Assam Elections 2026: असम चुनाव 2026 में Narendra Modi का बड़ा दांव, महिला आरक्षण और विकास पर सियासी संग्राम
Authored By: Nishant Singh
Published On: Monday, April 6, 2026
Updated On: Monday, April 6, 2026
Assam Elections 2026: असम विधानसभा चुनाव 2026 से पहले प्रधानमंत्री Narendra Modi ने महिला आरक्षण, विकास और शांति को लेकर बड़े ऐलान किए. कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने बीजेपी की हैट्रिक का दावा किया. चुनाव में महिला वोट, विकास और सियासी आरोप-प्रत्यारोप अहम मुद्दे बनते दिख रहे हैं.
Authored By: Nishant Singh
Updated On: Monday, April 6, 2026
Assam Elections 2026: असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राज्य में सियासी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है. चुनावी रैलियों और वादों के बीच राजनीतिक दल जनता को अपने पक्ष में करने में जुटे हैं. इसी कड़ी में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने बारापेटा में एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए कई अहम मुद्दों को उठाया. उन्होंने राज्य में शांति, विकास और स्थिरता को अपनी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि असम अब एक नई पहचान बना रहा है.
महिला आरक्षण से चुनावी समीकरण पर असर
अपने भाषण में पीएम मोदी ने महिला सशक्तिकरण को लेकर बड़ा ऐलान किया. उन्होंने नारी वंदन अधिनियम का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं को राजनीति में ज्यादा भागीदारी देने के लिए सरकार 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र बुला रही है. उनका लक्ष्य 2029 के लोकसभा चुनाव में महिलाओं को आरक्षण दिलाना है. इस घोषणा को चुनावी रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है, क्योंकि महिला वोटर्स किसी भी चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं.
कांग्रेस पर आरोप और विकास की बात
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि पहले की सरकारों में किसानों के हक का पैसा बिचौलियों तक पहुंच जाता था, जबकि मौजूदा सरकार सीधे लाभ देने पर काम कर रही है. इसके साथ ही उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में विकास और राज्य में शांति बनाए रखने की बात कही. उन्होंने यह भी साफ किया कि महिला आरक्षण से किसी भी राज्य, खासकर दक्षिण भारत को नुकसान नहीं होगा, जिससे विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को खत्म किया जा सके.
हैट्रिक का दावा और जनता का फैसला
अपने भाषण के अंत में पीएम मोदी ने असम में बीजेपी और एनडीए सरकार की लगातार तीसरी जीत का दावा किया. उन्होंने कहा कि पिछले दस सालों में राज्य में जो बदलाव आया है, उसे जनता आगे भी जारी रखना चाहती है. अब चुनावी मैदान पूरी तरह तैयार है, जहां एक तरफ सत्तारूढ़ दल अपने काम के आधार पर वोट मांग रहा है, वहीं विपक्ष सरकार को चुनौती दे रहा है. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि असम की जनता किसे अपना भरोसा देती है.
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