हुंडई ने इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी प्रौद्योगिकी में नवाचार के लिए आइआइटी के साथ किया समझौता
Authored By: अंशु सिंह
Published On: Wednesday, December 4, 2024
Updated On: Wednesday, December 4, 2024
हुंडई मोटर ग्रुप ने इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी प्रौद्योगिकी में इनोवेशन को प्रोत्साहित करने करने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आइआइटी) के साथ समझौता किया है। कंपनी ने आइआइटी दिल्ली, आइआइटी बॉम्बे और आइआइटी मद्रास के साथ समझौते पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।
Authored By: अंशु सिंह
Updated On: Wednesday, December 4, 2024
आइआइटी दिल्ली (IIT Delhi) में आयोजित एक समारोह में हुंडई मोटर समूह (Hyundai Motor Group) के अधिकारियों ने संस्थान के निदेशक प्रोफेसर रंगन बनर्जी, आइआइटी बॉम्बे के डीन (अनुसंधान और विकास) सचिन सी. पटवर्धन और आइआइटी मद्रास के डीन आईसीएसआर मनु संथानम की मौजूदगी में उस समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत आइआइटी दिल्ली में स्थापित होने वाला हुंडई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) हुंडई मोटर ग्रुप के प्रायोजन के माध्यम से संचालित होगा। हुंडई के सीओई का प्राथमिक उद्देश्य बैटरी और इलेक्ट्रिफिकेशन में प्रगति को आगे बढ़ाना है। इसे विशेष रूप से भारतीय बाजार की अनूठी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
हुंडई सेंटर फॉर एक्सीलेंस को लेकर समझौते पत्र पर हुए हस्ताक्षर
हुंडई मोटर ग्रुप रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आरएंडडी) प्लानिंग एंड कोऑर्डिनेशन सेंटर के प्रमुख एवं वीपी नक्सप सुंग ने कहा कि वह आइआइटी के साथ मिलकर काम करने को लेकर बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि हुंडई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भारत के शैक्षणिक परिदृश्य से प्रतिभाशाली व्यक्तियों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करेगा। इससे नवाचार और भविष्य के विकास को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने आगे कहा कि यह समझौता न केवल उद्योग-अकादमिक साझेदारी में अग्रणी के रूप में आइआइटी दिल्ली की प्रतिष्ठा को मजबूत करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे शोध संस्थान और वैश्विक निगम महत्वपूर्ण तकनीकी चुनौतियों से निपटने के लिए एक साथ आ सकते हैं।
परिवहन क्षेत्र के अनुकूल प्रौद्योगिकी के विकास का लक्ष्य

आइआइटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी ने कहा कि संस्थान में हमारा फोकस ऐसे शोध पर है, जो समाज और उद्योग पर प्रभाव डालते हों। हुंडई मोटर ग्रुप और अन्य आइआइटी के साथ यह सहयोग परिवहन के भविष्य के लिए टिकाऊ, अभिनव समाधान विकसित करने के लिए शिक्षा और उद्योग को जोड़ने के दृष्टिकोण को मूर्त रूप देता है। उन्होंने कहा कि आइआइटी दिल्ली के नेतृत्व में यह साझेदारी बैटरी प्रदर्शन अनुकूलन, इलेक्ट्रिक वाहन एकीकरण और ऊर्जा-कुशल प्रणालियों के विकास जैसे मुख्य क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगी। संस्थान की अत्याधुनिक शोध सुविधाएं और प्रभावशाली नवाचार का इतिहास इसे इस अभूतपूर्व पहल के प्रमुख चालक के रूप में स्थापित करता है।
(हिन्दुस्तान समाचार के इनपुट्स के साथ)
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