बच्चों को ‘आलसी’ या ‘जिद्दी’ कहा तो मुश्किल! ओडिशा सरकार की नई SOP में क्या है?

Authored By: Galgotias Times Bureau

Published On: Saturday, October 10, 2026

Updated On: Saturday, October 10, 2026

Children Mental Health Guidelines के तहत बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए ओडिशा सरकार की नई SOP

Children Mental Health Guidelines को लेकर ओडिशा सरकार ने नई SOP जारी की है. अब शिक्षकों और कर्मचारियों को बच्चों को 'आलसी' या 'जिद्दी' जैसे अपमानजनक शब्दों से संबोधित करने से बचना होगा. जानें मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए क्या हैं नए निर्देश और किन लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है.

Authored By: Galgotias Times Bureau

Updated On: Saturday, October 10, 2026

Children Mental Health Guidelines:  बच्चों और युवाओं में बढ़ती मानसिक तनाव, अवसाद और आत्महत्या की प्रवृत्ति को लेकर ओडिशा(Odisha) सरकार  गंभीर हो गई है. आंगनबाड़ी केंद्रों से लेकर स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए सरकार ने विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है. नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों और कर्मचारियों को बच्चों के साथ व्यवहार में विशेष सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया है. किसी भी बच्चे को ‘आलसी’, ‘जिद्दी’ या अन्य अपमानजनक शब्दों से संबोधित करने पर रोक लगाई गई है.

​विशेषज्ञ करेंगे उपचार

​कई मामलों में यह स्थिति गंभीर होकर आत्मघाती प्रवृत्ति तक पहुंच जाती है. इसे देखते हुए जारी एसओपी में बच्चों के साथ सकारात्मक और आश्वस्त करने वाली भाषा के उपयोग पर जोर दिया गया है. शिक्षकों को सार्वजनिक रूप से किसी छात्र को अपमानित नहीं करने तथा उसके मन में हीन भावना पैदा करने वाले शब्दों से बचने को कहा गया है. यदि किसी बच्चे में लगातार उदासी, भय, चिड़चिड़ापन, हिंसक व्यवहार या अन्य असामान्य लक्षण दो सप्ताह से अधिक समय तक दिखाई देते हैं तो उसे गंभीर संकेत माना जाएगा.

प्रमुख राज्य सरकारों के आदेश और दिशा-निर्देश

महाराष्ट्र — जनवरी 2026

महाराष्ट्र सरकार ने स्कूलों और निजी कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों के शैक्षणिक तनाव तथा मानसिक स्वास्थ्य के लिए दिशा-निर्देश जारी किए. इनमें 100 या अधिक विद्यार्थियों वाले संस्थानों में योग्य काउंसलर की व्यवस्था, आत्महत्या रोकथाम हेल्पलाइन का प्रचार, आपातकालीन सहायता और पढ़ाई के दबाव को नियंत्रित करने जैसे प्रावधान शामिल हैं. कोचिंग संस्थानों के लिए प्रतिदिन पढ़ाई के अधिकतम पांच घंटे जैसी व्यवस्था भी रिपोर्ट की गई है.

राजस्थान — 2 फरवरी 2026

राजस्थान के उच्च शिक्षा विभाग ने 25 जुलाई 2025 के सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में संस्थानों के लिए आदेश जारी किया. इसमें मानसिक स्वास्थ्य नीति, प्रशिक्षित काउंसलर, विद्यार्थियों के लिए गोपनीय परामर्श, आत्महत्या के जोखिम की पहचान, आपातकालीन रेफरल और शिक्षकों व गैर-शिक्षण कर्मचारियों के प्रशिक्षण जैसे बिंदु शामिल हैं.

केरल — 2021 से मनोसामाजिक सहायता कार्यक्रम

केरल के महिला एवं बाल विकास विभाग ने किशोरों के लिए Psychosocial Service for Adolescents Programme की एसओपी जारी की. इसमें स्कूलों के साथ मिलकर प्रशिक्षित काउंसलरों द्वारा मानसिक-सामाजिक सहायता, तनाव व व्यवहार संबंधी Student Mental Health Guideliness समस्याओं की पहचान और समय रहते हस्तक्षेप पर जोर दिया गया है. यह बच्चों-किशोरों की सहायता से जुड़ा स्पष्ट एसओपी उदाहरण है.

तमिलनाडु — 6 मार्च 2026

तमिलनाडु में शैक्षणिक संस्थानों के लिए मानसिक स्वास्थ्य नीति संबंधी सरकारी आदेश G.O. (Ms.) No. 83 जारी होने की जानकारी उपलब्ध है. आदेश में सुप्रीम कोर्ट के 25 जुलाई 2025 के फैसले और राज्य के पूर्व आदेश का संदर्भ दिया गया है. यह संस्थागत मानसिक स्वास्थ्य नीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण है.

Written By: Rajiv Mandal

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