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Navratri Puja 2024 : नवरात्र व्रत से मन की अशांति एवं कमजोरियो को नाश करने की शक्ति मिलती है
Authored By: स्मिता
Published On: Friday, October 11, 2024
Last Updated On: Friday, October 11, 2024
नवरात्र का व्रत करने से मनुष्य आत्मबली होता है। नवरात्र में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूप की पूजा की जाती है,जिसमें शक्ति की देवी काली, धन वैभव की देवी लक्ष्मी एवं विद्या की देवी सरस्वती की विशेष पूजा होती है।
Authored By: स्मिता
Last Updated On: Friday, October 11, 2024
काशी के विद्वानों के अनुसार, आज देशभर में महाष्टमी और महानवमी व्रत और पूजा संपन्न किया जा रहा है। इस अवसर पर दुर्गा पूजा एवं हवन आहुति भी हो रही है। मोतिहारी के पराम्बा शक्तिपीठ के पीठाधीश्वर शक्तिशरण महाराज ने नवरात्र के अवसर पर कहा कि भारतीय संस्कृति में सनातन धर्म का जो महात्म है उससे सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व लाभान्वित हो रहा है। शारदीय नवरात्र में भगवती दुर्गा नव रूप में विराजमान होती है। उन्हे प्रकृति के सृष्टि,पालन और आसुरी प्रवृत्ति का संहार करने का मूल मातृ शक्ति कहा गया है। 9 दिन के नवरात्र पर्व और उपवास से महामारी, विपत्ति, अशांति, उग्रवाद ,दुर्गुण एवं कमजोरियो को नाश करने की शक्ति (Navratri Puja 2024) मिलती है।
नवरात्र में आरोग्यता और क्रोध का नाश होता है (Navratri Puja 2024)
शक्तिशरण महाराज के अनुसार, नवरात्र का व्रत करने से मनुष्य आत्मबली होता है। नवरात्र में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूप की पूजा की जाती है,जिसमें शक्ति की देवी काली, धन वैभव की देवी लक्ष्मी एवं विद्या की देवी सरस्वती की विशेष पूजा होती है। महाकाली, महालक्ष्मी एवं सरस्वती संपूर्ण जगत का कल्याण करती हैं । नवमी में किये जाने वाले हवन में गूगल ,जटामांसी ,लोहवान ,बचकूट, तिल,चावल, आम की लकड़ी के द्वारा आहुति डाली जाती है। इससे निकलने वाली धुंआ से कई रोगों का नाश हो सकता है। हवन से पूरा वायुमंडल शुद्ध होता है तथा दुर्गंध एवं गंदगी वाले वातावरण से लोगों को मुक्ति मिलती है।नियमित हवन से आसपास महामारी नहीं फैल सकती है। शक्ति शरण महाराज ने कहा कि प्रकृति ही दुर्गा है। यह दुर्गा के रूप में पूरे विश्व में शांति प्रदान करती है। नवरात्र पूजन से धन और बेहतर स्वास्थ्य प्राप्त होता है। आरोग्यता और क्रोध का नाश होता है। नवरात्र व्रत में शामिल होने वाले को क्रोध, अशांति, तनाव और अवसाद से मुक्ति मिलती है।
मां सिद्धिदात्री को समर्पित महानवमी (Mahanavmi 2024)
नवरात्र का महत्वपूर्ण दिन है महानवमी। यह नवरात्र के नौवें और अंतिम दिन को चिह्नित करता है। मां सिद्धिदात्री को समर्पित यह अश्विन माह में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को पड़ता है। यह 11 अक्टूबर, 2024 को दिन के 12 बजे के बाद से शुरू हो रहा है। यह दिन महिषासुर पर देवी दुर्गा की अंतिम जीत का स्मरण कराता है।
असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक विजयादशमी (Vijayadashmi 2024)
नौ दिवसीय नवरात्रि उत्सव के समापन के रूप में दशहरा अश्विन महीने के 10वें दिन मनाया जाता है। इस साल दशहरा पूरे भारत में शनिवार, 12 अक्टूबर को बहुत हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। विजयादशमी का बहुत अधिक महत्व है। यह उस दिन के रूप में मनाया जाता है जब भगवान राम ने दस सिर वाले राक्षस राजा रावण को हराया था और पत्नी सीता को बचाया था। यह दिन असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है। यह त्योहार रावण के अधर्म पर भगवान राम के धर्म की जीत का प्रतीक है। साथ ही, असुरों पर देवी दुर्गा की विजय का प्रतीक है विजयादशमी।
(हिन्दुस्थान समाचार के इनपुट के साथ)
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