रामानंद सागर की ‘रामायण’ के 11 सितारे, जिन्होंने दुनिया को कहा अलविदा, किरदार आज भी हैं अमर

Authored By: Nishant Singh

Published On: Monday, August 10, 2026

Updated On: Monday, August 10, 2026

रामायण

रामानंद सागर की ‘रामायण’ के किरदार आज भी दर्शकों की यादों में जीवंत हैं. दारा सिंह, अरविंद त्रिवेदी, ललिता पवार, विजय अरोड़ा समेत 11 कलाकार अब हमारे बीच नहीं हैं. किसी ने हनुमान तो किसी ने रावण, मंथरा और कुंभकर्ण जैसे किरदार निभाकर टीवी इतिहास में अपनी अमिट पहचान बनाई.

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Updated On: Monday, August 10, 2026

रामानंद सागर की ‘रामायण’ भारतीय टेलीविजन के इतिहास का ऐसा शो है, जिसने भगवान श्रीराम की कथा को घर-घर तक पहुंचाया. 1980 के दशक में प्रसारित हुई इस सीरियल के किरदार आज भी दर्शकों की यादों में बसे हैं. इसके कई कलाकार अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके निभाए किरदार आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं.

दारा सिंह: हनुमान के रूप में अमिट पहचान

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हनुमान का किरदार निभाने वाले दारा सिंह ने अपनी दमदार कद-काठी और अभिनय से ऐसा प्रभाव छोड़ा कि दर्शक उन्हें वास्तविक जीवन में भी बजरंगबली के रूप में सम्मान देने लगे. उनका निधन 12 जुलाई 2012 को हुआ. हालांकि वह आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन हनुमान के रूप में उनकी छवि आज भी बेहद लोकप्रिय है.

विजय अरोड़ा: मेघनाद की भूमिका में दिखाया दम

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‘रामायण’ में विजय अरोड़ा ने रावण के पुत्र मेघनाद का किरदार निभाया था. उनकी प्रभावशाली अदाकारी ने इस नकारात्मक किरदार को भी यादगार बना दिया. विजय अरोड़ा का 2 फरवरी 2007 को पेट के कैंसर के कारण निधन हुआ. उनके अभिनय की छाप आज भी पुराने दर्शकों के बीच बनी हुई है.

अरविंद त्रिवेदी: रावण बनकर घर-घर में मशहूर

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रावण की भूमिका में अरविंद त्रिवेदी ने ऐसा अभिनय किया कि यह किरदार उनकी पहचान बन गया. उनकी आवाज, संवाद अदायगी और हाव-भाव ने रावण को टेलीविजन के सबसे चर्चित पात्रों में शामिल कर दिया. अक्टूबर 2021 में उनके निधन के साथ अभिनय की एक यादगार विरासत पीछे छूट गई.

मुकेश रावल: विभीषण और अनसुलझा सवाल

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मुकेश रावल ने रामायण में विभीषण की भूमिका निभाई थी. 15 नवंबर 2016 को उनका शव रेलवे ट्रैक के पास मिला था. उनकी मौत को लेकर लंबे समय तक सवाल उठते रहे और परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग बातें सामने आती रहीं. यही वजह है कि उनकी मृत्यु आज भी रहस्य से जुड़ी मानी जाती है.

संजय जोग: भरत के किरदार में सादगी

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भगवान राम के छोटे भाई भरत की भूमिका संजय जोग ने निभाई थी. उनके शांत और प्रभावी अभिनय ने इस पात्र को दर्शकों के बीच खास पहचान दिलाई. गुजराती और मराठी फिल्मों में भी काम कर चुके संजय जोग का नवंबर 1995 में निधन हो गया. उस समय उनकी उम्र महज करीब 40 वर्ष थी.

