित योगदान महीने, तीन महीने या छह महीने पर करता है और उसे 60 साल के बाद पेंशन मिलनी शुरू हो जाती है। इस योजना में 18 साल से लेकर 40 साल तक का कोई भी व्यक्ति अकाउंट खोल सकता है।
रियल एस्टेट में निवेश
रियल एस्टेट (Real Estate) में निवेश भी एक अच्छा रिटायरमेंट प्लान हो सकता है। अगर आपके पास अच्छी खासी लमसम राशि है तो आप फ्लैट या दुकान खरीदने पर विचार कर सकते हैं। इससे जो रेंटल इनकम होगी उससे रिटायरमेट के बाद आपकी लाइफ आसान हो जाएगी।यह मानकर निश्चिंत न रहें कि अभी तो आप युवा हैं, अभी रिटायरमेंट के बारे में क्या सोचना? आप जितनी जल्दी निवेश शुरू करेंगे फायदा उतना ही ज्यादा होगा। जल्दी निवेश शुरू करने का मतलब यह है कि अगर आप बीमा में निवेश कर रहे हैं तो आपको प्रीमियम कम देना पड़ सकता है और अगर कोई म्यूचुअल फंड है तो लॉन्ग टर्म में आपका फंड ज्यादा से ज्यादा हो सकता है।













