Special Coverage
Parliamentary Committee 2026: बड़ा फेरबदल, किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी?
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Monday, October 5, 2026
Last Updated On: Monday, October 5, 2026
Parliamentary Committee 2026-27 का पुनर्गठन हो गया है. कई वरिष्ठ सांसदों को महत्वपूर्ण समितियों की कमान मिली है, जबकि कुछ चेहरों की जिम्मेदारियों में बदलाव हुआ है. आखिर किसे मिली कौन सी समिति?
Authored By: Galgotias Times Bureau
Last Updated On: Monday, October 5, 2026
Parliamentary Committee 2026: केंद्र सरकार ने दो दर्जन संसदीय समितियों का पुनर्गठन कर दिया है. वर्ष 2026-27 के लिए पुनर्गठित इन संसदीय समितियों में लोकसभा और राज्यसभा के वरिष्ठ सांसदों को अध्यक्ष बनाया गया है. किसे और क्यों दी गयी है अहम पदों की जिम्मेदारी, जानते हैं इस रिपोर्ट में…
कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद मुकुल वासनिक को शिक्षा- महिला एवं बाल विकास- युवा और खेल मामलों की संसदीय समिति का अध्यक्ष बनाया गया है. वह पहले भी इस पद पर थे. भाजपा की वरिष्ठ सांसद डॉ. मेधा कुलकर्णी(Medha Kulkarni) को विज्ञान प्रौद्योगिकी- पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से संबंधित संसदीय समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. जबकि सुनील तटकरें को पेट्रोलियम मंत्रालय की संसदीय समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है.
वासर्निक, मेधा कुलकर्णी, तटकरें को समिति का अध्यक्ष बनाया
संदेश देने के लिए डॉ. मेधा कुलकर्णी(Medha Kulkarni) को भाजपा में लगातार अहम भूमिका दी जा रही है. अपने सौम्य और शांत स्वभाव के साथ ही अपने तर्कपूर्ण विचारों के लिए पहचान रखने वाली मेधा कुलकर्णी को एक सुलझी हुई, जमीन से जुड़ी राजनेता के रूप में पहचाना जाता है. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा के वरिष्ठ सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी(Sudhanshu Trivedi) को वाणिज्य मंत्रालय से संबंधित संसदीय समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. वह उत्तर प्रदेश से संबंध रखते हैं. वह भी ब्राह्मण समुदाय से आते हैं. इस समय वह भाजपा के सबसे प्रखर वक्ता के रूप में पहचान रखते हैं.
केंद्र की भाजपा(BJP) सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Modi) तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ मुखर रहने वाले टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद को संसदीय समिति से बाहर कर दिया गया है. वह पहले रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय की संसदीय समिति के अध्यक्ष थे.
मेधा को क्यों मिली अहमियत
मेधा कुलकर्णी को हाल ही में उत्तर प्रदेश का सह प्रभारी भी बनाया गया था. यह माना जा रहा है कि महाराष्ट्र से लेकर उत्तर प्रदेश तक ब्राह्मणों को साधने का प्रयास किया जा रहा है. उनके सहारे महिलाओं को भी साधने का प्रयास किया जा रहा है.
यह भी पढ़ें :- स्मृति ईरानी, सुनील बंसल और विनोद तावड़े को बड़ी जिम्मेदारी, BJP की नई लिस्ट में बड़ा फेरबदल













