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Indira Gandhi Birth Anniversary: वो 5 कड़े फैसले जिसने पूरे देश को हिला दिया और इंदिरा को बना दिया ‘Iron Lady’!
Authored By: Ranjan Gupta
Published On: Wednesday, November 19, 2025
Last Updated On: Wednesday, November 19, 2025
इंदिरा गांधी की 108वीं जयंती पर पूरे देश में उन्हें याद किया जा रहा है. भारत की पहली और अब तक की एकमात्र महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी अपने ऐसे कड़े और ऐतिहासिक फैसलों के लिए जानी जाती हैं जिनसे न केवल भारत की दिशा बदली बल्कि दुनिया ने भी उनकी नेतृत्व क्षमता का लोहा माना. चीन को करारा जवाब देने से लेकर 1971 की निर्णायक जीत तक, ऑपरेशन ब्लू स्टार से लेकर हरित क्रांति तक, इंदिरा गांधी ने ऐसे कदम उठाए जिन्होंने उन्हें ‘Iron Lady’ की पहचान दी.
Authored By: Ranjan Gupta
Last Updated On: Wednesday, November 19, 2025
Indira Gandhi Birth Anniversary: भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जन्म 19 नवंबर 1917 को हुआ था. आज उनकी 108वीं जयंती पर पूरा देश उन्हें नमन कर रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कई वरिष्ठ नेताओं ने शक्ति स्थल पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी. इंदिरा गांधी भारतीय राजनीति में एक ऐसा नाम हैं जिसने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, निडर फैसलों और दमदार नेतृत्व से देश का भविष्य तय किया.
उनका राजनीतिक सफर जितना संघर्षपूर्ण था, उतना ही ऐतिहासिक भी. 1966 से 1977 और फिर 1980 से 1984 तक प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होंने कई ऐसे निर्णय लिए जो भारत के हित में तो थे ही, साथ ही उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत की मजबूती का संदेश भी दिया. 1967 में चीन के खिलाफ मजबूत रुख हो, 1971 में पाकिस्तान पर निर्णायक जीत हो, या फिर खालिस्तान संकट से निपटने के लिए ऑपरेशन ब्लू स्टार, इंदिरा गांधी ने हर बार अपने नेतृत्व की दृढ़ता दिखाई.
उनकी नीतियों ने भारत को सैन्य, कृषि और कूटनीति तीनों मोर्चों पर मजबूत बनाया. हरित क्रांति से भारत खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर होने की ओर बढ़ा, जबकि 10 सूत्रीय कार्यक्रम ने सामाजिक-आर्थिक सुधारों की दिशा तय की. यही कारण है कि भारतीय इतिहास में इंदिरा गांधी को न सिर्फ एक ताकतवर नेता माना जाता है, बल्कि उन्हें “आयरन लेडी” का दर्जा भी मिला. तो चलिए आज हम बताते हैं इंदिरा गांधी के 5 वैसे कड़े फैसले जिन्होंने उन्हें आयरन लेडी बना दिया.
1967 में चीन को दिखा दी थी भारत की ताकत
1967 की यह घटना आज भी इतिहास का बड़ा हिस्सा है. उस समय इंदिरा गांधी भूटान के समर्थन में मजबूती से खड़ी थीं. चीन इससे नाराज़ था. उसने बदला लेने के लिए घुसपैठ की कोशिश शुरू कर दी. लेकिन इंदिरा गांधी पीछे हटने वालों में नहीं थीं. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ शब्दों में कहा कि भारत भूटान की रक्षा के लिए हमेशा तैयार है.
यह बयान चीन के लिए किसी झटके से कम नहीं था. सितंबर 1967 में चीन ने सिक्किम के नाथूला पास पर हमला कर दिया. उस वक्त सिक्किम भारत का हिस्सा नहीं था, बल्कि वहां राजशाही थी. भारत ने नाथू ला और चो ला पास पर चीन को कड़ी टक्कर दी और उसकी सेना को पीछे खदेड़ दिया.
इस संघर्ष में भारत के 88 जवान शहीद हुए. चीन के करीब साढ़े तीन सौ सैनिक मारे गए और 500 से ज्यादा घायल हुए. कई रिपोर्टों में चीनी हताहतों की संख्या इससे भी ज्यादा बताई जाती है. इंदिरा गांधी की सख्त नीति का ही नतीजा था कि चीन सिक्किम पर कब्जा नहीं कर पाया. बाद में 16 मई 1975 को जनमत संग्रह के बाद सिक्किम भारत का हिस्सा बन गया.
1971 में पाकिस्तान को हराकर बनाया बांग्लादेश
1971 में पूर्वी पाकिस्तान में पाकिस्तानी सेना की बर्बरता बढ़ गई थी. लाखों लोग भारत में शरण लेने आए. इससे देश पर भारी बोझ पड़ा. इंदिरा गांधी ने इसे सिर्फ मानवीय संकट नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का गंभीर मुद्दा माना. उन्होंने दुनिया के देशों को हालात बताए और समर्थन मांगा.
3 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान ने पश्चिमी सीमा पर हमला किया. भारत ने जवाब में युद्ध की घोषणा कर दी. सिर्फ 13 दिनों में भारत ने निर्णायक जीत हासिल कर ली. 16 दिसंबर को पाकिस्तानी सेना ने आत्मसमर्पण कर दिया. यह इतिहास की सबसे तेज़ और बड़ी सैन्य जीतों में से एक मानी जाती है. इंदिरा गांधी ने बंगालियों के मुक्ति आंदोलन को पूरा समर्थन दिया और आखिरकार बांग्लादेश एक नया देश बनकर सामने आया.
ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाया था
80 के दशक की शुरुआत में पंजाब खालिस्तान आंदोलन से जूझ रहा था. स्थिति बेहद तनावपूर्ण थी. आतंकवादी हर दिन मजबूत होते जा रहे थे. इंदिरा गांधी ने भारी मन से सेना कार्रवाई का फैसला लिया. 04 जून 1984 को ऑपरेशन ब्लू स्टार शुरू हुआ. इस कार्रवाई में भिंडरावाले और उसके साथी मारे गए.
यह ऑपरेशन देश की सुरक्षा के लिए जरूरी था, लेकिन इससे सिख समुदाय की भावनाएं भी आहत हुईं. इसी नाराज़गी का नतीजा था कि 31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गांधी की उनके ही अंगरक्षकों ने हत्या कर दी.
हरित क्रांति को आगे बढ़ाया
इंदिरा गांधी ने देश को भूख से लड़ने के लिए मजबूत रास्ता दिखाया. उन्होंने हरित क्रांति को तेज किया. नई तकनीक, बेहतर बीज और सिंचाई से जुड़ी योजनाओं को बढ़ावा दिया. इसका फायदा यह हुआ कि भारत धीरे-धीरे खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बनने लगा. इंदिरा गांधी अक्सर किसानों से मिलती थीं और उनकी समस्याएं समझती थीं. उनकी नीतियों से ग्रामीण भारत में बड़ा बदलाव आया.
इंदिरा गांधी का 10 सूत्रीय कार्यक्रम
1967 में इंदिरा गांधी ने 10 सूत्रीय कार्यक्रम शुरू किया. कांग्रेस कार्य समिति ने इसे सामाजिक और आर्थिक सुधार का अहम एजेंडा माना. इसमें भूमि सुधार, बैंकों का राष्ट्रीयकरण, शहरी संपत्ति पर सीमा तय करने जैसे बड़े कदम शामिल थे. यह कार्यक्रम आम लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास था.
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