बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे पर उठे सवाल, सोशल मीडिया के दावों से मचा बवाल, BKTC ने शुरू कराई जांच

Authored By: Nishant Singh

Published On: Saturday, July 4, 2026

Last Updated On: Saturday, July 4, 2026

बद्रीनाथ धाम मंदिर के सामने श्रद्धालु और चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बीच जांच का प्रतीकात्मक दृश्य।
बद्रीनाथ धाम मंदिर के सामने श्रद्धालु और चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बीच जांच का प्रतीकात्मक दृश्य।

Badrinath Dham: बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोपों के बाद बीकेटीसी ने मामले की जांच शुरू कर दी है. सोशल मीडिया पर वायरल दावों को लेकर भी समिति ने सफाई दी है. अधिकारियों का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी. 

Authored By: Nishant Singh

Last Updated On: Saturday, July 4, 2026

Badrinath Dham: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बीच अब उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम का नाम भी चर्चाओं में आ गया है. सोशल मीडिया पर मंदिर में चढ़ावे और दान की राशि में कथित हेराफेरी के आरोप लगाए जाने के बाद मामला तेजी से सुर्खियों में पहुंच गया. श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस विषय को देखते हुए श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने इसे गंभीर मामला मानते हुए तत्काल जांच शुरू करने का फैसला किया है. समिति का कहना है कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आने तक किसी भी तरह की जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा.

निष्पक्ष जांच के लिए समिति का गठन

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि पूरे मामले की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच कराने के लिए एक आंतरिक जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं. यह समिति सभी उपलब्ध साक्ष्यों, शिकायतों और संबंधित कर्मचारियों के बयानों का अध्ययन करेगी. जांच पूरी होने के बाद यदि किसी कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध या दोषपूर्ण पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मंदिर समिति का कहना है कि संस्था की पारदर्शिता और श्रद्धालुओं का विश्वास सर्वोच्च प्राथमिकता है.

निजी सचिव बताए जाने के दावे पर BKTC की सफाई

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ पोस्ट में एक कर्मचारी को बीकेटीसी अध्यक्ष का निजी सचिव बताया गया है. इस पर अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि संबंधित व्यक्ति उनका निजी सचिव नहीं है. उन्होंने कहा कि वह मंदिर समिति का नियमित सरकारी कर्मचारी है, जिसने पहले भी समिति के कई अध्यक्षों के साथ पर्सनल असिस्टेंट के रूप में काम किया है. अध्यक्ष ने यह भी कहा कि किसी कर्मचारी की पहचान को लेकर भ्रम फैलाना उचित नहीं है. यदि जांच में उसके खिलाफ लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं, तो उसके खिलाफ भी नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी.

सीसीटीवी फुटेज और कर्मचारियों से पूछताछ जारी

मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने जानकारी दी कि सोशल मीडिया पर शिकायत सामने आने के बाद बद्रीनाथ मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कराई गई. हालांकि उपलब्ध फुटेज पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, फिर भी जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है. संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और सभी तथ्यों को एकत्र किया जा रहा है ताकि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी हो सके. समिति का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हर पहलू की गंभीरता से जांच की जाएगी.

आस्था और पारदर्शिता दोनों बनाए रखने पर जोर

बीकेटीसी ने स्पष्ट किया है कि बद्रीनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए इस तरह के मामलों में पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई की जाएगी. समिति ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी अपुष्ट जानकारी या सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों पर भरोसा न करें. यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम, 1939 और कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. समिति का उद्देश्य न केवल सच्चाई सामने लाना है, बल्कि मंदिर की गरिमा और श्रद्धालुओं के विश्वास को भी पूरी तरह सुरक्षित रखना है.

About the Author: Nishant Singh
निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
Leave A Comment

अन्य लाइफस्टाइल खबरें