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चेक ‘क्लियर’ होने में नहीं लगेंगे दो दिन, कुछ घंटों में ही मिलेंगे पैसे
Authored By: अंशु सिंह
Published On: Friday, August 9, 2024
Last Updated On: Saturday, August 10, 2024
चेक के जरिए लेन-देन करने वालों के लिए अच्छी खबर है। अब चेक का निपटान (Clearing) कुछ ही घंटों में हो जाएगा। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने चेक समाशोधन में लगने वाले समय को कुछ घंटे करने की घोषणा की है। फिलहाल चेक जमा करने से लेकर राशि के बैंक अकाउंट में आने में करीब दो दिन का समय लग जाता है। आरबीआई के गवर्नर ने यह जानकारी दी।
Authored By: अंशु सिंह
Last Updated On: Saturday, August 10, 2024
सीटीएस सिस्टम की प्रक्रिया में बदलाव का प्रस्ताव
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति समिति (mpc) की समीक्षा बैठक में लिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए कहा, ‘चेक समाशोधन को दुरुस्त करने, निपटान जोखिम कम करने और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के मकसद से चेक ट्रंकेशन सिस्टम (cts) की वर्तमान प्रक्रिया में बदलाव का प्रस्ताव है। दास ने बताया कि बैंकों की ओर से अपने ग्राहकों के बारे में ‘क्रेडिट’ सूचना कंपनियों को दी जाने वाली रिपोर्ट हर पखवाड़े देने का प्रस्ताव किया गया है, जो वर्तमान में महीने में एक बार दी जाती है। उन्होंने कहा कि इसके तहत मौजूदा सीटीएस व्यवस्था के तहत ‘बैच’ में प्रोसेसिंग के स्थान पर कारोबारी समय में निरंतर आधार पर समाशोधन की व्यवस्था की जाएगी। दास ने कहा कि नई व्यवस्था में चेक को ‘स्कैन’ किया जाएगा, उसे प्रस्तुत किया जाएगा और कुछ घंटों में समाशोधन किया जाएगा। इससे चेक का समाशोधन कुछ घंटे में हो जाएगा, जबकि अभी दो दिन तक का वक्त लग जाता है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द ही जारी कर दिए जाएंगे।
यूपीआई के जरिए कर भुगतान की सीमा 5 लाख रुपये हुई
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। रिजर्व बैंक ने यूपीआई के जरिए कर भुगतान करने की सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया है।
आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि यूपीआई अपनी सहज सुविधाओं से भुगतान का सबसे पसंदीदा तरीका बन गया है। इसलिए एमपीसी ने यूपीआई के जरिए भुगतान की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी है। फिलहाल यूपीआई के लिए कर भुगतान की सीमा एक लाख रुपये है। इस संबंध में आवश्यक निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे। आरबीआई के अनुसार, यूपीआई का उपयोगकर्ता आधार 42.4 करोड़ पर पहुंच गया है। यूपीआई में ‘डेलिगेटेड पेमेंट्स’ शुरू करने के प्रस्ताव से देशभर में डिजिटल भुगतान की पहुंच और उपयोग में वृद्धि होने की उम्मीद है।
(हिंदुस्तान समाचार के इनपुट्स के साथ)













