Special Coverage
बदल दिया गया ‘राष्ट्रपति भवन’ के दो हॉल का नाम, ये है इसकी खासियत
Authored By: सतीश झा
Published On: Friday, July 26, 2024
Last Updated On: Friday, July 26, 2024
'दरबार हॉल' का नाम बदलकर 'गणतंत्र मंडप' और 'अशोक हॉल' का नाम बदलकर 'अशोक मंडप' कर दिया गया है। राष्ट्रपति भवन के दोनों हॉलों के नाम बदलने का निर्णय राष्ट्रीय पहचान और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है। यह बदलाव भारतीय गणराज्य की भावना को और अधिक स्पष्ट रूप से प्रकट करने का एक प्रयास है।
Authored By: सतीश झा
Last Updated On: Friday, July 26, 2024
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राष्ट्रपति भवन के दो प्रमुख हॉलों के नाम बदलने का आदेश दिया है। इसके तहत, ‘दरबार हॉल’ का नाम बदलकर ‘गणतंत्र मंडप’ और ‘अशोक हॉल’ का नाम बदलकर ‘अशोक मंडप’ कर दिया गया है। राष्ट्रपति भवन ने इस बदलाव को लेकर एक आधिकारिक बयान जारी किया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह निर्णय राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गणतंत्र मंडप (Republic Pavilion) और अशोक मंडप (Ashoka Mandap) के रूप में इन हॉलों के नए नाम भारतीय सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति सम्मान और समर्पण को दर्शाते हैं।
राष्ट्रपति भवन (President’s House) का आधिकारिक बयान:
राष्ट्रपति भवन (President’s House) ने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि ये नाम परिवर्तन भारतीय परंपराओं और मूल्यों को संरक्षित करने और उनके महत्व को बढ़ाने की दिशा में एक कदम है। यह परिवर्तन देश के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और नई पीढ़ी को इसके महत्व से अवगत कराने का प्रयास है।
दरबार हॉल (Durbar Hall)
दरबार हॉल, जिसे अब गणतंत्र मंडप जाना जाएगा, राष्ट्रपति भवन के सबसे महत्वपूर्ण और भव्य हॉलों में से एक है। यह हॉल ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है और अनेक महत्वपूर्ण समारोहों और कार्यक्रमों की मेजबानी करता आया है। दरबार हॉल में कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं हुई हैं, जैसे कि भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद का शपथ ग्रहण समारोह।
यह हॉल अपनी भव्यता और सुंदरता के लिए जाना जाता है, जिसमें भारतीय और यूरोपीय वास्तुकला का मिश्रण देखा जा सकता है। हॉल का गुंबद और इसकी शानदार सजावट इसे एक विशेष पहचान देते हैं। दरबार हॉल का उपयोग राष्ट्रपति द्वारा आयोजित विभिन्न आधिकारिक कार्यक्रमों, शपथ ग्रहण समारोहों, पुरस्कार वितरण समारोहों और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों के लिए किया जाता है।
अशोक हॉल (Ashok Hall)
अशोक हॉल, जिसे अब अशोक मंडप जाना जाएगा, राष्ट्रपति भवन के सबसे प्रतिष्ठित और भव्य हॉलों में से एक है। अशोक हॉल की सजावट और डिजाइन मुगल और यूरोपीय शैलियों का मिश्रण है, जो इसे एक विशेष पहचान देती है। अशोक हॉल का नामकरण महान सम्राट अशोक के नाम पर किया गया था, जो भारतीय इतिहास में शांति और धर्म के प्रसार के लिए जाने जाते हैं। हॉल की छत पर खूबसूरत चित्रकारी है, जिसमें प्रमुख भारतीय और फारसी कला की झलक देखने को मिलती है। यह हॉल एक विशाल और भव्य कालीन से सुसज्जित है, जो विशेष रूप से इस हॉल के लिए बनाया गया है।
अशोक हॉल का उपयोग विभिन्न महत्वपूर्ण समारोहों के लिए किया जाता है, जैसे कि शपथ ग्रहण समारोह, राजनयिक अभिवादन, और अन्य आधिकारिक कार्यक्रम। यह हॉल विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत करने के लिए जाना जाता है। इस हॉल ने कई ऐतिहासिक घटनाओं की मेजबानी की है, जिसमें विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों और महत्वपूर्ण व्यक्तियों का स्वागत शामिल है।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Congress General Secretary Priyanka Gandhi) ने कही ये बात
राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल और अशोक हॉल के नाम बदलने पर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी ने केंद्र की एनडीए सरकार की आलोचना की है। उन्होंने इस कदम पर टिप्पणी करते हुए कहा कि दरबार की कोई अवधारणा नहीं है, बल्कि ‘शहंशाह’ की अवधारणा है। प्रियंका गांधी ने इस बहाने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है, यह आरोप लगाते हुए कि सरकार के इस निर्णय का उद्देश्य व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को बढ़ावा देना है। उनका कहना है कि इस तरह के बदलाव सत्ता की अत्यधिक केंद्रीयकरण और उसकी छवि को लेकर हैं।













