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Yogini Ekadashi 2026: योगिनी एकादशी 2026, 10 या 11 जुलाई, कब रखा जाएगा व्रत? जानिए सही तिथि, महत्व और शुभ फल
Authored By: Nishant Singh
Published On: Friday, July 3, 2026
Last Updated On: Friday, July 3, 2026
Yogini Ekadashi 2026: योगिनी एकादशी 2026 का व्रत गृहस्थों के लिए 10 जुलाई और वैष्णव श्रद्धालुओं के लिए 11 जुलाई को रखा जाएगा. भगवान विष्णु को समर्पित यह व्रत पापों के नाश, सुख-समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार इसका पुण्य अत्यंत फलदायी होता है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Friday, July 3, 2026
Yogini Ekadashi 2026: सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना गया है. प्रत्येक माह कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी भगवान श्रीहरि विष्णु की आराधना के लिए समर्पित होती है. आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली योगिनी एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत रखने तथा भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं, पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है. यही कारण है कि हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस व्रत का पालन करते हैं.
10 या 11 जुलाई, कब है योगिनी एकादशी?
इस वर्ष योगिनी एकादशी की तिथि को लेकर कई लोगों के मन में भ्रम है. वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 10 जुलाई 2026, शुक्रवार को सुबह 8:16 बजे शुरू होगी और 11 जुलाई 2026, शनिवार को सुबह 5:22 बजे समाप्त होगी. हरि वासर का समापन 11 जुलाई को सुबह 10:32 बजे होगा. इसी कारण गृहस्थ श्रद्धालु 10 जुलाई को योगिनी एकादशी का व्रत रखेंगे, जबकि वैष्णव संप्रदाय के लोग 11 जुलाई को यह व्रत करेंगे.
योगिनी एकादशी का धार्मिक महत्व
धार्मिक ग्रंथों में योगिनी एकादशी को अत्यंत फलदायी व्रत बताया गया है. मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा करने और व्रत रखने से व्यक्ति के जाने-अनजाने में हुए पाप नष्ट हो जाते हैं. यह व्रत आध्यात्मिक उन्नति के साथ-साथ सुख, शांति और समृद्धि का भी मार्ग खोलता है. ऐसी भी मान्यता है कि योगिनी एकादशी का पुण्य 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर माना जाता है. इसलिए इसे वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में गिना जाता है.
व्रत करने से मिलते हैं ये शुभ फल
धार्मिक विश्वास के अनुसार, योगिनी एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है. यह व्रत लंबे समय से चली आ रही परेशानियों, मानसिक तनाव और रोगों से राहत दिलाने वाला माना जाता है. साथ ही परिवार में सुख-समृद्धि, आर्थिक उन्नति और वैवाहिक जीवन में खुशहाली आने की भी मान्यता है. जो लोग श्रद्धा और संयम के साथ इस व्रत का पालन करते हैं, उनके जीवन में शुभ परिवर्तन आने की बात कही जाती है.
योगिनी एकादशी पर करें ये शुभ कार्य
Yogini Ekadashi के दिन सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु की पूजा करें और उन्हें पीले पुष्प, तुलसी दल, फल तथा पंचामृत अर्पित करें. पूरे दिन सात्विक आहार और संयम का पालन करें तथा विष्णु मंत्रों का जाप और भजन-कीर्तन करें. जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करना भी शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा, सेवा और भक्ति के साथ किया गया यह व्रत व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है.
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