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देश मना रहा है विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, 77 साल पहले की है ये घटना
Authored By: सतीश झा
Published On: Wednesday, August 14, 2024
Last Updated On: Wednesday, August 14, 2024
77 वर्ष पूर्व आज ही के दिन भारत का बंटवारा हुआ था और पाकिस्तान के रूप में एक नया राष्ट्र अस्तित्व में आया था। देश के बंटवारे की बरसी को देशभर में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। कई राज्यों, विशेषकर भाजपा शासित प्रदेशों में में इसको लेकर कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
Authored By: सतीश झा
Last Updated On: Wednesday, August 14, 2024
15 अगस्त 1947 को जब भारत को स्वतंत्रता मिली, तो इसके साथ ही पाकिस्तान का भी जन्म हुआ। यह विभाजन न केवल एक राजनीतिक परिवर्तन था, बल्कि यह लाखों लोगों के जीवन में गहरी पीड़ा और त्रासदी का कारण भी बना। विभाजन के साथ ही कई परिवार बिखर गए, गांव उजड़ गए, और लाखों लोगों को अपनी मातृभूमि छोड़नी पड़ी।विभाजन विभीषिका दिवस हमें 1947 में भारत और पाकिस्तान के विभाजन के दौरान हुए दर्दनाक घटनाओं और उनके परिणामों को याद करने और सम्मान देने का अवसर प्रदान करता है।
प्रधानमंत्री मोदी (Prime Minister Modi) ने कही ये बात
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर, एक्स पर एक पोस्ट में श्री मोदी ने विभाजन के कारण असंख्य लोगों पर पड़े गंभीर प्रभाव और पीड़ा का स्मरण किया है।
विपरीत परिस्थितियों में मानवता के अनुकूल दृष्टिकोण की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने देश में एकता और भाईचारे के बंधन की रक्षा करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया : “#PartitionHorrorsRemembranceDay पर, हम उन असंख्य लोगों का स्मरण कर रहे हैं जो विभाजन की भयावहता से प्रभावित हुए और बहुत पीड़ा सहन की। यह उनके साहस को श्रद्धांजलि अर्पित करने का भी दिन है, जो विपरीत परिस्थितियों में उनकी मानवता की शक्ति को दर्शाता है। विभाजन से प्रभावित बहुत से लोगों ने अपने जीवन का पुनर्निर्माण किया और अपार सफलता अर्जित की। हम अपने राष्ट्र में एकता और भाईचारे के बंधन की सर्वदा रक्षा करने की प्रतिबद्धता दोहराते हैं।”
On #PartitionHorrorsRemembranceDay, we recall the countless people who were impacted and greatly suffered due to the horrors of Partition. It is also a day to pay tributes to their courage, which illustrates the power of human resilience. A lot of those impacted by Partition went…
— Narendra Modi (@narendramodi) August 14, 2024
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) ने किया 1947 में देश के विभाजन का दंश झेलने वाले लोगों को नमन
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ (‘Partition Horrors Memorial Day’) पर 1947 में देश के विभाजन का दंश झेलने वाले लोगों को नमन किया है। X प्लेटफार्म पर किए गए पोस्ट में श्री अमित शाह ने लिखा, “आज ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ पर उन लाखों लोगों को श्रद्धांजलि देता हूँ, जिन्होंने इतिहास के सबसे क्रूर प्रकरण के दौरान अमानवीय पीड़ाओं का सामना किया, जीवन खो दिया और बेघर हो गए। अपने इतिहास को स्मृति में बसा कर, उससे सीख लेकर ही एक राष्ट्र अपने मजबूत भविष्य का निर्माण कर सकता है और एक शक्ति के रूप में उभर सकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रयास से इस दिवस को मनाने की परंपरा राष्ट्रनिर्माण की ओर उठाया गया मजबूत कदम है।”
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) भी हुए कार्यक्रम में शामिल
बुधवार को भोपाल सहित पूरे मप्र में विभाजन विभीषिका दिवस (Partition Horrors Day) के आयोजन हो रहे हैं। भोपाल के सरोजिनी नायडू कन्या महाविद्यालय में भी विभाजन विभीषिका दिवस पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में सीएम डॉ मोहन यादव बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
इसी सिलसिले में भोपाल के सरोजिनी नायडू कन्या महाविद्यालय में भी एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए। सीएम ने यहां लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस मौके पर मंत्री विश्वास सारंग, धर्मेन्द्र लोधी, विधायक भगवान दास सबनानी, उच्च शिक्षा विभाग के पीएस सुखवीर सिंह, कमिश्नर निशांत बरवड़े, मेयर मालती राय मौजूद रही।
हरियाणा में भी हुआ कार्यक्रम का आयोजन
सीएम नायब सैनी (CM Naib Saini) ने कुरूक्षेत्र में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में हिस्सा लिया। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा, “भारत का विभाजन ऐसी त्रासदी है कि देश की आज़ादी के बाद का लगभग आधा साहित्य विभाजन के बारे में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभाजन को 20वीं सदी की सबसे बड़ी त्रासदी बताया है।
(हिंदुस्थान समाचार एजेंसी के इनपुट के साथ)













