अनंत सिंह और ललन सिंह की मुलाकात, सब अपने हिसाब से निकाल रहे हैं इसका सियासी मायने

Authored By: सतीश झा

Published On: Monday, September 1, 2025

Last Updated On: Monday, September 1, 2025

Anant Singh Lalan Singh Meeting political significance in Bihar.
Anant Singh Lalan Singh Meeting political significance in Bihar.

बिहार की राजनीति में हर मुलाकात का अपना अलग अर्थ होता है. खासकर तब, जब वह मुलाकात दो ऐसे नेताओं के बीच हो जिनकी राजनीतिक हैसियत और साख लंबे समय से चर्चा का विषय रही हो. यही कारण है कि जेडीयू (JDU) के ललन सिंह (Lallan Singh) और मोकामा के बाहुबली नेता अनंत सिंह (Anant Singh) की मुलाकात ने सियासी गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी है.

Authored By: सतीश झा

Last Updated On: Monday, September 1, 2025

Anant Singh Lalan Singh Meeting: अनंत सिंह, (Anant Singh) जिन्हें लंबे समय से मोकामा की राजनीति का पर्याय माना जाता है, का जेडीयू (JDU) से तालमेल बैठाना इस बात का संकेत है कि आने वाले विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) में पार्टी उन्हें फिर से टिकट देने पर गंभीरता से विचार कर रही है. यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब JDU अपनी जमीनी पकड़ को और मजबूत करने की कोशिश में है. ललन सिंह की सक्रियता और अनंत सिंह का क्षेत्रीय जनाधार, दोनों मिलकर मोकामा की सीट को फिर से जेडीयू के खाते में पक्का करने का संदेश देते हैं. विपक्ष भी इस समीकरण को भांप रहा है और अपने पत्ते सावधानी से खोलना चाहता है.

बिहार की सियासत में शनिवार का दिन खास रहा, जब केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और मोकामा के बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह एक साथ नजर आए. दोनों नेताओं की यह मुलाकात राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग मायने निकाल रही है. चर्चाओं का बाज़ार गर्म है कि जदयू से मोकामा सीट पर अनंत सिंह (Anant Singh) की दावेदारी को अब पार्टी स्तर पर हरी झंडी मिल चुकी है.

अनंत सिंह के समर्थकों का जबरदस्त उत्साह देखकर ललन सिंह भी काफी प्रसन्न दिखे. खास बात यह रही कि लैंड क्रूज़र गाड़ी की फ्रंट सीट पर ललन सिंह और पीछे की सीट पर अनंत सिंह बैठे थे. बाढ़ और मोकामा इलाके में “छोटे सरकार जिंदाबाद” के नारे लगाते नजर आए.

राजनीतिक हलकों में ये अटकलें तेज हो गई हैं कि जदयू मोकामा सीट से अनंत सिंह पर दांव लगाने जा रही है. ललन सिंह का उनके साथ मंच साझा करना और कंधे से कंधा मिलाकर चलना, इसी संभावना को मजबूत करता है.

यह भी गौर करने वाली बात है कि नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) हमेशा से चुनावी राजनीति में संतुलन साधने के माहिर खिलाड़ी रहे हैं. अनंत सिंह जैसे नेताओं का साथ मिलने से न केवल जेडीयू (JDU) का प्रभाव बढ़ेगा बल्कि जातीय समीकरणों और स्थानीय समर्थन का फायदा भी सीधे-सीधे पार्टी को मिलेगा.

कुल मिलाकर, यह मुलाकात महज एक औपचारिक भेंट नहीं है, बल्कि बिहार की बदलती राजनीति का संकेत है. मोकामा से अनंत सिंह की दावेदारी अब लगभग तय मानी जा रही है और इसके साथ ही बिहार की राजनीति का तापमान एक बार फिर गरम हो उठा है.

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About the Author: सतीश झा
सतीश झा की लेखनी में समाज की जमीनी सच्चाई और प्रगतिशील दृष्टिकोण का मेल दिखाई देता है। बीते 20 वर्षों में राजनीति, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचारों के साथ-साथ राज्यों की खबरों पर व्यापक और गहन लेखन किया है। उनकी विशेषता समसामयिक विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना और पाठकों तक सटीक जानकारी पहुंचाना है। राजनीति से लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्दों तक, उनकी गहन पकड़ और निष्पक्षता ने उन्हें पत्रकारिता जगत में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है
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