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पीएम मोदी की देश के नाम चिट्ठी, जानें अपने पत्र में क्या-क्या लिखा
Authored By: Ranjan Gupta
Published On: Wednesday, November 26, 2025
Last Updated On: Wednesday, November 26, 2025
26 नवंबर संविधान दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के नाम एक भावुक पत्र लिखा है. इस चिट्ठी में उन्होंने संविधान की महानता, अपने राजनीतिक सफर, मौलिक कर्तव्यों और देश के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण विचार साझा किए. पीएम मोदी ने कहा कि संविधान ने ही उन्हें एक साधारण परिवार से देश का नेतृत्व संभालने का अवसर दिया.
Authored By: Ranjan Gupta
Last Updated On: Wednesday, November 26, 2025
PM Modi: संविधान दिवस 2025 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के नागरिकों के नाम एक विस्तृत और प्रेरणादायक चिट्ठी लिखी है. हर वर्ष 26 नवंबर को मनाए जाने वाले इस विशेष दिन पर पीएम मोदी ने भारत के संविधान का महत्व याद दिलाते हुए उन मूल्यों का उल्लेख किया जिन पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था खड़ी है. अपने पत्र में उन्होंने बताया कि 2015 में उनकी सरकार ने 26 नवंबर को औपचारिक रूप से संविधान दिवस घोषित किया था ताकि हर नागरिक इस पवित्र दस्तावेज के प्रति सम्मान और जुड़ाव महसूस कर सके.
पीएम मोदी ने अपने पत्र में राजनीतिक यात्रा से लेकर संसद की सीढ़ियों को नमन करने जैसे भावुक क्षणों को साझा किया और कहा कि यह संविधान की ही शक्ति है जिसने उन्हें एक गरीब परिवार से निकलकर 24 वर्षों तक शासन प्रमुख के रूप में कार्य करने का अवसर दिया. उन्होंने मौलिक कर्तव्यों की अहमियत पर जोर देते हुए नागरिकों से आग्रह किया कि जब हर भारतीय कर्तव्य भाव से काम करेगा, तब देश की प्रगति कई गुना बढ़ जाएगी.
PM मोदी ने अपने पत्र में क्या लिखा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान दिवस पर एक्स पर एक पोस्ट साझा किया. उन्होंने लिखा कि आज उन्होंने देशवासियों को एक पत्र भेजा है. इस पत्र में उन्होंने संविधान की ताकत, मौलिक कर्तव्यों का महत्व और पहली बार वोट देने के उत्सव को लेकर अपने विचार बताए हैं.
“संविधान ने ही मुझे आगे बढ़ने का अवसर दिया”
पीएम मोदी ने अपने पोस्ट के साथ पत्र का लिंक भी साझा किया. उन्होंने लिखा कि 26 नवंबर हर भारतीय के लिए गर्व का दिन है. इसी दिन 1949 में संविधान सभा ने भारत के संविधान को अपनाया था. साल 2015 में NDA सरकार ने इस दिन को संविधान दिवस के तौर पर मनाने का फैसला लिया. मोदी ने कहा कि हमारा संविधान एक ऐसा पवित्र दस्तावेज है, जो देश को सही दिशा देता है. यही संविधान है जिसने एक गरीब परिवार से आए व्यक्ति को देश का प्रधानमंत्री बनने का अवसर दिया.
उन्होंने लिखा कि संविधान की वजह से ही उन्हें लगातार 24 साल तक सरकार का नेतृत्व करने का मौका मिला. उन्होंने याद किया कि 2014 में पहली बार संसद में प्रवेश करते समय उन्होंने सीढ़ियों को झुककर प्रणाम किया था. 2019 में चुनाव जीतने के बाद जब वे संसद के सेंट्रल हॉल गए तो उन्होंने संविधान को सिर से लगाया था.
PM मोदी ने याद दिलाए मौलिक कर्तव्य
अपने पत्र में प्रधानमंत्री ने नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि संविधान का आर्टिकल 51A हमें अपने कर्तव्यों का मार्ग दिखाता है. महात्मा गांधी भी कर्तव्यों को अधिकारों से ज्यादा महत्वपूर्ण मानते थे. वे कहते थे कि जब हम ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं, तो अधिकार अपने आप मिल जाते हैं.
मोदी ने लिखा कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह राष्ट्र और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझे. देश ने हमें बहुत कुछ दिया है, इसलिए हमारे मन में कृतज्ञता का भाव होना चाहिए. उन्होंने कहा कि जब कर्तव्य जीवन का हिस्सा बन जाता है, तो काम खुद ही आसान हो जाता है. हर कार्य पूरी निष्ठा और अपनी पूरी क्षमता से करना चाहिए. उन्होंने लिखा कि हमारा हर कदम ऐसा हो, जो संविधान की शक्ति बढ़ाए और देशहित को मजबूत करे.
मोदी ने कहा कि संविधान निर्माताओं ने जो सपने देखे थे, उन्हें पूरा करने की जिम्मेदारी आज हमारी है. यदि हम कर्तव्य की भावना से काम करेंगे, तो देश की सामाजिक और आर्थिक प्रगति कई गुना बढ़ सकती है.
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