संसद में एक बार फिर भड़की जया ! मामला सभापति से है जुड़ा

Authored By: सतीश झा

Published On: Friday, August 9, 2024

Updated On: Friday, August 9, 2024

SP Sansad Jaya Bachchan

जया बच्चन की इस बात से नाराज सभापति ने कहा कि जया जी आपने बहुत प्रतिष्ठा अर्जित की है, आप जानती हैं कि एक अभिनेता निर्देशक के अधीन होता है, मैंने यहां जो देखा वह आपने नहीं देखा। आप कोई भी हो सकती हैं, आप कोई सेलिब्रिटी हो सकती हैं, लेकिन आपको डेकोरम समझना होगा।

Authored By: सतीश झा

Updated On: Friday, August 9, 2024

राज्यसभा में जया बच्चन और सभापति जगदीप धनखड़ के बीच हुए तीखे संवाद ने स्थिति को और गर्मा दिया। जया बच्चन ने सभापति की बोलने की शैली और टोन पर असंतोष व्यक्त किया था, जिसके जवाब में सभापति ने कहा कि उनकी भाषा और टोन पर सवाल उठाया जा रहा है, लेकिन वह किसी की स्क्रिप्ट पर नहीं चल रहे हैं, बल्कि अपनी खुद की स्क्रिप्ट के अनुसार काम कर रहे हैं।

सभापति की टिप्पणियों के बाद, जया बच्चन के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ सदस्य होने के नाते क्या उनके पास चेयर का निरादर करने का लाइसेंस है। इस विवाद के चलते विपक्षी सांसदों ने सदन का बहिष्कार किया और बाहर चले गए। विपक्षी नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष को बोलने का अवसर दिए जाने की मांग की, और कुछ अन्य विषयों पर भी अपनी बात रखने की कोशिश की।

जया बच्चन ने सभापति से कहा, सर मैं जया अमिताभ बच्चन यह बोलना चाहती हूं कि मैं कलाकार हूं, बॉडी लैंग्वेज समझती हूं, एक्सप्रेशन समझती हूं, सर मुझे माफ करिएगा लेकिन आपका टोन जो है… उन्होंने कहा कि हम सभी सहकर्मी हैं, आप आसन पर आसीन हो सकते हैं।

नाराज सभापति ने कहा

जया बच्चन की इस बात से नाराज सभापति ने कहा कि जया जी आपने बहुत प्रतिष्ठा अर्जित की है, आप जानती हैं कि एक अभिनेता निर्देशक के अधीन होता है, मैंने यहां जो देखा वह आपने नहीं देखा। आप कोई भी हो सकती हैं, आप कोई सेलिब्रिटी हो सकती हैं, लेकिन आपको डेकोरम समझना होगा।

उन्होंने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) से कहा कि यह लोकतंत्र, संविधान के प्रति अनादर है। राष्ट्र प्राथमिकता है, राष्ट्र सबसे पहले आता है। सभापति ने कहा कि कितना दुख का दिन है। 9 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो का नारा दिया था और इस सदन ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। लेकिन ये लोग आज सदन का बहिष्कार कर रहे हैं। भारत एक शांत, स्थिर, लोकतांत्रिक और प्रगति पूर्ण राष्ट्र है। भारत के पास एक ऐसे प्रधानमंत्री का नेतृत्व है जिन्हें वैश्विक मान्यता हासिल है। उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ की आदत हो गई है कि एक सेगमेंट राष्ट्र के खिलाफ बोलेगा।

सभापति ने कड़े शब्दों में कहा कि मैं यह सब बर्दाश्त नहीं करूंगा। इसके बाद पक्ष और विपक्ष दोनों तरफ से जमकर हंगामा होने लगा।

सदन के बाहर जया बच्चन ने कही ये बात

सपा सांसद जया बच्चन ने कहा, “मैंने सभापति के टोन पर आपत्ति जताई। हम स्कूल के बच्चे नहीं हैं। हम सब वरिष्ठ हैं, खासकर जब नेता विपक्ष (मल्लिकार्जुन खरगे) बोलने के लिए खड़े हुए उन्होंने माइक बंद कर दी। आप ऐसा कैसे कर सकते हैं? ये परंपरा के खिलाफ है। अगर आप उन्हें बोलने नहीं देंगे तो हम क्या करने आए हैं? वो हमेशा असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि आप सेलिब्रेटी होंगी मुझे फर्क नहीं पड़ता… ये महिलाओं का अपमान है। मुझे माफी चाहिए।

तृणमूल कांग्रेस ने साथ दिया सपा सांसद जया बच्चन का

राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ का बयान पर TMC सांसद डोला सेन ने कहा, “जया बच्चन यहां सेलिब्रिटी के तौर पर नहीं एक निर्वाचित सांसद के तौर पर आई हैं।”

About the Author: सतीश झा
सतीश झा की लेखनी में समाज की जमीनी सच्चाई और प्रगतिशील दृष्टिकोण का मेल दिखाई देता है। बीते 20 वर्षों में राजनीति, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचारों के साथ-साथ राज्यों की खबरों पर व्यापक और गहन लेखन किया है। उनकी विशेषता समसामयिक विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना और पाठकों तक सटीक जानकारी पहुंचाना है। राजनीति से लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्दों तक, उनकी गहन पकड़ और निष्पक्षता ने उन्हें पत्रकारिता जगत में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है
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