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बिहार विधान परिषद चुनाव 2026: 9 सीटों पर सियासी हलचल तेज, नीतीश की सीट पर भी उपचुनाव
Authored By: Nishant Singh
Published On: Tuesday, May 26, 2026
Last Updated On: Tuesday, May 26, 2026
Bihar Vidhan Parishad Chunav: बिहार विधान परिषद की 9 सीटों और नीतीश कुमार की खाली सीट पर उपचुनाव की घोषणा हो गई है. चुनाव प्रक्रिया 1 से 20 जून 2026 तक पूरी होगी. मतदान 18 जून को होगा. यह चुनाव राज्य की मौजूदा राजनीतिक ताकत और आने वाले समीकरणों को प्रभावित कर सकता है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Tuesday, May 26, 2026
बिहार विधान परिषद चुनाव 2026: बिहार में विधान परिषद की 9 सीटों और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की खाली हुई एक सीट पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है. चुनाव आयोग के अनुसार पूरी प्रक्रिया जून 2026 में संपन्न होगी. अधिसूचना 1 जून को जारी होगी, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 8 जून तय की गई है. 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 11 जून तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे. इस चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है.
मतदान और नतीजों की तारीख तय, तेज होगी प्रक्रिया
चुनाव आयोग ने मतदान की तारीख 18 जून 2026 तय की है, जिसमें सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी. उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना भी शुरू कर दी जाएगी. पूरी चुनाव प्रक्रिया 20 जून 2026 तक समाप्त कर दी जाएगी. कम समय में पूरी प्रक्रिया संपन्न होने के कारण सभी दलों ने अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है. यह चुनाव भले ही सीमित सीटों का हो, लेकिन इसका राजनीतिक असर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
खाली होने वाली सीटों का गणित और दलों की स्थिति
28 जून को जिन 9 सीटों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनमें कई प्रमुख नेताओं का नाम शामिल है. इनमें गुलाम गौस, कुमुद वर्मा, मो. फारुख, भगवान सिंह कुशवाहा, भीष्म साहनी, संजय मयूख, समीर कुमार सिंह, सम्राट चौधरी और सुनील कुमार सिंह जैसे नेता हैं. मौजूदा समीकरण के अनुसार इन सीटों में से 5 जेडीयू, 2 बीजेपी, 2 आरजेडी और 1 कांग्रेस के पास थीं. ऐसे में इस चुनाव को लेकर सत्ता और विपक्ष दोनों के लिए दांव पर काफी कुछ लगा हुआ है.
नीतीश कुमार की सीट पर उपचुनाव बना खास आकर्षण
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद उनकी विधान परिषद सीट भी खाली हो गई है, जिस पर अब उपचुनाव कराया जाएगा. यह सीट राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि नीतीश कुमार बिहार की राजनीति के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक हैं. इस सीट पर होने वाला मुकाबला आने वाले राजनीतिक संकेतों को भी दर्शाएगा और सभी दल इस पर खास नजर बनाए हुए हैं.
राजनीतिक समीकरण और भविष्य की रणनीति पर नजर
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को बड़ी जीत मिली थी, जिसका असर इस चुनाव में भी दिख सकता है. मौजूदा संख्याबल को देखते हुए कई सीटों पर नतीजों को लेकर पहले से ही अनुमान लगाए जा रहे हैं. हालांकि राजनीतिक दल उम्मीदवार चयन और रणनीति को लेकर सक्रिय हो गए हैं. यह चुनाव भले ही विधान परिषद की कुछ सीटों तक सीमित हो, लेकिन आने वाले समय की राजनीति की दिशा तय करने में इसकी भूमिका अहम मानी जा रही है.
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