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Gold-Silver Rate Crash: दो दिन में चांदी ₹22,000 सस्ती, सोना भी टूटा, जानें गिरावट की बड़ी वजह
Authored By: Nishant Singh
Published On: Friday, June 19, 2026
Last Updated On: Friday, June 19, 2026
Gold-Silver Rate Crash: सोना और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. मात्र दो दिनों में चांदी 22,000 रुपये प्रति किलोग्राम और सोना 7,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक सस्ता हो गया. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति के बाद बाजार में दबाव बढ़ा, जिससे कीमती धातुओं के दाम टूट गए.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Friday, June 19, 2026
Gold-Silver Rate Crash: पिछले कुछ महीनों से लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे सोना और चांदी के दामों में अब बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है. शुक्रवार को भी दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में कमजोरी जारी रही. खास बात यह है कि सिर्फ दो कारोबारी दिनों के भीतर चांदी करीब 22 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो गई है, जबकि सोने के दाम में भी 7 हजार रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है. ऐसे में जहां खरीदारों के चेहरे खिल गए हैं, वहीं ऊंचे भाव पर निवेश करने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है.
चांदी ने सबसे ज्यादा चौंकाया
इस बार सबसे बड़ा झटका चांदी के बाजार में देखने को मिला है. शुक्रवार को बाजार खुलते ही चांदी के वायदा भाव में करीब 8 हजार रुपये प्रति किलोग्राम की सीधी गिरावट दर्ज हुई. यदि पिछले दो दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो चांदी का भाव 2.51 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से गिरकर लगभग 2.29 लाख रुपये तक पहुंच गया. इसका मतलब है कि दो दिन में चांदी के दाम 22,246 रुपये तक टूट गए. इतनी बड़ी गिरावट आमतौर पर कम ही देखने को मिलती है और यही कारण है कि निवेशकों के बीच चर्चा का माहौल बना हुआ है.
सोने की चमक भी पड़ी फीकी
चांदी के साथ-साथ सोना भी दबाव में दिखाई दिया. शुक्रवार को कारोबार शुरू होने के साथ ही 24 कैरेट सोने की वायदा कीमत लगभग 1.46 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक फिसल गई. एक दिन पहले के मुकाबले इसमें 3 हजार रुपये से अधिक की गिरावट आई. वहीं अगर 17 जून के भाव से तुलना करें तो सोना करीब 7,600 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है. लगातार गिरते दाम यह संकेत दे रहे हैं कि फिलहाल बाजार में मुनाफावसूली और वैश्विक दबाव दोनों का असर दिखाई दे रहा है.
रिकॉर्ड ऊंचाई से काफी नीचे पहुंचा सोना
साल 2026 की शुरुआत में सोने ने नया इतिहास रचते हुए 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर पार कर लिया था. उस समय निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला था. लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. मौजूदा कीमतों को देखें तो सोना अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से करीब 58 हजार रुपये तक नीचे आ चुका है. इससे उन लोगों को राहत मिल सकती है जो लंबे समय से कीमतों में कमी का इंतजार कर रहे थे.
आखिर क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
सोना और चांदी की कीमतों में आई इस तेज गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार की बड़ी भूमिका है. हाल ही में अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने अपनी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. हालांकि फेड अधिकारियों ने यह संकेत जरूर दिया है कि महंगाई का दबाव अभी भी बना हुआ है और भविष्य में ब्याज दरों को बढ़ाया जा सकता है. जब ब्याज दरें ऊंची रहने की संभावना बढ़ती है तो निवेशक सोना-चांदी जैसी संपत्तियों से पैसा निकालकर अन्य निवेश विकल्पों की ओर रुख करने लगते हैं. इसका सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ता है.
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
- चांदी दो दिनों में 22,246 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हुई.
- सोना दो दिनों में 7,600 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा टूटा.
- सोना अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से लगभग 58 हजार रुपये नीचे आ चुका है.
- वैश्विक आर्थिक संकेत फिलहाल कीमती धातुओं पर दबाव बना रहे हैं.
- खरीदारी करने वालों के लिए यह अवसर हो सकता है, लेकिन निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लेना जरूरी है.
निष्कर्ष
सोना और चांदी के बाजार में आई यह बड़ी गिरावट इस बात का संकेत है कि वैश्विक आर्थिक घटनाएं भारतीय बाजार को किस तरह प्रभावित करती हैं. फिलहाल खरीदारों के लिए कीमतों में नरमी राहत लेकर आई है, लेकिन निवेशकों को जल्दबाजी से बचना चाहिए. आने वाले दिनों में अमेरिकी फेड की नीतियां और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियां ही तय करेंगी कि सोना-चांदी फिर से चमकेंगे या गिरावट का यह दौर कुछ समय और जारी रहेगा.
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