श्याम सुंदर कलानी: सुग्रीव की भूमिका

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रामायण में श्याम सुंदर कलानी ने सुग्रीव का किरदार निभाया था. शो में उनकी भूमिका कहानी के महत्वपूर्ण मोड़ से जुड़ी रही. लंबे समय तक अभिनय से जुड़े रहने वाले कलानी का अप्रैल 2020 में निधन हुआ. कैंसर से जूझने के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली.

चंद्रशेखर वैद्य: दशरथ के महामंत्री

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वरिष्ठ अभिनेता चंद्रशेखर वैद्य ने रामायण में राजा दशरथ के महामंत्री की भूमिका निभाई थी. अभिनय के लंबे सफर में उन्होंने कई यादगार किरदार निभाए. उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के बाद 2021 में उनका निधन हो गया. उनके योगदान को पुराने हिंदी सिनेमा और टेलीविजन के दर्शक आज भी याद करते हैं.

ललिता पवार: मंथरा का किरदार पड़ा भारी

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ललिता पवार ने मंथरा की भूमिका को इतनी प्रभावशाली तरीके से पर्दे पर उतारा कि दर्शक उनके किरदार से वास्तविक जीवन में भी नाराज होने लगे थे. उनकी अभिनय क्षमता का यह बड़ा प्रमाण था. 24 फरवरी 1988 को मुंह के कैंसर के कारण उनका निधन हुआ.

नलिन दवे: कुंभकर्ण की दमदार छवि

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कुंभकर्ण जैसे विशाल और प्रभावशाली पात्र को नलिन दवे ने अपनी अदाकारी से खास पहचान दी. थिएटर से शुरुआत करने वाले नलिन दवे ने गुजराती फिल्मों में भी अपनी जगह बनाई थी. करीब 50 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया, लेकिन ‘रामायण’ में निभाई उनकी भूमिका आज भी याद की जाती है.

मूलराज राजदा: राजा जनक की गरिमामयी भूमिका

सीता माता के पिता राजा जनक के रूप में मूलराज राजदा ने अपनी गंभीर और संतुलित अदाकारी से दर्शकों का दिल जीता. वह रामानंद सागर के ‘विक्रम और बेताल’ में भी नजर आए थे. सितंबर 2012 में उनके निधन के साथ अभिनय जगत ने एक अनुभवी कलाकार को खो दिया.

जयश्री गडकर: कौशल्या के रूप में यादगार

राम की माता कौशल्या का किरदार जयश्री गडकर ने निभाया था. मराठी सिनेमा की चर्चित अभिनेत्री जयश्री ने इस भूमिका में मातृत्व और भावनाओं को बेहद प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया. 29 अगस्त 2008 को उनका निधन हुआ. उनका अभिनय आज भी ‘रामायण’ के पुराने दर्शकों की स्मृतियों का हिस्सा है.

आज भी जारी है ‘रामायण’ की विरासत

‘रामायण’ के कई कलाकार अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके किरदारों की लोकप्रियता कम नहीं हुई. अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया जैसे कलाकार आज भी सार्वजनिक जीवन और मनोरंजन जगत में सक्रिय हैं. अरुण गोविल फिल्मों के साथ राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं और नई ‘रामायण’ में राजा दशरथ की भूमिका निभा रहे हैं. वहीं सुनील लहरी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं, जबकि शत्रुघ्न की भूमिका निभाने वाले समीर राजदा भी अभिनय से जुड़े हुए हैं.

रामानंद सागर की ‘रामायण’ की सबसे बड़ी ताकत सिर्फ उसकी कहानी नहीं, बल्कि उन कलाकारों का अभिनय था जिन्होंने पात्रों को ऐसा जीवन दिया कि कई दशक बाद भी उनकी पहचान किरदारों से अलग नहीं हो पाती. यही वजह है कि समय बदलने और नई ‘रामायण’ आने के बावजूद पुराने कलाकारों की याद दर्शकों के बीच आज भी उतनी ही मजबूत है.

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निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
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