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मुंबई में ‘कैरम’ कंपनी की फ्लीट सर्विस का विस्तार, उबर के साथ हुई साझेदारी
Authored By: अंशु सिंह
Published On: Thursday, November 28, 2024
Last Updated On: Thursday, November 28, 2024
फ्लीट मैनेजमेंट सर्विस कंपनी ‘कैरम’ भारत के फ्लीट मैनेजमेंट सेक्टर का कायाकल्प करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। कंपनी मुंबई में उबर के साथ साझेदारी में अपने नेटवर्क का विस्तार करने जा रही है। यह सब ‘कारदेखो’ ग्रुप के रणनीतिक निवेश एवं सहयोग से हो रहा है। ‘रेव’ कंपनी के पूर्व संस्थापक करण जैन ने इस साल की शुरुआत में ही ‘कैरम’ की स्थापना की थी।
Authored By: अंशु सिंह
Last Updated On: Thursday, November 28, 2024
हाइलाइट्स
- ‘कैरम’ (Carrum) ने बेंगलुरु तथा हैदराबाद में 500 वाहनों के संचालन से शुरुआत की थी। लेकिन आज इसकी फ्लीट में 800 से अधिक वाहन हैं।
- इस नई साझेदारी के बाद कंपनी अगले साल मार्च 2025 तक इन तीन शहरों में लगभग 1500 वाहनों का आंकड़ा छू सकती है।
- कंपनी को उम्मीद है कि लंबे समय के लिए तरक्की की उसकी रणनीति के तहत मुंबई का उसके कुल फ्लीट तथा राजस्व में 20% योगदान होगा।
मुंबई में ‘कैरम’ के आने से बाजार में उसकी स्थिति मजबूत होगी। इसके अलावा, महत्वपूर्ण मेट्रोपोलिटन क्षेत्रों में एक सुदृढ़ एवं स्थायी नेटवर्क बनाने के उसके बड़े लक्ष्य में सहयोग भी मिलेगा। कैरम के फाउंडर करण जैन ने कहा, ‘यह विस्तार फ्लीट मैनेजमेंट सेक्टर में क्रांति लाने के लिए हमारी यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हमें अपना परिचालन बढ़ाने पर पूरा भरोसा है। हम अपनी सर्विस को बेहतर बनाने, ड्राइवरों की भलाई तथा स्थायी पद्धतियों पर अपना फोकस बरकरार रखेंगे। हम सिर्फ बड़े आंकड़े हासिल नहीं करना चाहते हैं, बल्कि पूरे मोबिलिटी सिस्टम पर लंबे समय तक के लिए सकारात्मक असर छोड़ना चाहते हैं, ताकि ग्राहकों और ड्राइवरों को समान रूप से फायदा हो।‘कंपनी को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र उसके कुल फ्लीट एवं रेवेन्यू में 20% योगदान देगा।
अगले वर्ष तक देश के प्रमुख शहरों में विस्तार का लक्ष्य
करण का कहना है कि कंपनी मौजूदा बाजार में भी अपनी उपस्थिति को मजबूत कर रही है। दिसंबर 2024 तक ‘कैरम’ के मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद में कुल वाहनों की संख्या 1200 तक पहुंचने की उम्मीद है। इस तरह, उसका परिचालन काफी बढ़ जाएगा। क्षेत्रीय आधार पर वृद्धि की इस योजना के तहत वित्त वर्ष 2025 के अंत तक भारत के प्रमुख शहरों में 1500 से अधिक वाहन चलाने का लक्ष्य रखा गया है। ‘कैरम’ से पहले करण ने शेयर्ड मोबिलिटी सर्विस ‘रेव’ (Revv) कंपनी की स्थापना की थी, जिसका कारदेखो (Cardekho) ग्रुप ने 2023 में अधिग्रहण कर लिया था।
कारदेखो ग्रुप की वर्तमान वैल्यू 1.5 बिलियन डॉलर है। यह इंश्योरेंस के अलावा फिनटेक एवं कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में कार्य कर रही है। इंश्योरेंस देखो, रूपी (Rupyy) एवं कारदेखो डॉट कॉम और बाइकदेखो डॉट कॉम के जरिये कंपनी ऑपरेट करती है। ‘कैरम’ के साथ साझेदारी पर कारदेखो के सह-संस्थापक एवं सीईओ अमित जैन का कहना है कि वे देश में कार्बन फुटप्रिंट को कम करना चाहते हैं। यह निवेश एक जिम्मेदारी के तहत किया गया है, जिससे समाज एवं पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सके।
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मोबिलिटी मार्केट में मौजूद गैप होगा कम
कंपनी का दावा है कि सेवा विस्तार से मुंबई जैसे अन्य मेट्रो शहरों में गाड़ियों की मांग एवं आपूर्ति के बीच की खाई को कम किया जा सकेगा। इससे मोबिलिटी मार्केट में गाड़ियों के इंतजार का समय भी कम होगा। फ्लीट मैनेजमेंट उद्योग देश का 15वां सबसे लोकप्रिय उद्योग एवं बाजार समूह है। इस समय एवरेस्ट फ्लीट, फ्लीटेक्स एवं अन्य कंपनियां बाजार में ऑपरेट कर रही हैं। एवरेस्ट फ्लीट प्राइवेट लिमिटेड मुंबई में उबर एवं ओला जैसे कैब एग्रीगेटर्स के लिए सबसे बड़ी फ्लीट मैनेजमेंट सर्विस प्रोवाइडर में से एक है। इसने हाल ही में बेंगलुरु में भी परिचालन शुरू किया है। यानी कैरम को सेक्टर में टिके रहने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। करण का मानना है कि कैब एग्रीगेटर्स के लिए सबसे बड़ी समस्याओं में एक है स्केलिंग। इसके अलावा, परिसंपत्तियों का कुशलतापूर्वर उपयोग, ड्राइवरों का प्रबंधन एवं समग्र संचालन। उनकी कोशिश रहेगी कि वे इन मुद्दों का सफलतापूर्वक समाधान निकाल सकेंगे।














