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खेती-किसानी और फ्रीज़ ड्राइड फ्रूट्स के बाजार में भाग्य आजमाने उतरे समीर चौधरी
Authored By: गुंजन शांडिल्य
Published On: Monday, September 23, 2024
Last Updated On: Wednesday, November 27, 2024
दिल्ली में सम्पन्न हुए वर्ल्ड फूड फेस्टिवल के दौरान फ्रीज़ ड्राइड फ्रूट्स के बाजार में एक और कंपनी ने कदम रखा है। कामधेनु इंटेरप्राइजेज ने ‘स्नोबाइट’ नाम से कई फलों के फ्रीज़ ड्राइड फ्रूट्स प्रोडक्ट को बाजार में उतारा है। फेस्टिवल में इनके प्रोडक्ट को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है।
Authored By: गुंजन शांडिल्य
Last Updated On: Wednesday, November 27, 2024
इन दिनों देश में प्रोसेस्ड और पैक्ड फूड (Processed and Packaged Foods) का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। इसने मेट्रो सिटी के साथ-साथ छोटे शहरों, कस्बों में भी अपना पैर पसारना शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इससे बचने की सलाह देते हैं। क्योंकि कहीं न कहीं यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। लेकिन इसके उलट फ्रीज़ ड्राइड फ्रूट्स (Freeze Dried Fruits) को लेकर विशेषज्ञों के राय अलग है। यह स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुंचाता है। इसलिए फ्रीज़ ड्राइड फ्रूट्स का बाजार तेजी से बढ़ रहा है।
भारत में कई कंपनियां फ्रीज़ ड्राइड फ्रूट्स का बिजनेस करती हैं। हालांकि इनमें अधिकांश कंपनियां अपने प्रोडक्ट का निर्यात करती हैं। दिल्ली में आज सम्पन्न हुए वर्ल्ड फूड फेस्टिवल के दौरान फ्रीज़ ड्राइड फ्रूट्स के बाजार में एक और कंपनी ने कदम रखा है। कामधेनु इंटेरप्राइजेज (Kamdhenu Enterprises) ने ‘स्नोबाइट’ (SnoBite) नाम से कई फलों के फ्रीज़ ड्राइड फ्रूट्स प्रोडक्ट को बाजार में उतारा है। कामधेनु इंटेरप्राइजेज के प्रेसीडेंट समीर चौधरी के मुताबिक वर्ल्ड फूड फेस्टिवल में उनके प्रोडक्ट को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है।
दरअसल, कुछ साल पहले फ़ार्मिंग (खेती-किसानी) के क्षेत्र में कदम रखा है। इसकी शुरुआत इन्होंने अपने गांव से की। अपनी 12 बीघा भूमि पर इन्होंने स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू की। लेकिन इसकी मार्केटिंग के लिए इन्होंने पारंपरिक तरीका (बाजार में अपना उपज बेचना) अपनाने के बजाय फ्रीज़ ड्राइड फ्रूट्स के बाजार में उतरना बेहतर समझा।
वर्ल्ड फूड फेस्टिवल में इनके ‘स्नोबाइट’ प्रोडक्ट को केन्द्रीय खाद्य एवं प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान ने लॉन्च किया। लॉन्च के बाद उन्होंने भी इनके प्रोडक्ट की सराहना की है। इन्होंने इसकी शुरुआत स्ट्रॉबेरी से की थी लेकिन कामधेनु इंटरप्राइजेज अब स्ट्रॉबेरी के अलावा सेब, केला, कटहल, नाशपाती आदि के भी फ्रीज़ ड्राइड फ्रूट्स को बाजार में उतारा है।

समीर चौधरी (Samir Choudhary) बताते हैं कि हमारा पारिवारिक तेल का बिजनेस है। लेकिन कोरोना महामारी के बाद से धीरे-धीरे खेती की ओर आकर्षण बढ़ा। किसानों की स्थिति के बारे में खबरें पढ़ते रहते थे। इसलिए मैंने सोचा था कि खेती करूंगा तो पारंपरिक खेती नहीं करूंगा। मैंने इसे अपने छोटे से फार्म से शुरू किया। असम के हमारे क्षेत्र में स्ट्रॉबेरी खूब होती है। इसलिए मैंने स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू की। खेती से पहले मेरे फ्रेंड्स और परिचितों ने स्ट्रॉबेरी का कैंडी, जेम्स आदि बनाने का सलाह दिया। मार्केट रिसर्च के बाद मैंने फ्रीज़ ड्राइड फ्रूट्स के क्षेत्र में आने का विचार किया।
इस क्षेत्र में ही क्यों? इस पर समीर चौधरी बताते हैं कि हम लोगों को ताजे फल में पाए जाने वाले सभी पोषक तत्वों के साथ अपना प्रोडक्ट उपलब्ध कराना चाहते थे। इसलिए मैंने फ्रीज़ ड्राइड फ्रूट्स के क्षेत्र में आने का विचार किया। शुरुआत में मैंने अपने फार्म के पास ही एक छोटा यूनिट लगाया। लेकिन मार्केट में आने से पहले एक बड़ा यूनिट लगाया है।
समीर चौधरी बताते हैं कि आज भी अपने देश में बहुत से लोगों को ताजा फल नहीं मिलता है। हमारा प्रयास रहेगा कि ताजे फल न सही लेकिन लोगों को ताजे फलों के स्वाद के साथ-साथ उसमें उपलब्ध सभी पोषक तत्व उनके किचन और डाइनिंग टेबल तक पहुंचा दूं।
दरअसल, फ्रीज़ ड्राइड फ्रूट्स प्रक्रिया में फलों के पोषक तत्व कम नहीं होते हैं। यह स्वाद में ताजे फलों जैसा और कैंडी की तरह कुरकुरे हो जाते हैं। इसे कई सालों तक स्टोर कर रखा जा सकता है। फ्रीज करने के बाद भी इसका स्वाद जस का तस बना रहता है। इसे आइसक्रीम, कैंडी और अन्य चीजों में इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे नाश्ते में, बेकिंग के साथ-साथ व्यंजनों में प्राकृतिक मिठास आदि के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही इस ड्राइड फ्रूट्स को मिक्सी में पीस कर फ्रूट पाउडर भी बनाया जा सकता। फिर इसे डेजर्ट के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।














