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पहली बार नवाबों के इलाकों के आम का स्वाद अमेरिका,यूरोप तक पहुंचा- किसानों को जबरदस्त मुनाफा
Authored By: अरुण श्रीवास्तव
Published On: Monday, July 15, 2024
Last Updated On: Tuesday, July 30, 2024
लखनऊ के अवध शिल्प ग्राम में 12 से 14 जुलाई तक तीन दिवसीय मैंगो फेस्टिवल- 2024 का आयोजन किया गया। इसमें उत्तर प्रदेश के साथ ही मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान समेत कई राज्यों के आम उत्पादकों के साथ ही अलग अलग राज्यों के उद्यान प्रतिनिधि और आम की खेती करने वाले विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
Authored By: अरुण श्रीवास्तव
Last Updated On: Tuesday, July 30, 2024
आम महोत्सव का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश इस साल जापान और मलेशिया को 40 टन आम निर्यात करेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि काफी लम्बे अर्से के बाद लखनऊ का दशहरी आम अमेरिका को निर्यात किया जा रहा है।
योगी ने बताया कि भारत में दसहरी आम का मूल्य 60 से 100 रुपये प्रति किलो के बीच है, लेकिन अमेरिकी बाजार में पहुंचने के बाद इसका दाम भारतीय मु्द्रा में 900 रुपये प्रति किलो तक हो जाता है। इससे आम उत्पादकों को अच्छा मूल्य मिलने में काफी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कैसे होगी बचत
योगी ने किसानों को लागत से अधिक मुनाफा कैसे मिलेगा ये भी समझाया। कहा कि अगर हम ड्यूटी टैक्स, कार्गो और एयर फेयर का दाम भी जोड़ लें, तो एक किलो आम अमेरिका भेजने की लागत 250-300 रुपये तक आ रही होगी। फिर भी आम उत्पादक किसानों को एक किलो आम पर 600 रुपये की बचत होगी।
सीएम योगी ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश के आम उत्पादक किसान केवल 3.15 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में 58 लाख टन आम का उत्पादन करते हैं। देश के कुल आम उत्पादन का 25 से 30 प्रतिशत आम उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश में होता है। पिछले वर्ष उद्यान विभाग की टीम मास्को गई थी। इसमें लखनऊ और अमरोहा के किसान भी गए थे। वहां पर टीम ने आम महोत्सव का आयोजन किया था, जिसमें किसानों को ऑर्डर भी मिला था।
आम महोत्सव 2024
इस महोत्सव में सीएम योगी ने प्रगतिशील आम के किसानों को सम्मानित करते हुए कहा कि पिछले 7-8 वर्षों से उत्तर प्रदेश सरकार आम महोत्सव आयोजित कर रही है। इस आयोजन में सरकार अपने प्रगतिशील किसानों और बागवानों को सम्मानित करती है। उन्होंने कहा , उत्तर प्रदेश में पैदा होने वाले आम को हम न केवल देश में, बल्कि दुनिया की मार्केट में पहुंचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। आम के निर्यात की संभावनाएं कहां से बन सकती हैं और किन-किन देशों के लिए बन सकती है, हमें उन देशों तक अपनी पहुंच को बनाना ही पड़ेगा।
उत्तर प्रदेश का आम उत्पादन में देश में है प्रथम स्थान
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश आम उत्पादन में देश में अग्रणी है लेकिन अब हमें बढ़ती हुई आबादी के अनुरूप मात्रा और गुणवत्ता (क्वांटिटी और क्वालिटी) दोनों को बनाए रखने के लिए लगातार काम करना होगा। डबल इंजन की सरकार किसानों और बागवानों के हितों के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। उत्तर प्रदेश की सरकार ने भारत सरकार के सहयोग से प्रदेश के किसानों के लिए सहारनपुर, अमरोहा, लखनऊ और वाराणसी में चार “पैक हाउस” बनाये हैं।
उत्तर प्रदेश की IRADA किसान उत्पादक कंपनी के किसानों ने पहली बार यूरोप को दशहरी आमों की निर्यात खेप भेजी, जिससे भारत में फलों और सब्जियों के अग्रणी निर्यातक नेक्स्टऑन के माध्यम से एक नए संभावित बाजार के लिए मार्ग प्रशस्त हुआ। निर्यात किए गए जीआई दशहरी आम उन फार्मों से हैं जो ग्लोबल जी.एपी के तहत प्रमाणित हैं और यूरोपीय संघ के खाद्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन करते हैं।
सीआईएसएच के निदेशक डॉ टी दामोदरन कहते हैं कि अभी तक नेपाल, मिडिल ईस्ट समेत कुछ देशों को आम निर्यात हो रहा था। लेकिन, अब अमेरिका सहित अन्य देशों को आम निर्यात होने से किसानों को अधिक फायदा होगा। पहली बार गुड एग्रीकल्चर प्रैक्टिसेस (गैप) पहली बार गुड एग्रीकल्चर प्रैक्टिसेस (गैप) तकनीक से उत्पादित आम अमेरिका को निर्यात किया गया है।
आम महोत्सव में 120 किस्म के विशेष आम रखे गये थे। आम के ट्रक को हरी झंडी भी दिखाई गई, जिसमें भरे आम विभिन्न देशों को निर्यात होंगे साथ ही आम खाने की प्रतियोगिता और प्रशिक्षण संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया।













