बैंकिंग सेक्टर में बड़ा झटका: RBI की रिपोर्ट में 48,000 करोड़ के फ्रॉड का खुलासा

Authored By: Nishant Singh

Published On: Friday, May 29, 2026

Last Updated On: Friday, May 29, 2026

RBI report revealing 48000 crore banking fraud in Indian banking sector
RBI report revealing 48000 crore banking fraud in Indian banking sector

RBI की रिपोर्ट के अनुसार 2025-26 में बैंकिंग फ्रॉड 46% बढ़कर 48,021 करोड़ रुपये पहुंच गया. हालांकि मामलों की संख्या घटी है. बड़े लोन फ्रॉड में तेज वृद्धि हुई है, जबकि डिजिटल पेमेंट फ्रॉड में भारी गिरावट दर्ज की गई है. बैंकिंग सिस्टम में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है.

Authored By: Nishant Singh

Last Updated On: Friday, May 29, 2026

Banking Fraud Risk in India: भारतीय बैंकिंग सिस्टम में धोखाधड़ी को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ताजा रिपोर्ट ने गंभीर तस्वीर सामने रखी है. रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में बैंक फ्रॉड की कुल रकम 46% बढ़कर 48,021 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. पिछले साल यह आंकड़ा 32,803 करोड़ रुपये था. हालांकि, राहत की बात यह है कि फ्रॉड मामलों की कुल संख्या में कमी दर्ज की गई है.

कम केस, लेकिन बड़े फ्रॉड का बढ़ता खतरा

आरबीआई की रिपोर्ट बताती है कि इस साल कुल 10,114 फ्रॉड केस दर्ज किए गए, जबकि पिछले साल यह संख्या 23,722 थी. यानी छोटे और सामान्य धोखाधड़ी के मामले घटे हैं, लेकिन बड़े स्तर पर होने वाले वित्तीय घोटाले बढ़ गए हैं. खासकर बड़े अमाउंट वाले बैंकिंग फ्रॉड ने सिस्टम की चिंता बढ़ा दी है.

सरकारी बैंकों में फ्रॉड की रकम बढ़कर 35,709 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो पिछले साल 23,617 करोड़ रुपये थी. वहीं निजी बैंकों में भी यह आंकड़ा बढ़कर 11,399 करोड़ रुपये हो गया है.

लोन फ्रॉड बना सबसे बड़ा खतरा

रिपोर्ट में सबसे बड़ा खुलासा लोन या एडवांस कैटेगरी में हुए फ्रॉड को लेकर हुआ है. इस सेक्टर में 8,640 मामलों में लगभग 40,774 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है. विशेषज्ञों का मानना है कि फर्जी दस्तावेज, ओवरवैल्यूएशन और बड़े कॉर्पोरेट लोन से जुड़े मामले बैंकिंग सिस्टम के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं.

इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कई फ्रॉड ऐसे हैं जो पिछले वर्षों में हुए थे, लेकिन उनकी पहचान बाद में हुई और इस साल उन्हें रिपोर्ट में शामिल किया गया.

डिजिटल फ्रॉड में राहत, सुरक्षा उपायों का असर

जहां एक ओर बड़े बैंक फ्रॉड बढ़े हैं, वहीं डिजिटल और कार्ड पेमेंट फ्रॉड में बड़ी गिरावट देखी गई है. इस साल डिजिटल फ्रॉड की रकम घटकर सिर्फ 29 करोड़ रुपये रह गई, जबकि पिछले साल यह 517 करोड़ रुपये थी. मामलों की संख्या भी तेजी से घटी है.

आरबीआई का मानना है कि बेहतर साइबर सुरक्षा, निगरानी सिस्टम और बैंकिंग टेक्नोलॉजी में सुधार के कारण डिजिटल फ्रॉड पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है.

नई तकनीक से फ्रॉड रोकने की तैयारी तेज

  • डिजिटल धोखाधड़ी को रोकने के लिए आरबीआई नए उपायों पर काम कर रहा है. इनमें “किल स्विच” फीचर सबसे अहम माना जा रहा है, जिसके जरिए ग्राहक जरूरत पड़ने पर अपने बैंक अकाउंट से सभी ट्रांजैक्शन तुरंत रोक सकेंगे.
  • इसके अलावा कार्ड और डिजिटल पेमेंट के लिए ऑन-ऑफ कंट्रोल सिस्टम को भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि ग्राहक अपने पैसे पर ज्यादा नियंत्रण रख सकें.
  • साथ ही आरबीआई ने .bank.in नाम का सुरक्षित डोमेन भी शुरू किया है, जिससे भारत में ऑनलाइन बैंकिंग को ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सके. यह कदम साइबर फ्रॉड रोकने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है.

यह भी पढ़ें :- India vs China: कमजोर रुपये से बढ़ा संकट, महंगा हुआ आयात, चीन को मिल रहा बड़ा आर्थिक फायदा

About the Author: Nishant Singh
निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
Leave A Comment

अन्य खबरें