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इस बार अकेले यात्रा पर निकल रहे हैं तेजस्वी यादव, 16 तारीख हो गया है फिक्स
Authored By: सतीश झा
Published On: Saturday, September 13, 2025
Last Updated On: Saturday, September 13, 2025
हाल ही में कांग्रेस (Congress) सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के साथ 16 दिनों की यात्रा पूरी करने के बाद अब राजद (RJD) नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) अकेले बिहार की यात्रा पर निकलने जा रहे हैं. इसके लिए 16 सितंबर की तारीख फाइनल हो चुकी है.
Authored By: सतीश झा
Last Updated On: Saturday, September 13, 2025
Tejashwi Yadav Solo Yatra 2025: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव 16 सितंबर से नई यात्रा की शुरुआत करने जा रहे हैं. इस बार उनका फोकस उन जिलों पर होगा जहाँ पिछली वोट अधिकार यात्रा नहीं पहुँच पाई थी. तेजस्वी ने साफ किया है कि यह महज़ रोड शो नहीं, बल्कि जनता की सीधी आवाज़ सुनने और उनकी समस्याओं को समझने का अभियान होगा. तेजस्वी का कहना है कि इस यात्रा में इंडिया गठबंधन के कई नेता भी उनके साथ होंगे और वे जमीन पर जाकर हर छोटे-बड़े मुद्दे पर जनता से सीधा संवाद करेंगे. विपक्ष का मानना है कि यह पहल जनता को विपक्ष के और करीब लाएगी और सियासी संदेश भी देगी.
इस बार तेजस्वी (Tejashwi Yadav) बिना किसी बड़े साथी नेता के, अकेले जनता के बीच पहुँचेंगे. माना जा रहा है कि उनकी यह यात्रा खासतौर पर उन इलाकों पर केंद्रित होगी जहाँ पहले विपक्ष की पकड़ कमजोर मानी जाती थी. इसी वजह से इस कार्यक्रम पर बिहार के राजनीतिक दलों की पैनी नज़र बनी हुई है.
तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) की इस यात्रा को लेकर सियासी बयानबाज़ी भी शुरू हो गई है. जदयू (JDU) और भाजपा (BJP) के नेता इसे सिर्फ राजनीतिक अस्तित्व साबित करने की कवायद बता रहे हैं, जबकि राजद (RJD) का कहना है कि यह जनता से सीधा संवाद और उनकी समस्याओं का समाधान तलाशने का प्रयास है.
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मौजूदा सरकार पर जमकर निशाना साधा और आरोप लगाया कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है. एक इंटरव्यू में सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि बेहतर लॉ एंड ऑर्डर किसके शासन में था, यह देखने के लिए केवल एनसीआरबी (NCRB) का आंकड़ा देखना पर्याप्त है.
तेजस्वी यादव ने उदाहरण देते हुए कहा, “पटना में डीएम और एसपी आवास से कुछ ही दूरी पर खेमका जी की हत्या हो जाती है. सचिवालय के सामने गोलियां चलती हैं. मेरे घर के बाहर हमले होते हैं. बच्चियों के साथ बलात्कार और हत्या जैसी घटनाएं घटती हैं, लेकिन प्रशासन ठोस कार्रवाई नहीं करता. यहां तक कि पुलिस अधिकारियों के बयान भी शर्मनाक हैं. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि किसान अपराध कर रहे हैं क्योंकि वे खाली बैठे हैं.”
उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर भी सवाल उठाए. तेजस्वी ने कहा, “11 साल की बच्ची को पीएमसीएच में बेड नहीं मिला. वह 4 घंटे तक इंतजार करती रही और आखिरकार उसकी मृत्यु हो गई. मुख्यमंत्री के क्षेत्र में एक बच्ची के साथ बलात्कार कर उसके पैरों में 9 किलें ठोक दी गईं और फिर उसे खेतों में फेंक दिया गया, लेकिन प्रशासन मौन रहा.” तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार अपराध और भ्रष्टाचार पर काबू पाने में पूरी तरह विफल रही है, जिससे जनता का विश्वास लगातार टूट रहा है.
राष्ट्रीय लोक मोर्चा पार्टी के प्रमुख एवं राज्यसभा सांसद उपेन्द्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) ने राजद नेता तेजस्वी यादव के हालिया बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि बिहार में विकास कार्यों और केंद्र सरकार की योजनाओं की अनदेखी करना विपक्ष की आदत बन चुकी है.
कुशवाहा ने सवाल उठाते हुए कहा, “जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री लगातार बिहार आते रहते हैं. प्रधानमंत्री ने बिहार को कितनी सौगातें दी हैं, यह शायद तेजस्वी यादव को याद नहीं है. उन्हें यह भी बताना चाहिए कि राहुल गांधी आखिर क्यों बिहार आए थे?” उन्होंने आगे कहा कि चुनाव का समय है तो स्वाभाविक है कि सभी राजनीतिक दलों के बड़े नेता राज्य में आएंगे और जनता से संवाद करेंगे. लेकिन तेजस्वी यादव के बयान का क्या मतलब है, यह वही बता सकते हैं.
अब देखना होगा कि राहुल गांधी के साथ की गई यात्रा के बाद, तेजस्वी यादव की यह अकेली सियासी जंग उन्हें कितना राजनीतिक लाभ दिला पाती है. लेकिन इतना तय है कि 16 सितंबर से शुरू होने वाली यह यात्रा बिहार की राजनीति में नई गरमी जरूर लाएगी.
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